छत्तीसगढ़ के मिनीमाता बांगो जलाशय का जलस्तर 89.55 प्रतिशत तक पहुंच गया है। लगातार बढ़ रही पानी की आवक के चलते कभी भी बांध के गेट खोले जा सकते हैं। प्रशासन ने हसदेव नदी किनारे रहने वाले लोगों, उद्योगों और खदान संचालकों को अलर्ट जारी किया है। जानिए पूरी खबर।
कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश का असर अब प्रदेश के प्रमुख जलाशयों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कोरबा जिले स्थित मिनीमाता बांगो जलाशय में लगातार बढ़ रही पानी की आवक के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान स्थिति में जलाशय अपनी कुल भंडारण क्षमता का 89.55 प्रतिशत भर चुका है। जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही और जलभराव में और वृद्धि हुई तो कभी भी बांगो बांध के गेट खोले जा सकते हैं।
जल संसाधन विभाग की ओर से जारी इस सूचना के बाद हसदेव नदी के किनारे बसे गांवों, औद्योगिक इकाइयों, खदान संचालकों और नदी तट के आसपास रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें।
89.55 प्रतिशत तक पहुंचा जलाशय का जलभराव

मिनीमाता बांगो जलाशय के कार्यपालन अभियंता एस.के. भारती के अनुसार वर्तमान में जलाशय का जलभराव 89.55 प्रतिशत दर्ज किया गया है। लगातार बारिश के कारण जलग्रहण क्षेत्र से बड़ी मात्रा में पानी जलाशय में पहुंच रहा है। यदि आने वाले घंटों या दिनों में पानी की आवक इसी गति से जारी रहती है तो जलाशय की सुरक्षा और जल प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए बांध के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े जलाशयों में जलस्तर निर्धारित सीमा के करीब पहुंचने पर नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा जाना सामान्य प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य बांध की संरचनात्मक सुरक्षा बनाए रखना और अत्यधिक दबाव की स्थिति से बचना होता है।
हसदेव नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्क रहने की अपील
जल संसाधन विभाग ने हसदेव नदी के किनारे रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि यदि बांध के गेट खोले जाते हैं तो नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले परिवार, किसान और पशुपालक किसी भी प्रकार का जोखिम न लें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नदी के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग अपने मवेशियों, कृषि उपकरणों, वाहनों और अन्य आवश्यक सामान को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें ताकि अचानक पानी बढ़ने की स्थिति में नुकसान से बचा जा सके।
खनिज खदानों और औद्योगिक इकाइयों को भी जारी हुआ अलर्ट
जल संसाधन विभाग ने केवल आम नागरिकों ही नहीं बल्कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में संचालित खनिज खदानों, औद्योगिक इकाइयों, संस्थानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी अलर्ट जारी किया है।
इन सभी संस्थानों से कहा गया है कि वे अपनी मशीनरी, वाहन, कच्चा माल, तैयार उत्पाद तथा अन्य मूल्यवान परिसंपत्तियों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर लें। विभाग का मानना है कि पूर्व तैयारी से संभावित आर्थिक नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
चल-अचल संपत्तियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की सलाह
जल संसाधन विभाग ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपनी चल एवं अचल संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने कहा है कि यदि पानी छोड़ा जाता है तो नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पहले से तैयारी करना आवश्यक है।
विशेष रूप से किसानों से अपील की गई है कि वे नदी किनारे रखी कृषि सामग्री, पंप, ट्रैक्टर, खाद-बीज तथा अन्य उपकरणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें।
गांवों में मुनादी कर लोगों को किया जाएगा सतर्क
संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कार्यपालन अभियंता ने हसदेव नदी के किनारे स्थित गांवों में बाढ़ चेतावनी की मुनादी कराने के निर्देश भी जारी किए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति तक समय पर सूचना पहुंचे और लोग किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान देने के बजाय प्रशासन की आधिकारिक सूचना का पालन करें।
ग्रामीणों से कहा गया है कि यदि प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए जाएं तो उनका तुरंत पालन करें।
जल संसाधन विभाग ने जारी की महत्वपूर्ण चेतावनी
कार्यपालन अभियंता एस.के. भारती ने कहा है कि यदि बांध से अतिरिक्त पानी छोड़ा जाता है और उसके कारण अचानक बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो उससे होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति के लिए जल संसाधन विभाग उत्तरदायी नहीं होगा।
इसलिए सभी नागरिकों, उद्योगों, खदान संचालकों और संबंधित संस्थानों से अपील की गई है कि वे जारी चेतावनी को गंभीरता से लें और समय रहते आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाएं।
प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें, आधिकारिक सूचना पर ही करें भरोसा
जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें। बांध के गेट खोलने से संबंधित आधिकारिक जानकारी विभाग और जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी की जाएगी।
यदि गेट खोले जाते हैं तो संबंधित क्षेत्रों में पहले से सूचना प्रसारित की जाएगी ताकि लोग सुरक्षित स्थानों पर जा सकें और किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान से बचा जा सके।
बारिश जारी रहने पर बढ़ सकती है स्थिति की गंभीरता
मौसम में लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जलग्रहण क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहती है तो जलाशय का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में जल प्रबंधन के तहत बांध के गेट खोलना आवश्यक हो सकता है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें तथा प्रशासन की सलाह का पूरी तरह पालन करें।
