केंद्र सरकार द्वारा अग्रिम कर हस्तांतरण के तहत छत्तीसगढ़ को ₹3,602 करोड़ की राशि मिली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे सहकारी संघवाद की मिसाल बताते हुए कहा कि इससे सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याणकारी योजनाओं को नई गति मिलेगी। पढ़ें पूरी विस्तृत खबर।
रायपुर, 02 अगस्त (वेदांत समाचार) CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24) । केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को समय से पहले अग्रिम कर हस्तांतरण (Advance Tax Devolution) किए जाने के निर्णय से छत्तीसगढ़ को बड़ी वित्तीय राहत मिली है। इस फैसले के तहत राज्य को ₹3,602 करोड़ की राशि प्राप्त होगी, जिसे प्रदेश में चल रही विकास परियोजनाओं, अधोसंरचना निर्माण और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उपयोग किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) की भावना को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय न केवल राज्यों की वित्तीय जरूरतों को समय पर पूरा करने वाला है, बल्कि इससे विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
समय से पहले कर हस्तांतरण राज्यों के लिए बड़ी राहत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास की गति काफी हद तक उसकी वित्तीय क्षमता पर निर्भर करती है। जब राज्यों को समय पर संसाधन उपलब्ध होते हैं तो विकास कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होती। केंद्र सरकार द्वारा अग्रिम कर हस्तांतरण का निर्णय इसी सोच का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि समय से पहले कर हिस्सेदारी उपलब्ध कराना केंद्र सरकार की संवेदनशील, दूरदर्शी और विकासोन्मुखी नीति का प्रमाण है। इससे राज्यों को अपनी प्राथमिकताओं के अनुरूप योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय केवल वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि राज्यों के प्रति केंद्र सरकार के भरोसे और सहयोग का भी प्रतीक है।
₹3,602 करोड़ से विकास परियोजनाओं को मिलेगा नया बल
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ को प्राप्त होने वाली ₹3,602 करोड़ की राशि का उपयोग प्रदेश की विभिन्न विकास परियोजनाओं को गति देने में किया जाएगा। राज्य सरकार की प्राथमिकता ऐसे क्षेत्रों पर रहेगी जिनका सीधा संबंध आम जनता के जीवन स्तर से है।
इस राशि से प्रदेश में चल रहे अधोसंरचना विकास कार्यों को तेजी मिलेगी। सड़क निर्माण और मरम्मत परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जा सकेगा, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा। इसके अलावा सिंचाई परियोजनाओं में निवेश बढ़ने से किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि मजबूत अधोसंरचना किसी भी राज्य के आर्थिक विकास की आधारशिला होती है। बेहतर सड़क, पुल, सिंचाई व्यवस्था और परिवहन सुविधाएं उद्योग, व्यापार और कृषि क्षेत्र को भी नई ऊर्जा प्रदान करती हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राप्त राशि का एक महत्वपूर्ण हिस्सा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने में भी सहायक होगा।
प्रदेश में नए स्कूल भवनों, छात्रावासों, शैक्षणिक संसाधनों तथा डिजिटल शिक्षा सुविधाओं को विस्तार देने की दिशा में कार्यों को गति मिलेगी। वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार में भी यह राशि उपयोगी साबित होगी।
विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य सरकार पहले से कई योजनाओं पर काम कर रही है। अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों से इन योजनाओं का प्रभाव और व्यापक होगा।
पेयजल, ग्रामीण विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को भी मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से पेयजल आपूर्ति, ग्रामीण विकास, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए भी वित्तीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसके अलावा महिलाओं, किसानों, युवाओं, गरीब परिवारों तथा कमजोर वर्गों से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी इस राशि का सकारात्मक प्रभाव दिखाई देगा।
सहकारी संघवाद को मजबूत करने वाला कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, विश्वास और सहयोग आवश्यक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार ऐसे निर्णय ले रही है, जिनसे राज्यों की वित्तीय स्थिति मजबूत हो रही है।
उन्होंने कहा कि सहकारी संघवाद केवल एक संवैधानिक व्यवस्था नहीं, बल्कि विकास का प्रभावी मॉडल है। जब केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर कार्य करती हैं, तब योजनाओं का लाभ अधिक तेजी और प्रभावशीलता के साथ जनता तक पहुंचता है।
मुख्यमंत्री के अनुसार अग्रिम कर हस्तांतरण इसी सहयोगात्मक व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे राज्यों को अपनी विकास योजनाओं को समय पर पूरा करने में सहायता मिलेगी।
विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार का निरंतर सहयोग छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ कार्य कर रही है और इस दिशा में वित्तीय संसाधनों की समय पर उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में विकास कार्यों को समान प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक जिले में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हो और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के प्रति जताया आभार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर लिए जा रहे सकारात्मक निर्णय राज्यों की आर्थिक मजबूती के साथ-साथ देश के समग्र विकास को भी गति प्रदान कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार इन संसाधनों का पारदर्शी और जनहित में उपयोग सुनिश्चित करेगी ताकि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में राज्य सरकार अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, पेयजल और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में तेजी से कार्य करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ती रहेगी।
