कांकेर जिला के नरहरपुर वन परिक्षेत्र के मरकाटोला-लारगांव इलाका मं मादा भालू के हमला ले दू ग्रामीण के मौत अऊ एक गंभीर रूप ले घायल होगे। घटना के बाद गांव मं दहशत के माहौल, वन विभाग ले सुरक्षा बढ़ाय के मांग तेज। पढ़व पूरा खबर।
कांकेर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिला ले एक बेहद दुखद अऊ चिंता बढ़ाय वाला घटना सामने आइस। नरहरपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत मरकाटोला–लारगांव इलाका मं एक मादा भालू के हमला मं दू ग्रामीण के जान चल गे, जबकि एक झिन अउ गंभीर रूप ले घायल होगे। घटना के बाद पूरा गांव अऊ आसपास के इलाका मं डर अऊ दहशत के माहौल बन गे हवय। लोगन अब जंगल अऊ जंगल लगे इलाका मं जाए ले घबरावत हें।
ग्रामीण मन के कहना हवय कि पिछले कुछ महीना ले जंगल के जंगली जानवर मन के आवाजाही गांव के नजदीक बढ़त जात हवय। एखर चलते ए किसिम के घटना के खतरा लगातार बने रहिथे। घटना के बाद ग्रामीण मन वन विभाग ले तत्काल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करे अऊ भालू ल रिहायशी इलाका ले दूर करे के मांग करिन।
रोजमर्रा के काम मं निकरे रहिन ग्रामीण, अचानक होगे हमला
मिली जानकारी के मुताबिक, मरकाटोला–लारगांव क्षेत्र के कुछ ग्रामीण रोज के तरह जंगल अऊ ओकर आसपास के इलाका मं अपन काम बर गे रहिन। ए दौरान अचानक झाड़ी के भीतर ले एक मादा भालू निकलिस अऊ बिना चेतावनी के हमला कर दीस।
प्रत्यक्षदर्शी मन बताथें कि हमला एतका अचानक रहिस कि ग्रामीण मन ल संभलई तक के मौका नइ मिलिस। भालू ह लगातार हमला करत रहिस, जेन ले घटना स्थल मं अफरा-तफरी मच गे।
हमला मं दू ग्रामीण मन के मौके मं ही मौत होगे, जबकि तीसर व्यक्ति गंभीर रूप ले घायल होगे। घायल ग्रामीण ल गांव वाले मन के मदद ले तत्काल अस्पताल पहुंचाय गीस, जिहां डॉक्टर मन ओकर इलाज करत हें।
घटना के बाद गांव मं पसरे डर
ए दर्दनाक घटना के बाद मरकाटोला, लारगांव अऊ आसपास के गांव मन मं भारी दहशत पसरे हवय। गांव के लोग मन फिलहाल जंगल के ओर जाए ले बचत हें। खासकर लकड़ी बिनई, मवेशी चराय अऊ जंगल उपज लाय वाले ग्रामीण मन अब डरे-सहमे नजर आवत हें।
ग्रामीण मन के कहना हवय कि बरसात के मौसम मं जंगल मं हरियराहट बढ़े के कारण जंगली जानवर मन के गतिविधि घलो बढ़ जाथे। कई बेर भोजन के खोज मं भालू अऊ दूसर वन्यजीव गांव के नजदीक तक पहुंच जाथें।
गांव के बुजुर्ग मन कहिथें कि पहिली अइसन घटना कम सुनई मं आवत रहिस, फेर अब वन्यजीव अऊ इंसान के बीच दूरी कम होत जावत हे, जेन ले टकराव के संभावना बढ़त हे।
वन विभाग अऊ पुलिस पहुंचिस घटना स्थल
घटना के सूचना मिलतेच वन विभाग अऊ पुलिस के टीम तत्काल घटना स्थल पहुंचिस। अधिकारी मन ह पूरा इलाका के निरीक्षण करिन अऊ ग्रामीण मन ले घटना के जानकारी लेके जांच शुरू करिन।
वन विभाग के अधिकारी मन ग्रामीण मन ल फिलहाल अकेले जंगल नइ जाए के सलाह देय हें। संगही जंगल लगे इलाका मं सतर्कता बरते अऊ समूह मं जाय के अपील घलो करे गीस।
अधिकारियों के मुताबिक, प्रभावित क्षेत्र मं निगरानी बढ़ाय जावत हवय अऊ जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त वन अमला तैनात करे जाही।
ग्रामीण मन के प्रमुख मांग
घटना ले नाराज अऊ डरे ग्रामीण मन वन विभाग ले कई मांग रखिन। ग्रामीण मन चाहत हें कि—
- प्रभावित इलाका मं नियमित गश्त बढ़ाय जावय।
- भालू के गतिविधि ऊपर लगातार निगरानी रखे जावय।
- गांव लगे चेतावनी बोर्ड लगाय जावय।
- जंगल जाए वाले ग्रामीण मन ल सुरक्षा संबंधी जानकारी देय जावय।
- भविष्य मं अइसन घटना ल रोकई बर ठोस कदम उठाय जावय।
ग्रामीण मन के कहना हवय कि अगर समय रहते उचित व्यवस्था नइ करे गीस, त अइसन हादसा फेर हो सकथे।
बरसात के मौसम मं बढ़ जाथे वन्यजीव के गतिविधि
वन्यजीव विशेषज्ञ मन बताथें कि बरसात के मौसम मं जंगल मं भोजन अऊ प्राकृतिक गतिविधि बढ़े के कारण भालू जइसने जानवर अधिक सक्रिय हो जाथें। अगर कोई व्यक्ति अचानक बहुत नजदीक पहुंच जाथे या भालू ल खतरा महसूस होथे, त हमला होय के संभावना बढ़ जाथे।
एही कारण ले बरसात के समय जंगल मं जाते बखत अतिरिक्त सावधानी बरते के सलाह दी जाथे। अकेले जंगल नइ जाए, आवाज करत चलना अऊ वन विभाग के निर्देश के पालन करना जरूरी मानाय जाथे।
मानव अऊ वन्यजीव के बीच बढ़त टकराव चिंता के विषय
छत्तीसगढ़ के कई वनांचल इलाका मं पिछले कुछ साल मं मानव अऊ वन्यजीव के बीच टकराव के घटना बढ़े के खबर सामने आइस हे। कभी हाथी, कभी तेंदुआ त कभी भालू के गांव मं पहुंचई के मामला सामने आवत रहिथे।
विशेषज्ञ मन के मानना हवय कि जंगल के सीमित होत क्षेत्र, मानव गतिविधि के विस्तार अऊ प्राकृतिक बदलाव ए समस्या के प्रमुख कारण हो सकथें। अइसन स्थिति मं वन विभाग अऊ स्थानीय समुदाय के बीच बेहतर समन्वय जरूरी हो जाथे।