कोरबा में तिरंगा यात्रा के दौरान कथित रूप से उल्टा तिरंगा दिखाई देने के मामले पर कांग्रेस ने भाजपा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़े मुद्दे पर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। जानिए पूरा मामला।
कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। कोरबा में आयोजित तिरंगा यात्रा के दौरान राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) के कथित रूप से उल्टा दिखाई देने का मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप लेता नजर आ रहा है। इस मुद्दे को लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर सवाल उठाते हुए कहा है कि राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। कांग्रेस का आरोप है कि यात्रा के दौरान अग्रिम पंक्ति में चल रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल के हाथ में तिरंगा उल्टा दिखाई दे रहा था, लेकिन वहां मौजूद किसी भी जिम्मेदार पदाधिकारी ने तत्काल इस गलती को सुधारने का प्रयास नहीं किया।
कांग्रेस का कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश के सम्मान और राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा से जुड़ा विषय है, जिस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर ने जारी बयान में कहा कि तिरंगा यात्रा में भाजपा के मंडल अध्यक्ष, वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे। उनके अनुसार यात्रा के दौरान सबसे आगे चल रहे नेताओं के बीच राष्ट्रीय ध्वज उल्टी स्थिति में दिखाई दिया।
राठौर ने कहा कि यदि इतनी बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे तो किसी ने भी इस गलती पर ध्यान क्यों नहीं दिया। उनका कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों की समान जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि तिरंगे का सम्मान केवल औपचारिकता नहीं बल्कि प्रत्येक भारतीय का संवैधानिक और नैतिक दायित्व है। ऐसे में यदि किसी कार्यक्रम में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न होती है तो उसे तत्काल सुधारना चाहिए।
सोशल मीडिया से तस्वीरें और वीडियो हटाने का आरोप
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया है कि मामला सामने आने के बाद तिरंगा यात्रा से संबंधित कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिए गए।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि कोई गलती नहीं हुई थी तो फिर संबंधित फोटो और वीडियो हटाने की आवश्यकता क्यों महसूस हुई। पार्टी ने दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
हालांकि, कांग्रेस के इस आरोप पर भाजपा की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
तिरंगे का सम्मान सर्वोपरि
कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि तिरंगा केवल कपड़े का एक टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह भारत की एकता, अखंडता, स्वतंत्रता और करोड़ों देशवासियों की भावनाओं का प्रतीक है। देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की याद भी तिरंगे से जुड़ी हुई है।
राठौर ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से अपील की कि राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े नियमों का पालन पूरी गंभीरता से करें।
राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर स्पष्ट हैं नियम
भारत में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों, सरकारी आयोजनों और राष्ट्रीय पर्वों के दौरान तिरंगे को निर्धारित नियमों के अनुसार ही फहराया और प्रदर्शित किया जाता है।
राष्ट्रीय ध्वज की सही दिशा, उसकी स्थिति और सम्मान से जुड़े नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तिरंगे की गरिमा किसी भी परिस्थिति में प्रभावित न हो। इसलिए किसी भी कार्यक्रम में ध्वज के उपयोग के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपेक्षा की जाती है।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि किसी आयोजन में अनजाने में भी कोई त्रुटि हो जाए तो उसे तुरंत सुधारना जिम्मेदार आयोजकों का दायित्व होता है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
यह मामला सामने आने के बाद जिले की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। कांग्रेस इसे राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए भाजपा को घेर रही है, जबकि भाजपा की ओर से अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि स्वतंत्रता दिवस से पहले तिरंगा यात्रा जैसे आयोजनों का उद्देश्य देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश देना होता है। ऐसे में यदि राष्ट्रीय ध्वज को लेकर किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न होता है तो वह स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन जाता है।
जनभावनाओं से जुड़ा विषय
कोरबा सहित पूरे देश में तिरंगा लोगों की भावनाओं से जुड़ा प्रतीक माना जाता है। राष्ट्रीय पर्वों, सरकारी कार्यक्रमों और सामाजिक आयोजनों में नागरिक पूरे सम्मान के साथ तिरंगा लेकर भाग लेते हैं।
ऐसे में किसी भी प्रकार की कथित लापरवाही पर राजनीतिक प्रतिक्रिया होना भी स्वाभाविक माना जा रहा है। अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि इस पूरे मामले पर भाजपा की ओर से क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है और क्या संबंधित आरोपों पर कोई स्पष्टीकरण जारी किया जाता है।
भाजपा का पक्ष इस समाचार में कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। समाचार प्रकाशित किए जाने तक भाजपा की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी थी। यदि भाजपा अपना पक्ष जारी करती है तो उसे भी समाचार में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।
