कोरबा के मिनीमाता बांगो जलाशय का जलस्तर लगातार बारिश के कारण बढ़ गया है। जल संसाधन विभाग ने तीन गेट खोलकर 3005 क्यूसेक पानी छोड़ा है। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब प्रमुख जलाशयों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश के महत्वपूर्ण मिनीमाता बांगो जलाशय का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद जल संसाधन विभाग ने एहतियाती कदम उठाते हुए बांध के तीन गेट खोल दिए हैं। इन गेटों के माध्यम से लगभग 3005 क्यूसेक पानी नियंत्रित रूप से छोड़ा जा रहा है, ताकि जलाशय के जलस्तर को सुरक्षित सीमा के भीतर रखा जा सके और भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।
प्रशासन ने जलाशय से छोड़े जा रहे पानी को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें तथा प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।
लगातार बारिश से बढ़ा जलस्तर
पिछले कई दिनों से कोरबा और आसपास के क्षेत्रों में लगातार वर्षा हो रही है। पहाड़ी और कैचमेंट क्षेत्रों में हुई अच्छी बारिश का पानी तेजी से बांगो जलाशय में पहुंच रहा है। इसके कारण जलाशय का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जलस्तर को सुरक्षित बनाए रखने के लिए समय रहते पानी की निकासी शुरू कर दी गई है। फिलहाल तीन गेटों से नियंत्रित मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है, ताकि नीचे बहने वाली नदियों में जल प्रवाह संतुलित बना रहे और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
तीन गेटों से छोड़ा जा रहा 3005 क्यूसेक पानी

विभाग ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए जलाशय के तीन गेट खोलकर करीब 3005 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। यह पूरी प्रक्रिया विशेषज्ञों की निगरानी में की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि बारिश का दौर इसी तरह जारी रहा और जलस्तर में और वृद्धि हुई, तो पानी छोड़ने की मात्रा बढ़ाई जा सकती है। इसलिए नदी के आसपास रहने वाले लोगों को पहले से ही सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
दर्री बांध से भी छोड़ा जा सकता है पानी
जल संसाधन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आवश्यकता महसूस हुई तो दर्री बांध से भी अतिरिक्त पानी छोड़ा जा सकता है। इसके लिए विभाग लगातार मौसम विभाग की रिपोर्ट, जलाशय में आने वाले पानी की मात्रा और जलस्तर की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जलाशयों का समय-समय पर नियंत्रित संचालन बाढ़ जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए बेहद आवश्यक होता है। इसी कारण जल स्तर बढ़ने पर चरणबद्ध तरीके से पानी छोड़ा जाता है।
नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए विशेष सतर्कता
प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों, निचले इलाकों और संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अलर्ट रहने को कहा है।
लोगों से अपील की गई है कि—
- नदी या नालों में न उतरें।
- तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
- बच्चों को नदी किनारे खेलने न जाने दें।
- मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर रखें।
- किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें।
- केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।
प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीमों को भी पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
आपदा प्रबंधन टीम भी अलर्ट मोड पर

संभावित स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस, राजस्व विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें अलर्ट मोड पर रखी गई हैं। संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
स्थानीय प्रशासन ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के माध्यम से लोगों तक सूचना पहुंचा रहा है। कई स्थानों पर मुनादी और सार्वजनिक उद्घोषणा के जरिए भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
मौसम पर लगातार नजर
जल संसाधन विभाग और मौसम विभाग के अधिकारी लगातार वर्षा की स्थिति का आकलन कर रहे हैं। यदि आने वाले दिनों में भारी बारिश जारी रहती है, तो जलाशय में पानी की आवक और बढ़ सकती है।
इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए विभाग ने 24 घंटे निगरानी व्यवस्था लागू की है। जलाशय के गेटों का संचालन भी वास्तविक समय के आंकड़ों के आधार पर किया जा रहा है।
किसानों और आम नागरिकों के लिए राहत भी
विशेषज्ञों का मानना है कि अच्छी बारिश और जलाशयों में पर्याप्त जलभराव भविष्य में सिंचाई और पेयजल व्यवस्था के लिए लाभदायक साबित होगा। हालांकि अत्यधिक वर्षा के दौरान सावधानी बरतना भी उतना ही जरूरी है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पर्याप्त जल उपलब्ध होने से खरीफ फसलों को फायदा मिलेगा, लेकिन नदी किनारे स्थित खेतों में जलभराव की स्थिति बनने पर किसानों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वर्तमान स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से सभी लोगों को सतर्क रहना आवश्यक है। यदि किसी क्षेत्र में जलभराव या तेज बहाव की सूचना मिले तो तुरंत स्थानीय प्रशासन, पुलिस या आपदा प्रबंधन दल को जानकारी दें।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जलाशय और बांधों का संचालन पूरी तरह तकनीकी मानकों के अनुसार किया जा रहा है। इसलिए नागरिक अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें।
लगातार बारिश के चलते मिनीमाता बांगो जलाशय का जलस्तर बढ़ना मानसून की सक्रियता का संकेत है। जल संसाधन विभाग द्वारा समय रहते तीन गेट खोलकर 3005 क्यूसेक पानी छोड़ा जाना एहतियाती और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन की सतर्कता, विभागीय निगरानी और नागरिकों का सहयोग मिलकर किसी भी संभावित जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है। ऐसे समय में सबसे जरूरी है कि लोग नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें तथा प्रशासन द्वारा जारी हर निर्देश का पालन करें।
