रायगढ़ के चक्रधरनगर थाना क्षेत्र से लापता 14 वर्षीय नाबालिग बालिका को पुलिस ने ओडिशा के झारसुगुड़ा से सकुशल बरामद किया। आरोपी साहिल एक्का गिरफ्तार, अपहरण और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई। जानिए पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट।
रायगढ़ (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में 14 वर्षीय नाबालिग बालिका के लापता होने के मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। चक्रधरनगर थाना क्षेत्र से लापता हुई बालिका को पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने ओडिशा के झारसुगुड़ा से 23 वर्षीय साहिल एक्का को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर नाबालिग को बहला-फुसलाकर अभिभावकों की जानकारी और सहमति के बिना अपने साथ रखने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
यह कार्रवाई रायगढ़ पुलिस की सतर्कता, तकनीकी जांच और लगातार की गई तलाश अभियान का परिणाम मानी जा रही है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न पहलुओं से जांच की और अंततः आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
कैसे सामने आया मामला
जानकारी के अनुसार, चक्रधरनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली 14 वर्षीय बालिका अचानक अपने घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने काफी तलाश के बाद जब उसका कोई पता नहीं लगाया जा सका तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। नाबालिग के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
चूंकि मामला नाबालिग से जुड़ा था, इसलिए पुलिस ने हर संभावित पहलू पर जांच करते हुए यह पता लगाने का प्रयास किया कि कहीं बालिका को बहला-फुसलाकर तो नहीं ले जाया गया है। शुरुआती जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे, जिनके आधार पर पुलिस की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों का विश्लेषण किया।
तकनीकी जांच से मिला अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि बालिका ओडिशा के झारसुगुड़ा क्षेत्र में हो सकती है। इसके बाद एक विशेष पुलिस टीम को वहां रवाना किया गया।
पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से कार्रवाई करते हुए झारसुगुड़ा में दबिश दी और वहां से बालिका को सकुशल बरामद कर लिया। इसी दौरान पुलिस ने साहिल एक्का नामक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी के खिलाफ इन धाराओं में हुई कार्रवाई
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी साहिल एक्का ने नाबालिग बालिका को उसके अभिभावकों की जानकारी और सहमति के बिना अपने साथ रखा था। उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान मिले तथ्यों को देखते हुए पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की धारा 18 भी प्रकरण में जोड़ी है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पीड़िता के बयान में क्या सामने आया
पुलिस द्वारा बरामदगी के बाद बालिका का बयान भी दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, नाबालिग ने अपने बयान में आरोपी द्वारा उसके साथ दुष्कर्म किए जाने की घटना से इनकार किया है।
हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी भी कानूनी प्रक्रिया के अनुसार जारी है। उपलब्ध साक्ष्यों, चिकित्सकीय परीक्षण और अन्य जांच रिपोर्टों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। नाबालिग से जुड़े मामलों में कानून के तहत प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष जांच की जाती है ताकि किसी भी तथ्य की अनदेखी न हो।
नाबालिगों से जुड़े मामलों में पुलिस की सतर्कता
नाबालिग बच्चों के लापता होने के मामलों को पुलिस अत्यंत संवेदनशीलता के साथ देखती है। ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण होती है क्योंकि शुरुआती कुछ घंटे जांच के लिए निर्णायक माने जाते हैं।
रायगढ़ पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल बालिका को सुरक्षित बरामद किया, बल्कि आरोपी तक भी पहुंच बनाई। पुलिस का कहना है कि नाबालिगों को बहला-फुसलाकर ले जाने या अभिभावकों की अनुमति के बिना अपने साथ रखने जैसे मामलों में कानून बेहद सख्त है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाती है।
परिवार को मिली राहत
बालिका के सकुशल मिलने के बाद उसके परिजनों ने राहत की सांस ली। कई दिनों से चिंता और अनिश्चितता के बीच गुजर रहे परिवार के लिए यह खबर किसी बड़ी राहत से कम नहीं रही। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बालिका को संबंधित नियमों के अनुसार परिवार के सुपुर्द करने की प्रक्रिया शुरू की।
पुलिस की अपील
पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों, विशेषकर किशोर-किशोरियों की गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखें। सोशल मीडिया और मोबाइल के बढ़ते उपयोग के दौर में अजनबियों से संपर्क या किसी के बहकावे में आने जैसी घटनाओं से बचने के लिए बच्चों को समय-समय पर जागरूक करना आवश्यक है।
इसके अलावा यदि कोई नाबालिग अचानक लापता हो जाए तो बिना समय गंवाए तत्काल निकटतम पुलिस थाने में सूचना दें। समय पर दी गई जानकारी से पुलिस को त्वरित कार्रवाई करने में सहायता मिलती है और ऐसे मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
रायगढ़ के इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच के चलते 14 वर्षीय नाबालिग बालिका को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। आरोपी साहिल एक्का की गिरफ्तारी के साथ मामले में अपहरण और पॉक्सो एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ रही है। वहीं, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बालिका ने अपने बयान में दुष्कर्म की घटना से इनकार किया है, जबकि पूरे मामले की जांच अभी भी विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत जारी है। यह मामला एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि नाबालिगों की सुरक्षा के प्रति परिवार, समाज और प्रशासन सभी की समान जिम्मेदारी है।
