हेल्थ डेस्क।(वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)
सर्दियों का मौसम आते ही ठंडी और शुष्क हवा का असर त्वचा पर दिखाई देने लगता है। गर्मियों की तुलना में इस मौसम में त्वचा जल्दी रूखी, खिंची हुई और बेजान महसूस हो सकती है। कई लोगों के चेहरे, हाथ-पैर और होंठों पर सूखापन बढ़ जाता है, जबकि कुछ लोगों को खुजली, पपड़ी या त्वचा में दरार जैसी समस्या भी होने लगती है। ऐसे में सर्दियों के मौसम में त्वचा की देखभाल के तरीके में थोड़ा बदलाव करना जरूरी हो जाता है।
दरअसल, ठंडी और कम नमी वाली हवा त्वचा की प्राकृतिक नमी को कम कर सकती है। इसके अलावा बहुत गर्म पानी से नहाना, लंबे समय तक गर्म पानी में रहना और त्वचा के अनुकूल न होने वाले साबुन का इस्तेमाल भी रूखापन बढ़ा सकता है। अच्छी बात यह है कि रोजमर्रा की कुछ आसान आदतों में बदलाव करके त्वचा को काफी हद तक मुलायम और स्वस्थ रखा जा सकता है।
बहुत गर्म पानी से न नहाएं
सर्दियों में गर्म पानी से नहाना काफी आरामदायक लगता है, लेकिन बहुत गर्म पानी त्वचा के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे त्वचा की प्राकृतिक चिकनाई और नमी कम हो सकती है, जिसके कारण नहाने के बाद त्वचा अधिक सूखी और खिंची हुई महसूस होती है।
इसलिए नहाने के लिए बहुत गर्म पानी के बजाय गुनगुने पानी का इस्तेमाल करना बेहतर है। साथ ही लंबे समय तक गर्म पानी में रहने से बचना चाहिए। नहाने के बाद तौलिए से त्वचा को जोर से रगड़ने के बजाय हल्के हाथ से थपथपाकर सुखाना चाहिए।
नहाने के तुरंत बाद लगाएं मॉइस्चराइजर
सर्दियों में त्वचा की देखभाल का सबसे जरूरी हिस्सा मॉइस्चराइजिंग है। नहाने या चेहरा धोने के बाद त्वचा पूरी तरह सूखने से पहले मॉइस्चराइजर लगाने से त्वचा में नमी को बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
बहुत ज्यादा रूखी त्वचा वाले लोग अपेक्षाकृत गाढ़ी क्रीम या मॉइस्चराइजिंग लोशन का इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं चेहरे पर ऐसा उत्पाद चुनना बेहतर है जो आपकी त्वचा के प्रकार के अनुकूल हो।
यदि किसी उत्पाद को लगाने के बाद जलन, लालिमा या खुजली होने लगे तो उसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।
चेहरे की सफाई में भी रखें सावधानी
सर्दियों में बार-बार चेहरा धोने या बहुत कठोर साबुन का इस्तेमाल करने से त्वचा और ज्यादा रूखी हो सकती है। इसलिए चेहरे की सफाई के लिए हल्के क्लेंजर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
चेहरा धोने के बाद तुरंत मॉइस्चराइजर लगाना भी उपयोगी रहता है। यदि आपकी त्वचा पहले से ही बहुत संवेदनशील या रूखी है, तो नए स्किन केयर उत्पाद को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले थोड़ी मात्रा में इस्तेमाल करके उसकी प्रतिक्रिया देखना बेहतर है।
होंठों को न भूलें
सर्दियों में होंठों का फटना बेहद आम समस्या है। ठंडी हवा और कम नमी के कारण होंठ जल्दी सूख सकते हैं। बार-बार होंठों पर जीभ फेरने की आदत भी सूखापन बढ़ा सकती है।
इससे बचने के लिए दिन में कई बार लिप बाम या पेट्रोलियम जेली आधारित मॉइस्चराइजिंग उत्पाद लगाया जा सकता है। रात में सोने से पहले भी होंठों पर मॉइस्चराइजिंग बाम लगाना उपयोगी हो सकता है।
यदि होंठ लगातार फट रहे हों, खून निकल रहा हो या घाव ठीक नहीं हो रहा हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
हाथ-पैरों की विशेष देखभाल जरूरी
सर्दियों में हाथों और पैरों की त्वचा भी तेजी से सूखती है। बार-बार साबुन या डिटर्जेंट के संपर्क में आने से हाथों का रूखापन बढ़ सकता है। इसलिए हाथ धोने के बाद मॉइस्चराइजर लगाना अच्छी आदत है।
रात में सोने से पहले हाथों और पैरों पर गाढ़ी मॉइस्चराइजिंग क्रीम लगाई जा सकती है। एड़ियां बहुत ज्यादा फटती हैं तो उन्हें नियमित रूप से मॉइस्चराइज रखना जरूरी है। बहुत गहरी दरार, दर्द, सूजन या खून आने की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेना चाहिए।
सर्दियों में सनस्क्रीन भी जरूरी
कई लोग मानते हैं कि सनस्क्रीन केवल गर्मियों में लगाना जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं है। सर्दियों में भी सूर्य की पराबैंगनी किरणों से त्वचा प्रभावित हो सकती है।
यदि दिन में लंबे समय तक बाहर रहना हो तो त्वचा के खुले हिस्सों पर उपयुक्त ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल किया जा सकता है। चेहरे के अलावा गर्दन और हाथों जैसे खुले हिस्सों को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
पर्याप्त पानी पीना न भूलें
ठंड के मौसम में प्यास कम लग सकती है, लेकिन शरीर को पर्याप्त तरल की जरूरत बनी रहती है। इसलिए सर्दियों में भी नियमित रूप से पानी पीना जरूरी है।
सिर्फ त्वचा को बाहर से मॉइस्चराइज करना ही पर्याप्त नहीं है। संतुलित भोजन और पर्याप्त तरल पदार्थ शरीर के सामान्य स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी हैं। मौसमी फल, सब्जियां, दालें, अनाज, मेवे और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ संतुलित आहार का हिस्सा बनाए जा सकते हैं।
कमरे की हवा बहुत ज्यादा सूखी हो तो क्या करें?
सर्दियों में लगातार हीटर या ब्लोअर चलाने से कमरे की हवा शुष्क हो सकती है, जिससे त्वचा में रूखापन और बढ़ सकता है। यदि घर का वातावरण बहुत सूखा महसूस हो तो कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन रखना और जरूरत के अनुसार ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करना मददगार हो सकता है।
हालांकि ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करते समय उसकी सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है, ताकि उसमें फंगस या अन्य सूक्ष्मजीव न पनपें।
ऊनी कपड़े सीधे त्वचा पर पहनने से बचें
कुछ लोगों की त्वचा संवेदनशील होती है और ऊनी कपड़े सीधे त्वचा के संपर्क में आने से खुजली या जलन हो सकती है। ऐसे में त्वचा और ऊनी कपड़े के बीच सूती कपड़े की एक परत रखना बेहतर विकल्प हो सकता है।
बहुत ज्यादा खुजली होने पर त्वचा को बार-बार खुजलाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे त्वचा पर चोट या संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
सामान्य रूखी त्वचा अक्सर नियमित मॉइस्चराइजिंग और उचित देखभाल से बेहतर हो जाती है। लेकिन यदि त्वचा में लगातार खुजली, तेज लालिमा, सूजन, दर्द, गहरी दरार, खून आना, घाव या संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई दें और घरेलू देखभाल से सुधार न हो, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ या चिकित्सक से सलाह लेना चाहिए।
खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से त्वचा संबंधी समस्या वाले लोगों को लगातार बने रहने वाले लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सर्दियों में त्वचा की देखभाल का आसान फॉर्मूला
सर्दियों में त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए बहुत लंबी स्किन केयर रूटीन की जरूरत नहीं है। कुछ बुनियादी आदतों को नियमित करना ज्यादा महत्वपूर्ण है—गुनगुने पानी से नहाना, कठोर साबुन से बचना, नहाने के बाद मॉइस्चराइजर लगाना, होंठों को मॉइस्चराइज रखना, पर्याप्त पानी पीना और बाहर निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना।
याद रखें, हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है। किसी दूसरे व्यक्ति पर अच्छा काम करने वाला उत्पाद जरूरी नहीं कि आपकी त्वचा के लिए भी सही हो। यदि त्वचा बेहद संवेदनशील है या कोई समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
नोट: यह लेख सामान्य त्वचा देखभाल की जानकारी के लिए है। लगातार या गंभीर त्वचा संबंधी समस्या होने पर योग्य चिकित्सक या त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
