दुर्ग/कुम्हारी।(वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में गुटखा निर्माण से जुड़े एक ठिकाने पर सेंट्रल जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने रविवार को कार्रवाई की। कुम्हारी के स्टेशन चौक क्षेत्र में स्थित एक गोदाम में टीम ने छापा मारकर गुटखा बनाने वाली दो मशीनें और करीब 30 बोरा तैयार गुटखा जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने गोदाम में रखी अन्य सामग्री और दस्तावेजों की भी जांच की।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस परिसर में कार्रवाई हुई, वहां सितार कंपनी के नाम से गुटखा तैयार किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में कंपनी की भूमिका क्या है और जब्त गुटखा वास्तव में किस स्तर पर तैयार किया जा रहा था, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल सेंट्रल जीएसटी की टीम जब्त सामग्री और दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
इस कार्रवाई का एक प्रमुख पहलू गुटखा निर्माण और बिक्री से जुड़े टैक्स अनुपालन की जांच भी है। जीएसटी अधिकारियों द्वारा यह देखा जा रहा है कि निर्माण, भंडारण और बिक्री से संबंधित कारोबार में लागू कर नियमों का पालन किया गया था या नहीं। हालांकि, कार्रवाई के संबंध में अधिकारियों की ओर से अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
सूचना मिलने के बाद पहुंची जीएसटी की टीम
जानकारी के मुताबिक, सेंट्रल जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम को कुम्हारी के स्टेशन चौक इलाके में एक स्थान पर गुटखा तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर रविवार को करीब 10 से 12 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम तीन वाहनों में मौके पर पहुंची।
टीम के पहुंचने के बाद गोदाम और परिसर में रखे सामान की जांच शुरू की गई। अधिकारियों ने वहां मौजूद मशीनों, तैयार उत्पाद, कच्चे माल और अन्य सामग्री को देखा। जांच के दौरान गुटखा तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली दो मशीनें मिलीं, जिन्हें टीम ने जब्त कर लिया।
इसके साथ ही करीब 30 बोरा तैयार गुटखा भी कार्रवाई के दौरान जब्त किए जाने की जानकारी है। जब्त सामग्री को बाद में वाहनों में लोड किया गया और टीम उसे लेकर रायपुर रवाना हो गई।
गोदाम में तैयार किया जा रहा था गुटखा
मौके से मिली जानकारी के अनुसार, जिस परिसर में कार्रवाई हुई, वहां गुटखा तैयार करने के लिए मशीनों के साथ अन्य व्यवस्थाएं भी मौजूद थीं। परिसर के अंदर एक भट्टी बनाए जाने की बात भी सामने आई है।
इससे जांच का दायरा केवल तैयार गुटखा मिलने तक सीमित नहीं है। अधिकारी यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि यहां कब से गुटखा तैयार किया जा रहा था, प्रतिदिन कितनी मात्रा में उत्पादन होता था और तैयार माल की सप्लाई किन स्थानों पर की जाती थी।
जांच के दौरान गोदाम में मौजूद दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है। इन दस्तावेजों के जरिए कारोबार की वास्तविक मात्रा, खरीद-बिक्री और टैक्स से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी सामने आने की संभावना है।
लाखों रुपये की बताई जा रही जब्त सामग्री
प्रारंभिक जानकारी में जब्त मशीनों और तैयार गुटखे की कीमत लाखों रुपये में होने की बात कही जा रही है। हालांकि, जब्त सामग्री की वास्तविक कीमत का आधिकारिक आकलन अभी सामने नहीं आया है।
जीएसटी से जुड़े मामलों में जब्त माल की कीमत के साथ-साथ उस पर लागू कर, कारोबार की प्रकृति और उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान महत्वपूर्ण होता है। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि इस कार्रवाई में कुल कितनी कर देनदारी या अन्य वित्तीय अनियमितता सामने आई है।
सेंट्रल जीएसटी की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जब्त गुटखे और मशीनों से जुड़े कारोबार में किस प्रकार के नियमों का पालन हुआ था और क्या कोई कर संबंधी गड़बड़ी पाई गई।
सुरेश गुप्ता के गोदाम की जानकारी
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, जिस गोदाम से गुटखा जब्त किया गया है, उसके मालिक का नाम सुरेश गुप्ता बताया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में भी आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
जीएसटी की टीम गोदाम में मौजूद दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच कर रही है। दस्तावेजों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गोदाम का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था और वहां रखे तैयार गुटखे से संबंधित कारोबार का रिकॉर्ड क्या है।
यह भी जांच का हिस्सा हो सकता है कि परिसर में गुटखा निर्माण की गतिविधि किस अवधि से चल रही थी और इसके लिए आवश्यक कारोबारी एवं कर संबंधी औपचारिकताएं पूरी की गई थीं या नहीं।
मशीन और गुटखा लेकर रायपुर रवाना हुई टीम
कुम्हारी में कार्रवाई पूरी करने के बाद सेंट्रल जीएसटी की टीम जब्त मशीनों और तैयार गुटखे को अपने साथ लेकर रायपुर रवाना हो गई। अब जब्त सामग्री और दस्तावेजों की आगे जांच की जाएगी।
जांच के दौरान जब्त माल का मूल्यांकन, दस्तावेजों का मिलान और कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की जा सकती है। इसके आधार पर आगे की कानूनी एवं कर संबंधी कार्रवाई तय होने की संभावना है।
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सेंट्रल जीएसटी की टीम ने कार्रवाई की है और दो मशीनों के साथ करीब 30 बोरा तैयार गुटखा जब्त किया है। कार्रवाई को लेकर विभाग की ओर से आधिकारिक विस्तृत बयान आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
कार्रवाई से जुड़े अहम सवाल
इस मामले में जांच के दौरान कई बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। मसलन, गोदाम में गुटखा निर्माण कब से हो रहा था, तैयार माल की सप्लाई कहां-कहां की जाती थी, कुल कितना उत्पादन किया गया और कारोबार से संबंधित टैक्स रिकॉर्ड क्या है। इसके अलावा जब्त गुटखे की वास्तविक कीमत और संभावित कर देनदारी भी जांच के बाद ही सामने आएगी।
फिलहाल कुम्हारी के स्टेशन चौक क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई ने गुटखा निर्माण और उससे जुड़े कर अनुपालन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। सेंट्रल जीएसटी की जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होगा कि मामले में केवल नियमों के उल्लंघन का मामला है या इसके पीछे बड़े स्तर पर कारोबार और टैक्स संबंधी अनियमितता भी सामने आती है।
