मिनीमाता हसदेव बांगो बांध के 9 गेट खोले गए। बांध से कुल 41,080 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जलस्तर 358.60 मीटर यानी 93.65% क्षमता पर पहुंचा। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। लगातार हो रही बारिश और जलग्रहण क्षेत्र से बढ़ती जल आवक के बीच मिनीमाता हसदेव बांगो बांध का जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए बांध प्रबंधन ने बड़ा कदम उठाया है। 16 अगस्त की शाम करीब 4 बजे तक बांध के कुल 9 गेट खोल दिए गए, जिनकी कुल ओपनिंग लगभग 6 मीटर है। बांध से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने हसदेव नदी के किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
41,080 क्यूसेक पानी का कुल डिस्चार्ज
बांध प्रबंधन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, वर्तमान में बांध में 16,700 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। वहीं, जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए बांध के खुले गेटों से 32,080 क्यूसेक तथा जल विद्युत संयंत्र के माध्यम से 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इस प्रकार कुल 41,080 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति और जलग्रहण क्षेत्र में हो रही बारिश पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि पानी की आवक में अचानक वृद्धि होती है तो आवश्यकता के अनुसार डिस्चार्ज की मात्रा में भी बदलाव किया जा सकता है।
बांध का जलस्तर 93.65 प्रतिशत क्षमता पर

वर्तमान में मिनीमाता हसदेव बांगो बांध का जलस्तर 358.60 मीटर दर्ज किया गया है, जो इसकी कुल जलधारण क्षमता का लगभग 93.65 प्रतिशत है। राहत की बात यह है कि पिछले सात घंटे के दौरान जलस्तर में 7 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि पानी छोड़ने की प्रक्रिया का प्रभाव दिखाई देने लगा है।
कब बंद हो सकते हैं गेट?
बांध प्रबंधन के अधिकारियों के अनुसार, यदि जलस्तर 358.32 मीटर तक पहुंच जाता है तो बांध के गेट बंद किए जा सकते हैं। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त पानी केवल जल विद्युत संयंत्र के माध्यम से छोड़ा जाएगा। हालांकि यह निर्णय पूरी तरह मौसम, जल आवक और जलस्तर की स्थिति पर निर्भर करेगा।
नदी किनारे रहने वाले लोग बरतें सावधानी
बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण हसदेव नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों, किसानों, मछुआरों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की लगातार निगरानी
बांध और जल संसाधन विभाग की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। जलस्तर, पानी की आवक और डिस्चार्ज की मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जा रही है ताकि किसी भी संभावित स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। प्रशासन ने कहा है कि यदि आवश्यकता हुई तो समय-समय पर नई सूचना जारी की जाएगी।
