कोरबा के बरबसपुर में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं ने घरेलू हिंसा, छेड़खानी और सामाजिक सुरक्षा का हवाला देते हुए प्रशासन से दुकान का प्रस्ताव रद्द करने की मांग की।
कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर विरोध शुरू हो गया है। शहर के प्रवेश द्वार बरबसपुर क्षेत्र में शराब दुकान खोले जाने की योजना के सामने आते ही स्थानीय लोगों, खासकर महिलाओं में नाराजगी देखने को मिल रही है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में महिलाएं प्रस्तावित शराब दुकान स्थल पर पहुंचीं और प्रशासन के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
महिलाओं ने एकजुट होकर कहा कि रिहायशी इलाके और शहर के मुख्य प्रवेश मार्ग के पास शराब दुकान खोलना क्षेत्र के सामाजिक वातावरण के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि प्रस्तावित शराब दुकान के फैसले को तत्काल वापस लिया जाए।
विरोध प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने कहा कि शराब की उपलब्धता बढ़ने से क्षेत्र में कई तरह की सामाजिक समस्याएं पैदा हो सकती हैं। उनका कहना है कि शराब के सेवन के कारण पहले से ही कई परिवार परेशान हैं और इसका सीधा असर महिलाओं तथा बच्चों के जीवन पर पड़ता है।
महिलाओं का आरोप- शराब से बढ़ती हैं पारिवारिक परेशानियां
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कहा कि शराब के कारण कई परिवार आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नशे की आदत के चलते कई घरों में विवाद की स्थिति बनती है और इसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ता है।
महिलाओं का कहना है कि शराब दुकान खुलने के बाद आसपास शराब पीने वालों की संख्या बढ़ सकती है, जिससे क्षेत्र का माहौल खराब होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि बरबसपुर जैसे क्षेत्र में जहां लोग परिवार के साथ रहते हैं, वहां शराब दुकान खोलने का निर्णय उचित नहीं है।
एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा कि शराब के कारण घरेलू हिंसा जैसी घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिलती है। अगर क्षेत्र में शराब दुकान शुरू हो जाती है तो महिलाओं की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
‘बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता’
विरोध कर रही महिलाओं ने केवल घरेलू समस्याओं का ही मुद्दा नहीं उठाया, बल्कि सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उनका कहना है कि शराब दुकान के आसपास असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ सकती है, जिससे महिलाओं और बच्चियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
महिलाओं ने कहा कि स्कूल जाने वाली बच्चियों, कामकाजी महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को इस प्रस्ताव पर दोबारा विचार करना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि शराब दुकान खुलने के बाद क्षेत्र में किसी महिला या बच्ची के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? महिलाओं का कहना है कि प्रशासन को लोगों की सुरक्षा और सामाजिक हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
शहर के प्रवेश द्वार पर शराब दुकान को लेकर नाराजगी

बरबसपुर कोरबा शहर का महत्वपूर्ण प्रवेश क्षेत्र माना जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के प्रवेश द्वार पर शराब दुकान खोलने से क्षेत्र की छवि भी प्रभावित हो सकती है।
महिलाओं ने कहा कि शहर के विकास और बेहतर माहौल के लिए जरूरी है कि ऐसे स्थानों पर जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाए। उनका कहना है कि प्रशासन को स्थानीय लोगों की राय के बिना कोई भी फैसला नहीं लेना चाहिए।
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे बरबसपुर में शराब दुकान खुलने का विरोध जारी रखेंगी और जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर आंदोलन भी किया जाएगा।
प्रशासन से प्रस्ताव रद्द करने की मांग

महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि प्रस्तावित शराब दुकान की अनुमति को रद्द किया जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की भावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
महिलाओं का कहना है कि सरकार और प्रशासन को राजस्व के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों पर भी ध्यान देना चाहिए। उनका तर्क है कि किसी भी इलाके में दुकान खोलने से पहले वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा, सुविधा और सामाजिक प्रभाव का आकलन किया जाना चाहिए।
विरोध के दौरान महिलाओं ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की और कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
स्थानीय लोगों में भी बढ़ रहा विरोध
बरबसपुर में शराब दुकान के प्रस्ताव को लेकर केवल महिलाएं ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पहले से ही यातायात और सुरक्षा से जुड़ी कई चुनौतियां हैं। ऐसे में शराब दुकान खुलने से नई समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि जनहित को देखते हुए इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जाए। उनका कहना है कि विकास का मतलब केवल सुविधाओं का विस्तार नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना भी है।
महिलाओं का आंदोलन आगे भी जारी रहने के संकेत
बरबसपुर की महिलाओं ने साफ कर दिया है कि वे अपने क्षेत्र में शराब दुकान खोलने के फैसले का विरोध करेंगी। महिलाओं का कहना है कि यह लड़ाई केवल एक दुकान के खिलाफ नहीं, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक माहौल और आने वाली पीढ़ी की सुरक्षा के लिए है।
अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस विरोध के बाद क्या कदम उठाता है। फिलहाल बरबसपुर में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है और स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन के अगले निर्णय पर टिकी हुई है।
