मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि तिरंगा 140 करोड़ भारतीयों के सम्मान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत अब छत्तीसगढ़ के सभी जिलों, स्कूलों, संस्थानों और नक्सल प्रभावित गांवों तक तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। पढ़ें पूरी खबर।
रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को देश के 140 करोड़ नागरिकों के सम्मान, स्वाभिमान और राष्ट्रीय एकता का सबसे बड़ा प्रतीक बताते हुए कहा कि यह केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता, लोकतंत्र और बलिदान की अमर गाथा का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आजादी के अमृत काल में शुरू किया गया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान अब जन-जन का अभियान बन चुका है और इसका उद्देश्य प्रत्येक भारतीय के मन में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में राजधानी रायपुर के बाद प्रदेश के सभी जिलों, विकासखंडों, मंडलों, ग्राम पंचायतों, स्कूलों, कॉलेजों, शासकीय एवं निजी संस्थानों में व्यापक स्तर पर तिरंगा यात्रा आयोजित की जाएगी। इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि तिरंगा यात्रा उन दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक भी पहुंचेगी, जहां वर्षों तक विकास और राष्ट्रीय कार्यक्रमों की पहुंच सीमित रही है।
तिरंगा केवल ध्वज नहीं, देश की अस्मिता का प्रतीक

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारतीय तिरंगा करोड़ों देशवासियों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। इसकी तीनों रंग पट्टियां और अशोक चक्र देश के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों, शांति, समृद्धि, त्याग और प्रगति का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि जब भी कोई भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करता है या कोई जवान सीमा पर राष्ट्र की रक्षा करता है, तब तिरंगा पूरे देश के गौरव का प्रतीक बनकर लहराता है।
उन्होंने कहा कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करे और आने वाली पीढ़ियों को भी इसके महत्व से अवगत कराए।
नई पीढ़ी को जाननी चाहिए स्वतंत्रता की असली कहानी

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज के समय में नई पीढ़ी को यह बताना बेहद आवश्यक है कि भारत की आजादी किसी एक दिन की उपलब्धि नहीं थी, बल्कि इसके पीछे अनेक स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों और महापुरुषों का लंबा संघर्ष, त्याग और बलिदान रहा है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में हजारों लोगों ने अपने प्राण न्योछावर किए, वर्षों तक जेलों में यातनाएं सहीं और देश को आजाद कराने के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। इसलिए आजादी का महत्व समझना और राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों और महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े प्रसंगों, स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और संविधान के मूल्यों की जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि उनमें राष्ट्र के प्रति गर्व और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके।
‘हर घर तिरंगा’ अभियान बना जनभागीदारी का उत्सव
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह जनभागीदारी का एक विशाल राष्ट्रीय आंदोलन बन गया है। पिछले वर्षों में देशभर के करोड़ों लोगों ने अपने घरों, दुकानों, कार्यालयों और संस्थानों पर तिरंगा फहराकर इस अभियान को सफल बनाया।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी प्रदेशभर में अभियान को व्यापक रूप दिया जाएगा। विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, युवा संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी ताकि हर वर्ग इस राष्ट्रीय अभियान से जुड़ सके।
हर जिले, हर स्कूल और संस्थानों में निकलेगी तिरंगा यात्रा

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राजधानी में आयोजित कार्यक्रम के बाद अब प्रदेश के सभी जिलों में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जाएगा। इसके अंतर्गत जिला मुख्यालयों के साथ-साथ विकासखंडों, ग्राम पंचायतों, स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में भी कार्यक्रम आयोजित होंगे।
उन्होंने कहा कि इन यात्राओं का उद्देश्य केवल तिरंगा लेकर चलना नहीं, बल्कि नागरिकों के मन में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना है। यात्रा के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान, संविधान के मूल्यों और राष्ट्रीय कर्तव्यों के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचेगा राष्ट्रभक्ति का संदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस अभियान की विशेष प्राथमिकता प्रदेश के नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों को दी जाएगी। तिरंगा यात्रा वहां के गांवों और स्कूलों तक पहुंचेगी ताकि वहां रहने वाले बच्चों, युवाओं और ग्रामीणों को भी राष्ट्रीय कार्यक्रमों से जोड़ा जा सके।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता और विश्वास का वातावरण मजबूत करना है। जब देश का राष्ट्रीय ध्वज दूरस्थ क्षेत्रों में सम्मानपूर्वक फहराएगा तो वहां रहने वाले लोगों में भी राष्ट्र के प्रति अपनत्व और गर्व की भावना और अधिक सशक्त होगी।
राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विविधताओं वाला देश है, जहां अलग-अलग भाषाएं, संस्कृतियां और परंपराएं होने के बावजूद तिरंगा पूरे देश को एक सूत्र में बांधता है। यही राष्ट्रीय ध्वज हर भारतीय की समान पहचान है और यही भारत की लोकतांत्रिक शक्ति का सबसे बड़ा प्रतीक भी है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करें, अपने परिवार और बच्चों को इसके महत्व के बारे में बताएं तथा ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाकर राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन करें।
राष्ट्रभक्ति को जनआंदोलन बनाने की दिशा में पहल
राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान ने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति लोगों के जुड़ाव को नई ऊर्जा दी है। विशेष रूप से युवाओं, विद्यार्थियों और ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान के माध्यम से राष्ट्रभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों में भागीदारी बढ़ी है। छत्तीसगढ़ में इस बार जिलों से लेकर दूरस्थ गांवों तक तिरंगा यात्रा पहुंचाने की तैयारी इस अभियान को और व्यापक स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
