बिलासपुर कलेक्ट्रेट में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने दिशा समिति की बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा की। प्रधानमंत्री आवास, ग्रामीण सड़क, स्वच्छता, जैविक खेती, महिला रोजगार, आयुष्मान कार्ड और स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
बिलासपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) । केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तथा बिलासपुर सांसद तोखन साहू ने बिलासपुर कलेक्ट्रेट में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक लेकर केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी एवं विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, हितग्राहियों को मिल रहे लाभ और जमीनी स्तर पर सामने आ रही समस्याओं की जानकारी अधिकारियों से ली।
मंत्री तोखन साहू ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा माना जाएगा, जब उनका लाभ वास्तविक और पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी से बचने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय रखने तथा स्वीकृत निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर जोर दिया।
पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर

दिशा समिति की बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं समाज के अलग-अलग वर्गों को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं। ऐसे में विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे पात्र लोगों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ें।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय निर्माण, ग्रामीण सड़कों, स्वच्छता, सिंचाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
मंत्री ने यह भी कहा कि योजनाओं की जानकारी केवल सरकारी कार्यालयों तक सीमित न रहे। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाले लाभ की जानकारी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि जानकारी के अभाव में कोई पात्र व्यक्ति सरकारी सहायता से वंचित न रहे।
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए रोजगार बढ़ाने पर फोकस

बैठक में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के मुद्दे पर भी विशेष चर्चा हुई। तोखन साहू ने कहा कि महिला समूहों को केवल समूह गठन तक सीमित रखने के बजाय उन्हें स्थायी आय और रोजगार के अवसरों से जोड़ना जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने और महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जाएं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ परिवारों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री आवास और ग्रामीण सड़कों की समीक्षा
प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर मंत्री ने पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन हितग्राहियों के आवास स्वीकृत हो चुके हैं, उनके निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और जहां निर्माण में किसी कारण से रुकावट आ रही है, वहां संबंधित विभाग समस्या का समाधान करें।
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और संपर्क सुविधा को विकास की बुनियाद बताते हुए उन्होंने ग्रामीण सड़कों से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण केवल लक्ष्य पूरा करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसकी गुणवत्ता और उपयोगिता पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। बारिश या अन्य कारणों से प्रभावित सड़कों की स्थिति पर भी संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
जैविक खेती और विष्णुभोग धान के बेहतर विपणन पर जोर
कृषि क्षेत्र की समीक्षा के दौरान जैविक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने किसानों को टिकाऊ और लाभकारी कृषि पद्धतियों से जोड़ने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों को उत्पादन, प्रसंस्करण और बाजार से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाना चाहिए।
बैठक में विष्णुभोग धान के बेहतर विपणन का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। मंत्री ने इस स्थानीय कृषि उत्पाद को बाजार में बेहतर पहचान और उचित विपणन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास करने पर जोर दिया। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिले, इसके लिए उत्पादन से लेकर बाजार तक की पूरी प्रक्रिया को मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई गई।
स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं की भी हुई समीक्षा
तोखन साहू ने जिले में स्वच्छता से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि स्वच्छता को केवल अभियान के रूप में नहीं, बल्कि नियमित जनभागीदारी से जोड़ना जरूरी है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के साथ लोगों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर उन्होंने जोर दिया।
स्वास्थ्य क्षेत्र की समीक्षा के दौरान टीकाकरण, कुपोषण, टीबी और मलेरिया नियंत्रण जैसे विषयों पर भी अधिकारियों से जानकारी ली गई। मंत्री ने कहा कि बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में विशेष निगरानी आवश्यक है। कुपोषण की समस्या को कम करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों और परिवारों की पहचान कर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाना चाहिए।
उन्होंने टीबी और मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए जांच, उपचार और जागरूकता गतिविधियों को मजबूत करने के निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी रेखांकित की गई।
सभी पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश
बैठक में आयुष्मान भारत योजना पर भी विशेष ध्यान दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में कोई भी पात्र व्यक्ति आयुष्मान कार्ड से वंचित न रहे। उन्होंने पात्र लोगों की पहचान कर उनके कार्ड बनवाने के लिए विशेष अभियान चलाने और ग्रामीण क्षेत्रों में शिविरों के माध्यम से लोगों को सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि जरूरत के समय पात्र परिवारों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा का माध्यम है। इसलिए कार्ड निर्माण की प्रक्रिया को सरल और लोगों के लिए सुलभ बनाया जाना चाहिए।
योजनाओं की नियमित निगरानी जरूरी
केंद्रीय राज्य मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की समीक्षा केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जमीनी स्तर पर योजनाओं का वास्तविक प्रभाव दिखाई देना जरूरी है। इसके लिए विभागीय अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा करें और हितग्राहियों से सीधे संवाद कर योजनाओं की स्थिति की जानकारी लें।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता तीनों महत्वपूर्ण हैं। किसी भी योजना में यदि तकनीकी, प्रशासनिक या अन्य कारणों से अड़चन आती है तो उसका समय रहते समाधान किया जाए।
दिशा समिति की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने की सलाह दी। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में संचालित केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जमीनी स्थिति को समझना और उनकी कमियों को दूर कर अधिक से अधिक पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना रहा।
कुल मिलाकर, बिलासपुर में हुई दिशा समिति की बैठक में आवास, सड़क, स्वच्छता, कृषि, महिला रोजगार और स्वास्थ्य जैसे सीधे तौर पर आम लोगों के जीवन से जुड़े मुद्दों पर विशेष जोर रहा। मंत्री तोखन साहू के निर्देशों से यह स्पष्ट है कि विकास योजनाओं की निगरानी के साथ-साथ उनका वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता में रखा गया है।
