बेमेतरा जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र में काले कागज को केमिकल से असली नोट बनाने का झांसा देकर ₹50 हजार की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। जानिए पूरा मामला, पुलिस की कार्रवाई और लोगों के लिए जरूरी सावधानियां।
बेमेतरा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में लोगों को रातों-रात अमीर बनाने का सपना दिखाकर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। गिरोह के सदस्य खुद को केमिकल एक्सपर्ट बताकर दावा करते थे कि उनके पास ऐसा विशेष “काला कागज” है जिसे एक खास केमिकल की मदद से असली भारतीय नोटों में बदला जा सकता है। इसी झांसे में फंसाकर वे लोगों से बड़ी रकम ऐंठने की कोशिश करते थे।
बेमेतरा जिले के थाना नवागढ़ क्षेत्र में सामने आए इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
ऐसे रची गई ठगी की साजिश
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना नवागढ़ निवासी साहिल कुमार ने शिकायत दर्ज कराई कि लगभग दस दिन पहले उनके पिता के मोबाइल फोन पर तेरस राम महिपाल नाम के व्यक्ति का कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को “केमिकल एक्सपर्ट” बताया और दावा किया कि उसके पास ऐसा काला कागज मौजूद है, जिसे विशेष केमिकल डालने पर वह असली भारतीय मुद्रा में बदल जाता है।
आरोपी ने पीड़ित को लालच दिया कि यदि वह ₹50 हजार देगा तो बदले में उसे करीब ₹2.50 लाख मूल्य का काला कागज और विशेष केमिकल दिया जाएगा, जिससे वह आसानी से लाखों रुपये के असली नोट तैयार कर सकेगा।
आरोपी ने बातचीत के दौरान खुद को इस तकनीक का विशेषज्ञ बताते हुए पीड़ित का विश्वास जीतने का प्रयास किया। उसका उद्देश्य केवल लोगों को लालच देकर उनसे नकदी ऐंठना था।
शिकायत मिलते ही पुलिस हुई सक्रिय
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ने थाना नवागढ़ पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। शिकायत के आधार पर थाना नवागढ़ में अपराध क्रमांक 246/2026 दर्ज किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2) एवं 61(2) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की।
तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना से मिली सफलता
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क के मार्गदर्शन में थाना नवागढ़ पुलिस और साइबर थाना जांजगीर की संयुक्त टीम बनाई गई।
जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, तकनीकी साक्ष्य, डिजिटल लोकेशन और मुखबिर से प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण किया। लगातार निगरानी और सूचना संकलन के बाद पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी मिली हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने प्रदेश या अन्य राज्यों में कितने लोगों को इसी तरह अपना शिकार बनाया है।
अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच जारी
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी अलग-अलग राज्यों में लोगों से संपर्क कर उन्हें जल्दी पैसा कमाने का लालच देते थे। वे मोबाइल फोन के माध्यम से बातचीत करते और खुद को वैज्ञानिक या केमिकल विशेषज्ञ बताकर भरोसा दिलाने की कोशिश करते थे।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि गिरोह का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है और क्या इससे पहले भी इसी तरीके से कई लोगों से ठगी की जा चुकी है।
कैसे करते थे लोगों को प्रभावित
जानकारी के अनुसार आरोपी पहले लोगों का विश्वास जीतते थे। इसके बाद वे दावा करते कि उनके पास विदेशी तकनीक से तैयार किया गया विशेष काला कागज है, जो देखने में साधारण होता है लेकिन केमिकल डालते ही असली नोट में बदल जाता है।
इस कथित प्रक्रिया को विश्वसनीय बनाने के लिए आरोपी कई तरह की मनगढ़ंत कहानियां सुनाते थे। कई मामलों में ठग नकली डेमो भी दिखाते हैं ताकि सामने वाला व्यक्ति उनके झांसे में आसानी से आ जाए।
हालांकि वास्तविकता यह है कि ऐसा कोई वैज्ञानिक तरीका मौजूद नहीं है जिससे साधारण कागज को केमिकल डालकर असली भारतीय मुद्रा में बदला जा सके।
पुलिस की लोगों से अपील
पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस तरह के किसी भी लालच या चमत्कारी दावे पर भरोसा न करें।
यदि कोई व्यक्ति कम समय में अधिक पैसा कमाने, नकली कागज को असली नोट बनाने, दोगुने पैसे देने या किसी विशेष केमिकल से मुद्रा तैयार करने जैसी बातें करता है तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या साइबर हेल्पलाइन को दें।
पुलिस का कहना है कि समय रहते सूचना मिलने से ऐसे गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई संभव हो पाती है और अन्य लोगों को ठगी का शिकार होने से बचाया जा सकता है।
विशेषज्ञों की सलाह: ऐसे झांसे से रहें सावधान
वित्तीय अपराधों से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि अपराधी अक्सर लालच और जल्द अमीर बनने की मानसिकता का फायदा उठाते हैं। इसलिए किसी भी ऐसी योजना से दूरी बनाए रखें जिसमें कम निवेश पर कई गुना लाभ का दावा किया जाए।
साथ ही किसी भी अनजान व्यक्ति को नकद राशि देने से पहले उसकी पूरी जानकारी और दावे की सत्यता की जांच अवश्य करें।
फिलहाल पुलिस कर रही विस्तृत जांच
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है।
जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
