कोरबा के कटघोरा विकासखंड में बुंदेली-सुतर्रा मुख्य मार्ग की जर्जर सड़क और क्षतिग्रस्त पुल के विरोध में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने चार घंटे तक चक्काजाम किया। सड़क निर्माण और पुल मरम्मत की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन हुआ।
कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) । कोरबा जिले के कटघोरा विकासखंड अंतर्गत बुंदेली-सुतर्रा मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति और क्षतिग्रस्त पुल को लेकर लंबे समय से चली आ रही नाराजगी आखिरकार रविवार को सड़क पर उतर आई। क्षेत्र के ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं, मजदूरों और स्थानीय नागरिकों ने जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के नेतृत्व में व्यापक विरोध प्रदर्शन करते हुए करीब चार घंटे तक चक्काजाम किया। प्रदर्शन के दौरान सड़क पर बैठकर शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और वर्षों से लंबित सड़क व पुल की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग उठाई गई।
इस आंदोलन के कारण बांकी मोंगरा-सुतर्रा मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सड़क के दोनों ओर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों, स्कूली बच्चों, मरीजों और अन्य वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक प्रशासन उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं देगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीणों का आरोप— वर्षों से उपेक्षित है मुख्य मार्ग
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने बताया कि बुंदेली-सुतर्रा मुख्य मार्ग क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से किसान अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाते हैं, छात्र-छात्राएं स्कूल और कॉलेज जाते हैं, जबकि मरीजों को अस्पताल तक ले जाने के लिए भी यही सड़क प्रमुख साधन है।
लेकिन लंबे समय से सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। बरसात के मौसम में ये गड्ढे पानी से भर जाते हैं, जिससे सड़क और गड्ढे में अंतर करना मुश्किल हो जाता है। कई बार दोपहिया वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं और चारपहिया वाहनों को भी इस मार्ग से गुजरने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मरम्मत के नाम पर केवल औपचारिकताएं निभाई गईं, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
क्षतिग्रस्त पुल बना दुर्घटनाओं का कारण
ग्रामीणों ने सड़क के साथ-साथ मार्ग पर स्थित क्षतिग्रस्त पुल की समस्या को भी गंभीर बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पुल की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
बरसात के दौरान पुल के आसपास पानी भर जाने से खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में स्थानीय लोगों को हर दिन जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि पुल का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और नए पुल का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाए।
चार घंटे तक ठप रहा आवागमन
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर बैठ गए, जिससे मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। लगभग चार घंटे तक चले चक्काजाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
इस दौरान कई यात्रियों को पैदल अपने गंतव्य तक जाना पड़ा, जबकि कुछ वाहन चालक वैकल्पिक मार्गों की तलाश करते नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह विरोध केवल सड़क और पुल की समस्या तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्षों से क्षेत्र की अनदेखी के खिलाफ भी है।
शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर हुई नारेबाजी

आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते हुए आरोप लगाया कि कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों को सड़क और पुल की स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते सड़क और पुल का निर्माण कराया गया होता तो लोगों को आंदोलन करने की नौबत नहीं आती। उनका कहना था कि विकास के दावे तभी सार्थक होंगे, जब गांवों को सुरक्षित और बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने उठाई तत्काल कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने कहा कि यह आंदोलन जनता की बुनियादी सुविधाओं को लेकर किया गया है। पार्टी का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और पुल जैसी मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने मांग रखी कि—
- बुंदेली-सुतर्रा मुख्य मार्ग की तत्काल मरम्मत शुरू की जाए।
- क्षतिग्रस्त पुल का निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए।
- सड़क निर्माण की समय-सीमा सार्वजनिक की जाए।
- भविष्य में ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए नियमित निगरानी व्यवस्था बनाई जाए।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द ही सड़क और पुल निर्माण को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि वे कई वर्षों से इस समस्या को झेल रहे हैं और अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम शुरू होते देखना चाहते हैं। उनका मानना है कि सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाएं किसी भी क्षेत्र के विकास की पहली आवश्यकता होती हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें विकास की आधारशिला
विशेषज्ञों का भी मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि कृषि, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से भी सीधे जुड़ी होती हैं। खराब सड़कें न केवल आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित करती हैं बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ाती हैं।
कटघोरा विकासखंड के बुंदेली-सुतर्रा मार्ग की स्थिति भी इसी चुनौती को सामने लाती है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस जनआंदोलन के बाद संबंधित विभाग और प्रशासन जल्द आवश्यक कदम उठाएंगे ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।
