मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, चिकित्सा अधोसंरचना को मजबूत करने, जनजातीय क्षेत्रों में बेहतर इलाज और केंद्र की स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की।
नई दिल्ली (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) में हुई अहम मुलाकात, स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर बनी भविष्य की रणनीति छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा से सौजन्य मुलाकात कर राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस बैठक में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, चिकित्सा अधोसंरचना को मजबूत बनाने, केंद्र सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए आवश्यक कदमों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक को राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को, चाहे वह शहर में रहता हो या सुदूर वनांचल में, समय पर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो।
अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से चर्चा के दौरान कहा कि राज्य सरकार “सबका साथ, सबका विकास” की भावना के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल अस्पतालों का निर्माण करना नहीं, बल्कि ऐसी मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करना है जिससे प्रदेश का अंतिम व्यक्ति भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठा सके।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में भी समान रूप से चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों पर विशेष फोकस

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से बस्तर, सरगुजा और अन्य दूरस्थ जनजातीय अंचलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, विशेषज्ञ डॉक्टरों, पर्याप्त स्वास्थ्य कर्मियों तथा बेहतर अस्पतालों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया।
जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अक्सर गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। राज्य सरकार का प्रयास है कि ऐसी परिस्थितियों को कम किया जाए और जिला एवं सामुदायिक स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
चिकित्सा अधोसंरचना को मिलेगा और बल
बैठक में राज्य की चिकित्सा अधोसंरचना को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा हुई। इसमें अस्पतालों के उन्नयन, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, स्वास्थ्य संस्थानों की क्षमता बढ़ाने तथा नई स्वास्थ्य परियोजनाओं को गति देने जैसे विषय शामिल रहे।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत अधोसंरचना केवल इलाज की गुणवत्ता ही नहीं बढ़ाती, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में भी मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
मुख्यमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के बीच हुई चर्चा में केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विचार किया गया। राज्य में इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे, इसके लिए समन्वय बढ़ाने और आवश्यक सहयोग पर भी चर्चा हुई।
बैठक के दौरान यह भी देखा गया कि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक किस प्रकार अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सकता है, ताकि पात्र नागरिकों को समय पर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर
राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ चिकित्सकों, विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता बढ़ाने पर भी लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केवल भवन और उपकरण पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि प्रशिक्षित मानव संसाधन भी उतना ही आवश्यक है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने से गंभीर बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर ही संभव होगा, जिससे मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक एवं मानसिक बोझ कम होगा।
आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में बढ़ता छत्तीसगढ़
पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीकों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा देने पर लगातार कार्य कर रही है। डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं, बेहतर अस्पताल प्रबंधन, आधुनिक जांच सुविधाओं तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी प्रयास जारी हैं।
नई दिल्ली में हुई यह बैठक भविष्य की स्वास्थ्य योजनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यदि केंद्र और राज्य सरकार के बीच इसी प्रकार समन्वय बना रहता है तो आने वाले समय में प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में और अधिक सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
जनकल्याण को केंद्र में रखकर आगे बढ़ रही सरकार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वास्थ्य केवल एक सेवा नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है। राज्य सरकार इसी सोच के साथ कार्य कर रही है कि प्रदेश का कोई भी व्यक्ति उपचार के अभाव में परेशान न हो।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और मजबूत होगा तथा विशेष रूप से जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलेगा। नई दिल्ली में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा के बीच हुई यह मुलाकात छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने, डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने तथा बस्तर, सरगुजा सहित दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में यह बैठक भविष्य की योजनाओं का आधार बन सकती है। राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है कि विकास तभी सार्थक होगा जब प्रदेश का प्रत्येक नागरिक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ सके।
