सारंगढ़ में उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा के नेतृत्व में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। हजारों स्कूली बच्चों और नागरिकों ने देशभक्ति के नारों के साथ हिस्सा लिया। यात्रा के दौरान स्वच्छता, राष्ट्रप्रेम और हर घर तिरंगा अभियान का संदेश दिया गया।
सारंगढ़ (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)| में देशभक्ति, सामाजिक एकजुटता और स्वच्छता का अनूठा संगम उस समय देखने को मिला जब प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा के नेतृत्व में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा का उद्देश्य केवल राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान प्रकट करना ही नहीं था, बल्कि लोगों में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक जिम्मेदारी और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश भी देना था।
कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता की पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद हाथों में तिरंगा लिए हजारों की संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं, शिक्षक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के सदस्य और स्थानीय नागरिक यात्रा में शामिल हुए। पूरे मार्ग में देशभक्ति के गीतों और नारों ने ऐसा वातावरण बनाया कि हर ओर उत्साह और गर्व का भाव दिखाई दिया।
भारत माता चौक से लेकर रानी लक्ष्मी बाई कॉम्प्लेक्स तक गूंजे देशभक्ति के नारे
तिरंगा यात्रा भारत माता चौक से प्रारंभ होकर नंदा चौक, अटल परिसर सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई रानी लक्ष्मी बाई कॉम्प्लेक्स पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान जगह-जगह नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर प्रतिभागियों का स्वागत किया। अनेक लोगों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर खड़े होकर तिरंगा लहराते हुए यात्रा का अभिवादन किया।
पूरा शहर तिरंगे के रंगों में रंगा नजर आया। सड़क किनारे खड़े लोगों ने यात्रा में शामिल बच्चों और युवाओं का उत्साहवर्धन किया। कई स्थानों पर देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति भी दी गई, जिससे माहौल और अधिक भावनात्मक एवं प्रेरणादायक बन गया।
स्कूली बच्चों ने बढ़ाया आयोजन का गौरव

तिरंगा यात्रा की सबसे आकर्षक झलक हजारों स्कूली बच्चों की मौजूदगी रही। बच्चों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर पूरे उत्साह के साथ यात्रा में भाग लिया। “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्”, “जय जवान-जय किसान” और “भारत अमर रहे” जैसे नारों से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति की भावना से ओत-प्रोत हो गया।
शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान, स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और देश के प्रति अपने कर्तव्यों की जानकारी दी। इस अवसर ने बच्चों के भीतर देश के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया।
स्वच्छता और राष्ट्रनिर्माण का दिया संदेश
इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करना भी था। यात्रा के दौरान नागरिकों से अपने आसपास के वातावरण को साफ-सुथरा रखने, सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई।
आयोजकों का मानना था कि एक मजबूत राष्ट्र केवल सीमाओं की सुरक्षा से नहीं, बल्कि स्वच्छ, जागरूक और जिम्मेदार नागरिकों से भी बनता है। इसलिए तिरंगा यात्रा को राष्ट्रभक्ति के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का अभियान भी बनाया गया।
मंत्री टंक राम वर्मा ने हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ने की अपील की

समापन समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज केवल कपड़े का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि देश की आन-बान और शान का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपने घरों, कार्यालयों और प्रतिष्ठानों पर सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करे और नई पीढ़ी को भी इसके महत्व से परिचित कराए। उन्होंने लोगों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज और देश के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।
वीर सपूतों के आदर्शों पर चलने का संदेश
अपने संबोधन में मंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के महान वीरों को याद करते हुए कहा कि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, मंगल पांडे और शहीद भगत सिंह जैसे अमर सेनानियों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। आज की पीढ़ी को उनके साहस, त्याग और राष्ट्रसेवा की भावना से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल इतिहास की एक घटना नहीं, बल्कि उसे सुरक्षित और सशक्त बनाए रखना हर नागरिक की निरंतर जिम्मेदारी है।
सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने निभाई सक्रिय भूमिका
तिरंगा यात्रा में विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों, महिला समूहों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रशासन, पुलिस, शिक्षा विभाग और स्थानीय स्वयंसेवकों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।
राष्ट्रप्रेम के साथ सामाजिक एकता का संदेश

तिरंगा यात्रा ने यह संदेश भी दिया कि राष्ट्रीय पर्व और ऐसे आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों को एक सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं। जब बच्चे, युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और जनप्रतिनिधि एक साथ राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान में निकलते हैं तो वह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और राष्ट्रीय चेतना का उत्सव बन जाता है।
सारंगढ़ में आयोजित यह तिरंगा यात्रा आने वाले समय में भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। इस आयोजन ने यह साबित किया कि राष्ट्रप्रेम केवल शब्दों तक सीमित नहीं, बल्कि जनभागीदारी, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय मूल्यों के पालन से ही उसकी वास्तविक अभिव्यक्ति होती है।