रायपुर ग्रामीण पुलिस ने अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक हिस्ट्रीशीटर आरोपी को देशी कट्टा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी पहले भी हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस अब उत्तर प्रदेश तक उसके आपराधिक नेटवर्क की जांच में जुटी है।
रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। राजधानी रायपुर से लगे ग्रामीण क्षेत्र में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने एक हिस्ट्रीशीटर आरोपी को अवैध देशी कट्टा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले भी हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के गंभीर मामले में जेल जा चुका है। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के साथ-साथ संभावित हथियार तस्करी नेटवर्क की भी गहन जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई क्षेत्र में अपराध और अवैध हथियारों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को अवैध हथियारों के जरिए क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
पुलिस को सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति अपने पास अवैध हथियार लेकर क्षेत्र में घूम रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर संदिग्ध को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया।
हथियार बरामद होने के बाद आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
आरोपी की पहचान और वर्तमान ठिकाना
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान सरफराज खान के रूप में हुई है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया और प्रयागराज जिले से जुड़ा हुआ है। पिछले कुछ समय से वह रायपुर जिले के ग्राम निमोरा, थाना सिलतरा क्षेत्र में रह रहा था।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी रायपुर में कब से रह रहा था, उसकी गतिविधियां क्या थीं और किन लोगों के संपर्क में था।
पहले भी जा चुका है जेल
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के आपराधिक इतिहास की जानकारी भी मिली है। रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2022 में थाना मंदिर हसौद क्षेत्र में दर्ज हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) और आर्म्स एक्ट के मामले में सरफराज खान गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है।
पुराने मामले में जेल से रिहा होने के बाद भी उसके पास दोबारा अवैध हथियार मिलना पुलिस के लिए गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी अपराध की दुनिया से पूरी तरह अलग नहीं हुआ था।
उत्तर प्रदेश पुलिस से किया जा रहा समन्वय
रायपुर ग्रामीण पुलिस अब आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की विस्तृत जानकारी जुटाने के लिए उत्तर प्रदेश के बलिया और प्रयागराज पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर रही है।
पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपी के खिलाफ इन जिलों में कोई अन्य आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं या नहीं। यदि वहां भी गंभीर अपराधों में उसका नाम सामने आता है तो जांच का दायरा और बढ़ाया जाएगा।
हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका
जांच एजेंसियां इस पहलू पर भी गंभीरता से काम कर रही हैं कि आरोपी कहीं किसी संगठित अपराध गिरोह या अवैध हथियार सप्लाई करने वाले नेटवर्क से तो नहीं जुड़ा है।
यह भी पता लगाया जा रहा है कि बरामद देशी कट्टा आरोपी तक कैसे पहुंचा, इसे किसने उपलब्ध कराया और क्या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है। यदि जांच में ऐसे किसी नेटवर्क के प्रमाण मिलते हैं तो पुलिस उसके खिलाफ भी कार्रवाई करेगी।
अवैध हथियारों के खिलाफ लगातार अभियान
रायपुर ग्रामीण पुलिस द्वारा हाल के दिनों में अवैध हथियार रखने वाले अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि छोटे हथियार भी बड़ी आपराधिक घटनाओं का कारण बन सकते हैं। इसलिए समय रहते ऐसे आरोपियों की गिरफ्तारी आवश्यक है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी बढ़ाई गई है और लगातार जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए स्थानीय पुलिस और खुफिया तंत्र भी सक्रिय है।
क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध हथियारों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई न केवल संभावित अपराधों को रोकने में मदद करती है बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना भी मजबूत करती है। पुलिस की सतर्कता से ऐसे अपराधियों पर दबाव बनता है जो अवैध हथियारों के बल पर वारदातों को अंजाम देने की योजना बनाते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती आबादी और औद्योगिक गतिविधियों के बीच पुलिस की ऐसी कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जांच अभी जारी
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। उसके मोबाइल, संपर्कों और गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध हथियार रखने वालों और अपराधियों के खिलाफ अभियान भविष्य में भी इसी तरह जारी रहेगा तथा कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
