छत्तीसगढ़ पॉवर कंपनीज के कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाली की मांग रखी। साथ ही 1235 पदों पर भर्ती की घोषणा के लिए सरकार का आभार जताया। जानिए बैठक में क्या-क्या मुद्दे उठे और कर्मचारियों को क्या मिला आश्वासन।
रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ की बिजली कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जहां पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग प्रमुखता से रखी, वहीं राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ पॉवर कंपनीज में 1235 नए पदों पर भर्ती की घोषणा का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
कर्मचारी संगठनों ने कहा कि बिजली कंपनियों में लंबे समय से कर्मचारियों की कमी एक गंभीर चुनौती बनी हुई थी। ऐसे में नई भर्ती का निर्णय न केवल विभाग की कार्यक्षमता को बढ़ाएगा बल्कि राज्यभर के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को भी बेहतर और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
OPS बहाली को लेकर सरकार से सकारात्मक पहल की उम्मीद
मुख्यमंत्री से हुई चर्चा के दौरान कर्मचारी संगठनों ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) केवल कर्मचारियों का आर्थिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह उनके भविष्य की सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा से भी जुड़ा विषय है। कर्मचारियों ने बताया कि नई पेंशन व्यवस्था में सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली सुविधाओं को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है, जबकि OPS कर्मचारियों को निश्चित पेंशन और सुरक्षा प्रदान करती है।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए कर्मचारियों के हित में सकारात्मक निर्णय ले। उनका कहना था कि यदि OPS बहाल होती है तो इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे और अधिक समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे।
1235 नई भर्तियों से दूर होगी कर्मचारियों की कमी
बैठक में कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि 1235 पदों पर भर्ती की घोषणा बिजली कंपनियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय है। पिछले कई वर्षों से बड़ी संख्या में कर्मचारी सेवानिवृत्त होते रहे हैं, जबकि नई नियुक्तियां अपेक्षित स्तर पर नहीं हो पाई थीं। इसके कारण कई इकाइयों में कार्य का अतिरिक्त दबाव कर्मचारियों पर बढ़ता जा रहा था।
संगठनों का कहना है कि नई भर्ती से—
- फील्ड स्तर पर कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ेगी।
- बिजली आपूर्ति में आने वाली तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा।
- उपभोक्ताओं की शिकायतों का तेजी से निराकरण किया जा सकेगा।
- रखरखाव एवं मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता और गति आएगी।
- भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए संस्थागत क्षमता मजबूत होगी।
प्रतिनिधियों ने इसे बिजली कंपनियों के लिए एक दूरदर्शी निर्णय बताते हुए कहा कि इससे संगठनात्मक ढांचा मजबूत होगा और कार्यकुशलता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
बिजली सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण का विस्तार, औद्योगिक विकास और शहरी क्षेत्रों में बढ़ती बिजली मांग के कारण विभाग पर कार्यभार लगातार बढ़ा है।
ऐसी स्थिति में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि नई नियुक्तियों से बिजली वितरण व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी और उपभोक्ताओं को बेहतर, सुरक्षित एवं निर्बाध बिजली सेवाएं मिल सकेंगी।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कमी दूर होने से लाइन मेंटेनेंस, फॉल्ट सुधार, नए कनेक्शन, ट्रांसफॉर्मर रखरखाव और आपातकालीन सेवाओं में भी तेजी आएगी।
कर्मचारियों के भविष्य और संस्थान दोनों को मिलेगा लाभ
प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से कहा कि सरकार यदि एक ओर OPS बहाली जैसे कर्मचारियों के हितों से जुड़े विषयों पर सकारात्मक निर्णय लेती है और दूसरी ओर नई भर्तियों के माध्यम से संस्थान को मजबूत करती है, तो इसका लाभ कर्मचारियों के साथ-साथ आम जनता को भी मिलेगा।
उनका कहना था कि कर्मचारी तभी पूरी क्षमता के साथ काम कर सकते हैं, जब उन्हें अपने भविष्य की सुरक्षा का भरोसा हो। इसलिए OPS और भर्ती—दोनों मुद्दे बिजली कंपनियों के दीर्घकालिक विकास के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।
मुख्यमंत्री ने गंभीरता से सुनीं सभी बातें
शिष्टमंडल के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कर्मचारी संगठनों द्वारा उठाए गए सभी विषयों को गंभीरता और ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने प्रतिनिधियों को सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि कर्मचारियों से जुड़े विषयों पर सरकार संवेदनशील है और सभी बिंदुओं पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के इस सकारात्मक रुख के बाद कर्मचारी संगठनों ने उम्मीद जताई कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली सहित अन्य लंबित मांगों पर भी निकट भविष्य में सार्थक पहल देखने को मिलेगी।
कर्मचारी संगठनों ने जताई उम्मीद

बैठक के बाद कर्मचारी प्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ हुई चर्चा उत्साहवर्धक रही। उन्हें विश्वास है कि सरकार कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए उचित निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि नई भर्तियों की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी होने और OPS पर सकारात्मक निर्णय लिए जाने से बिजली कंपनियों की कार्यसंस्कृति और सेवा गुणवत्ता दोनों में व्यापक सुधार होगा।
संगठनों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना नहीं, बल्कि प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना भी है।
आगे क्या हो सकता है?
यदि घोषित 1235 पदों पर भर्ती प्रक्रिया निर्धारित समय पर पूरी होती है तो बिजली कंपनियों में रिक्त पदों की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। वहीं, OPS बहाली को लेकर सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय आने पर हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों को दीर्घकालिक सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा का लाभ मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल कर्मचारी संगठन सरकार के अगले कदम पर नजर बनाए हुए हैं और उन्हें विश्वास है कि मुख्यमंत्री के सकारात्मक आश्वासन के बाद इस दिशा में जल्द प्रगति देखने को मिल सकती है।
