रायपुर।(वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) छत्तीसगढ़ के बैडमिंटन प्रेमियों और खेल जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। राजधानी रायपुर के युवा बैडमिंटन खिलाड़ी दिव्यांश अग्रवाल का चयन बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप 2026 के लिए भारतीय टीम में हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दिव्यांश मिश्रित युगल वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनके चयन की खबर सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ के खेल क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
दिव्यांश का चयन ऐसे समय हुआ है, जब छत्तीसगढ़ में बैडमिंटन सहित विभिन्न खेलों में युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने की कोशिशें तेज हुई हैं। अगस्त 2026 में घोषित राज्य खेल अलंकरणों की सूची में भी दिव्यांश अग्रवाल को वर्ष 2025-26 के लिए शहीद कौशल यादव पुरस्कार के लिए बैडमिंटन वर्ग में चयनित किया गया था। इससे उनके खेल सफर और राज्य स्तर पर प्रदर्शन को मिली पहचान का भी पता चलता है।
भारतीय टीम में मिली अहम जिम्मेदारी
बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप 2026 के लिए भारतीय बैडमिंटन संघ ने 18 सदस्यीय भारतीय दल की घोषणा की है। टीम का चयन 18 से 21 सितंबर 2026 के बीच गुवाहाटी स्थित नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आयोजित चयन ट्रायल के आधार पर किया गया। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे जूनियर खिलाड़ियों के बीच हुए इन ट्रायल के प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम तय की गई।
दिव्यांश अग्रवाल को मिश्रित युगल वर्ग में जगह मिली है। उनके साथ वर्णा प्रभुानंद जोड़ी बनाएंगी। इसी वर्ग की दूसरी भारतीय जोड़ी योगांश सिंह और आन्या बिष्ट की होगी। इस तरह दिव्यांश को देश के चुनिंदा जूनियर खिलाड़ियों के बीच अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिला है।
भारतीय दल में बालक एकल, बालिका एकल, बालक युगल, बालिका युगल और मिश्रित युगल के खिलाड़ी शामिल हैं। बालक एकल वर्ग में निश्चल चंद, देव रूपारेलिया, जगशेर सिंह खंगुरा और अखिल रेड्डी बोब्बा को जगह मिली है, जबकि बालिका एकल में पारुल चौधरी, तन्वी रेड्डी, शायना मणिमुथु और तन्वी पात्री भारतीय चुनौती पेश करेंगी।
मिस्र के काहिरा में होगा विश्व जूनियर चैंपियनशिप का आयोजन
वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप 2026 का आयोजन मिस्र की राजधानी काहिरा में किया जाएगा। प्रतियोगिता का टीम चरण यानी सुहंदिनाता कप 5 से 10 अक्टूबर 2026 तक होगा। इसके बाद 11 से 17 अक्टूबर तक व्यक्तिगत मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। इस प्रतियोगिता में दुनिया के विभिन्न देशों के उभरते जूनियर बैडमिंटन खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
भारतीय टीम को टीम स्पर्धा के लिए ग्रुप डी-1 में पेरू और ब्राजील के साथ रखा गया है। भारत को आगे बढ़ने के लिए ग्रुप चरण में महत्वपूर्ण मुकाबले खेलने होंगे। प्रतियोगिता में भारत पांचवीं वरीयता के साथ उतर रहा है, जबकि पिछले टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने कांस्य पदक हासिल किया था।
चैंपियनशिप से पहले विशेष प्रशिक्षण शिविर
काहिरा जाने से पहले भारतीय टीम की तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए गुवाहाटी स्थित नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में विशेष विश्व जूनियर शिविर आयोजित किया जा रहा है। यह शिविर 25 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक चल रहा है। ऐसे में रायपुर के दिव्यांश अग्रवाल को भी इस प्रशिक्षण चरण में देश के शीर्ष जूनियर खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के साथ तैयारी करने का अवसर मिल रहा है।
इस तरह की तैयारी किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि खिलाड़ियों को केवल अपनी व्यक्तिगत तकनीक पर ही नहीं, बल्कि जोड़ी के तालमेल, मैच रणनीति और उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा के दबाव के अनुरूप खुद को तैयार करना होता है। दिव्यांश के लिए मिश्रित युगल वर्ग में यह अंतरराष्ट्रीय अनुभव आगे के खेल करियर की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण चरण हो सकता है।
छत्तीसगढ़ के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह चयन?
छत्तीसगढ़ लंबे समय से क्रिकेट, हॉकी, तीरंदाजी, कबड्डी, शूटिंग और बैडमिंटन जैसे खेलों में प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयास कर रहा है। हाल के राज्य खेल अलंकरणों में भी अलग-अलग खेलों के खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया है। ऐसे वातावरण में किसी खिलाड़ी का जूनियर विश्व चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में चयन होना राज्य के खेल पारिस्थितिकी तंत्र के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है।
दिव्यांश अग्रवाल का चयन खास तौर पर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह रायपुर से आते हैं और उन्हें राज्य के जूनियर स्तर से राष्ट्रीय और अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अवसर मिला है। इस उपलब्धि से प्रदेश के उन खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिल सकती है जो सीमित संसाधनों के बीच प्रशिक्षण लेकर बड़े टूर्नामेंट का सपना देख रहे हैं।
हालांकि किसी खिलाड़ी की सफलता केवल एक चयन से तय नहीं होती। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रदर्शन, निरंतरता, फिटनेस, मानसिक तैयारी और आगे के टूर्नामेंटों में प्रदर्शन भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं। दिव्यांश के सामने अब अगली बड़ी चुनौती काहिरा में भारत की ओर से प्रतिस्पर्धा करना और अपने खेल का स्तर दिखाना होगी।
भारतीय दल में दिव्यांश की भूमिका
मिश्रित युगल बैडमिंटन में खिलाड़ी के व्यक्तिगत कौशल के साथ-साथ जोड़ी के बीच तालमेल का विशेष महत्व होता है। कोर्ट पर एक-दूसरे की गति, स्थिति और रणनीति को समझना मैच के परिणाम पर प्रभाव डाल सकता है। दिव्यांश और वर्णा प्रभुानंद की जोड़ी को विश्व जूनियर स्तर पर इसी चुनौती का सामना करना होगा। भारतीय दल में उनकी मौजूदगी यह भी दर्शाती है कि चयनकर्ताओं ने मिश्रित युगल में उनके प्रदर्शन को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के योग्य माना है।
खेल प्रेमियों की निगाहें अब काहिरा पर
छत्तीसगढ़ के लिए अब निगाहें अक्टूबर में होने वाली विश्व जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप पर रहेंगी। रायपुर से निकले दिव्यांश अग्रवाल जब भारतीय टीम की जर्सी में अंतरराष्ट्रीय कोर्ट पर उतरेंगे, तो उनके साथ प्रदेश के खेल प्रेमियों की उम्मीदें भी जुड़ी होंगी।
अभी भारतीय टीम गुवाहाटी में अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है। इसके बाद टीम काहिरा के लिए रवाना होगी। दिव्यांश का चयन फिलहाल छत्तीसगढ़ के खेल जगत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और आने वाले दिनों में उनके प्रदर्शन पर पूरे प्रदेश की नजर रहेगी।
