कोरबा/बांकीमोंगरा। गणेश विसर्जन के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने और ध्वनि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बांकीमोंगरा पुलिस ने कार्रवाई की है। थाना क्षेत्र के कोराई गांव मुख्य मार्ग पर गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रहे पिकअप वाहन में निर्धारित मानकों की अनदेखी करते हुए अत्यधिक तेज आवाज में डीजे बजाया जा रहा था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करते हुए पिकअप वाहन और उसमें लगे पूरे साउंड सिस्टम को जब्त कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, विसर्जन के दौरान डीजे की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास से गुजरने वाले लोगों को परेशानी हो रही थी। वहीं, इन दिनों स्कूली और हायर सेकेंडरी स्तर की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी तेज आवाज के कारण असर पड़ने की शिकायत सामने आई। पुलिस ने मामले को ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का उल्लंघन मानते हुए कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की।
विसर्जन जुलूस में तेज आवाज में बज रहा था डीजे
जानकारी के अनुसार, बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के कुरैना निवासी भूवन पाल (29 वर्ष), पिता दादूलाल पाल के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। गणेश विसर्जन के दौरान पिकअप वाहन में साउंड सिस्टम लगाया गया था। इसी वाहन से अत्यधिक तेज और कानफोड़ू आवाज में डीजे बजाया जा रहा था।
पुलिस की नजर जब इस पर पड़ी तो मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच की गई। जांच के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाए जाने की पुष्टि होने पर पुलिस ने कार्रवाई की। पिकअप वाहन के साथ डीजे और साउंड सिस्टम को भी जब्त कर लिया गया।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब गणेश उत्सव के बाद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला चल रहा है। विसर्जन जुलूसों में डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल आम तौर पर देखने को मिलता है। हालांकि, प्रशासन और पुलिस की ओर से ध्वनि की तीव्रता और समय को लेकर निर्धारित नियमों का पालन करने की अपेक्षा की जाती है।
राहगीरों और आसपास के लोगों को हो रही थी परेशानी
पुलिस के अनुसार, तेज आवाज में डीजे बजने से केवल विसर्जन में शामिल लोगों को ही नहीं, बल्कि आम राहगीरों और आसपास के लोगों को भी परेशानी हो रही थी। कोराई गांव मुख्य मार्ग से लोगों और वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में तेज ध्वनि से सड़क पर आवागमन करने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।
तेज आवाज का असर विशेष रूप से उन लोगों पर पड़ सकता है, जो किसी जरूरी काम से सड़क से गुजर रहे हों या आसपास के घरों में रह रहे हों। इसी वजह से सार्वजनिक स्थानों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल को लेकर नियम बनाए गए हैं।
परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी असर
इस कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू उन विद्यार्थियों से जुड़ा है, जो इन दिनों स्कूली और हायर सेकेंडरी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए शांत वातावरण की जरूरत होती है। लंबे समय तक तेज आवाज में डीजे बजने से पढ़ाई और एकाग्रता प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
पुलिस की कार्रवाई में इसी पहलू को भी ध्यान में रखा गया। सार्वजनिक आयोजनों में धार्मिक उत्साह और परंपरा के साथ-साथ आसपास के लोगों की सुविधा का ध्यान रखना भी जरूरी है। खासकर परीक्षा के समय ध्वनि प्रदूषण से बचने की जरूरत और बढ़ जाती है।
कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई
पुलिस ने डीजे की तेज आवाज को नियमों का उल्लंघन मानते हुए कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान पिकअप वाहन और पूरा साउंड सिस्टम जब्त किया गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई से यह संकेत भी मिलता है कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में डीजे बजाने के दौरान निर्धारित ध्वनि सीमा और अन्य नियमों का पालन करना जरूरी है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आयोजक या संबंधित वाहन चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
हालांकि, धार्मिक आयोजन लोगों की आस्था से जुड़े होते हैं और गणेश विसर्जन भी इसी परंपरा का हिस्सा है। ऐसे आयोजनों में उत्साह और श्रद्धा स्वाभाविक है, लेकिन सार्वजनिक व्यवस्था और आसपास रहने वाले लोगों की सुविधा का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
वाहन और साउंड सिस्टम जब्त
पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए उस पिकअप वाहन को जब्त कर लिया, जिसमें डीजे सिस्टम लगाया गया था। इसके साथ ही साउंड सिस्टम को भी पुलिस ने अपने कब्जे में लिया। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की गई है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा में है। खासकर गणेश विसर्जन जैसे आयोजनों के दौरान डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल को लेकर प्रशासन की निगरानी पर भी लोगों की नजर रहती है।
धार्मिक उत्सव के साथ नियमों का पालन जरूरी
गणेश उत्सव शहर और गांवों में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में लोग जुलूस में शामिल होते हैं। ऐसे में यातायात, सुरक्षा और ध्वनि नियंत्रण जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
डीजे या साउंड सिस्टम का इस्तेमाल करते समय निर्धारित नियमों का पालन करने से आयोजन भी व्यवस्थित तरीके से हो सकता है और आसपास के लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकता है। खासकर अस्पताल, स्कूल, परीक्षा केंद्र और रिहायशी इलाकों के आसपास तेज आवाज को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी होती है।
बांकीमोंगरा पुलिस की यह कार्रवाई इसी व्यवस्था का हिस्सा मानी जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की है और पिकअप वाहन सहित साउंड सिस्टम जब्त किया है।
गणेश विसर्जन के दौरान हुई इस कार्रवाई के बाद आयोजकों और डीजे संचालकों के लिए भी यह संदेश है कि धार्मिक आयोजन में उत्साह के साथ-साथ कानून और सार्वजनिक सुविधा का ध्यान रखना आवश्यक है। निर्धारित नियमों के अनुरूप डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल करने से विवाद और कानूनी कार्रवाई की स्थिति से बचा जा सकता है।
नोट: यह खबर उपलब्ध पुलिस कार्रवाई की जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और पुलिस की ओर से जारी होने वाली अतिरिक्त जानकारी के अनुसार विवरण में बदलाव संभव है।
