कोरबा में न्यू जर्नलिस्ट फाउंडेशन छत्तीसगढ़ की पहली बैठक आयोजित हुई। पत्रकार सुरक्षा कानून, पेंशन, अधिमान्यता, संगठन विस्तार और पत्रकार हितों को लेकर महत्वपूर्ण रणनीति बनाई गई। पढ़ें पूरी विस्तृत रिपोर्ट।
कोरबा ( वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया ) । पत्रकारिता केवल खबरों के संकलन और प्रसारण तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज की आवाज़ को सशक्त बनाने की जिम्मेदारी भी निभाती है। बदलते समय में पत्रकारों के सामने बढ़ती चुनौतियों, सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। इन्हीं मुद्दों को केंद्र में रखते हुए न्यू जर्नलिस्ट फाउंडेशन छत्तीसगढ़ (New Journalist Foundation Chhattisgarh) की कोरबा इकाई की पहली महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संगठन के प्रदेश और जिला पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में सदस्य शामिल हुए और पत्रकार हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक का प्रमुख उद्देश्य कोरबा जिले के पत्रकारों को एक मजबूत मंच प्रदान करना, उनकी समस्याओं को संगठित तरीके से उठाना तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए साझा रणनीति तैयार करना रहा। बैठक के दौरान संगठन के विस्तार, भविष्य की कार्ययोजना और पत्रकारों के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनी।
पत्रकारों की एकजुटता पर दिया गया विशेष जोर
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकार कई प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। कई बार समाचार संकलन के दौरान उन्हें दबाव, धमकी या अन्य कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में पत्रकारों के बीच संगठनात्मक एकजुटता सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि न्यू जर्नलिस्ट फाउंडेशन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि पूरे पत्रकार समाज का हित सुनिश्चित करना है। यदि किसी पत्रकार के साथ अन्याय होता है या उसे किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है तो संगठन उसके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।
दिल्ली से ऑनलाइन जुड़े राष्ट्रीय सचिव शिव शंकर सोनपिपरे
बैठक में IFWJ (Indian Federation of Working Journalists) के राष्ट्रीय सचिव शिव शंकर सोनपिपरे दिल्ली प्रवास के कारण ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। उन्होंने संगठन के सदस्यों को संबोधित करते हुए पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। इस संबंध में विधेयक पारित कराने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे ताकि पत्रकार बिना किसी भय के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि वरिष्ठ पत्रकारों की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पत्रकार पेंशन में वृद्धि की मांग को भी प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा। इसके अलावा पत्रकारों की अधिमान्यता (Accreditation) से जुड़े लंबित मामलों के समाधान और प्रक्रिया को अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिए भी संगठन संघर्ष करेगा।
पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास
बैठक में मौजूद सदस्यों ने कहा कि किसी भी पत्रकार के साथ यदि कार्य के दौरान अन्याय होता है या उसे किसी प्रकार का उत्पीड़न झेलना पड़ता है तो संगठन सामूहिक रूप से उसके समर्थन में खड़ा होगा। इस निर्णय को बैठक की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में माना गया।
सदस्यों का कहना था कि पत्रकारों के बीच आपसी सहयोग और संवाद जितना मजबूत होगा, उतनी ही मजबूती से उनकी समस्याओं का समाधान भी संभव हो सकेगा। इसलिए संगठन केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम, संवाद और प्रशिक्षण गतिविधियां भी आयोजित करेगा।
भविष्य की कार्ययोजना पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक में आगामी महीनों के लिए संगठन की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसमें सदस्यता अभियान को गति देने, जिले के सभी ब्लॉक और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकारों को संगठन से जोड़ने तथा पत्रकारों के हितों से जुड़े मुद्दों पर नियमित संवाद स्थापित करने की रणनीति तैयार की गई।
इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि पत्रकारिता के क्षेत्र में नई पीढ़ी को बेहतर मार्गदर्शन देने के लिए कार्यशालाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम और संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे ताकि युवा पत्रकार आधुनिक पत्रकारिता के मानकों, मीडिया नैतिकता और डिजिटल मीडिया की चुनौतियों को बेहतर तरीके से समझ सकें।
पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने का आह्वान
बैठक में वक्ताओं ने पत्रकारिता की विश्वसनीयता और निष्पक्षता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज पत्रकारों से निष्पक्ष और तथ्यपरक सूचना की अपेक्षा करता है। ऐसे में पत्रकारों का दायित्व केवल समाचार देना ही नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करना भी है।
संगठन ने इस बात पर भी बल दिया कि पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ पत्रकारिता की गरिमा और नैतिक मूल्यों को बनाए रखना भी सभी सदस्यों की साझा जिम्मेदारी होगी।
संगठन को मजबूत बनाने का लिया संकल्प

बैठक के समापन पर सभी सदस्यों ने संगठन को जिले में और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया। यह विश्वास जताया गया कि यदि सभी पत्रकार एक मंच पर आकर कार्य करेंगे तो उनकी समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि भविष्य में समय-समय पर नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि पत्रकारों के समक्ष आने वाले नए मुद्दों पर विचार-विमर्श कर आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
सदस्यों ने उम्मीद जताई कि न्यू जर्नलिस्ट फाउंडेशन छत्तीसगढ़ की कोरबा इकाई आने वाले समय में पत्रकारों के अधिकार, सम्मान और सुरक्षा के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगी।
मुख्य बिंदु (Highlights)
- कोरबा में न्यू जर्नलिस्ट फाउंडेशन छत्तीसगढ़ की पहली बैठक आयोजित।
- प्रदेश और जिला पदाधिकारियों सहित संगठन के सदस्य हुए शामिल।
- पत्रकारों को संगठित करने और उनकी अलग पहचान बनाने पर जोर।
- IFWJ के राष्ट्रीय सचिव शिव शंकर सोनपिपरे ऑनलाइन जुड़े।
- पत्रकार सुरक्षा कानून, पेंशन वृद्धि और अधिमान्यता संबंधी मुद्दों पर संघर्ष का संकल्प।
- किसी भी पत्रकार के साथ अन्याय होने पर संगठन के सामूहिक समर्थन का निर्णय।
- सदस्यता विस्तार, प्रशिक्षण कार्यक्रम और नियमित बैठकों की कार्ययोजना तैयार।
