कोंडागांव जिले में लगातार बारिश के चलते नारंगी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। पुल के ऊपर 1 फीट पानी बहने से कोंडागांव-जोंधरापदर-नारायणपुर मार्ग बंद कर दिया गया। प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर नगर सैनिकों की तैनाती की और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
कोंडागांव (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में लगातार हो रही बारिश का असर अब जनजीवन पर दिखाई देने लगा है। पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसी क्रम में कोंडागांव-जोंधरापदर-नारायणपुर मुख्य मार्ग पर स्थित नारंगी नदी में जलस्तर बढ़ने से स्थिति गंभीर हो गई है। नदी का पानी पुल के ऊपर लगभग एक फीट तक बहने लगा, जिसके बाद जिला प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग पर तत्काल आवागमन बंद कर दिया है।
बारिश के कारण अचानक बढ़े जलस्तर से पुल के ऊपर पानी का तेज बहाव देखने को मिला। ऐसे हालात में छोटे-बड़े वाहनों के गुजरने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए समय रहते कदम उठाते हुए मार्ग को बंद करने का निर्णय लिया।
प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति, दोनों ओर की गई बैरिकेडिंग
नारंगी नदी में जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलते ही कोंडागांव प्रशासन सक्रिय हो गया। कोंडागांव एसडीएम अजय उरांव और तहसीलदार मनोज रावटे तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने नदी के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर मार्ग को पूरी तरह बंद कराया, ताकि कोई भी वाहन चालक या राहगीर जोखिम उठाकर पुल पार करने का प्रयास न करे।
प्रशासन की टीम लगातार मौके पर नजर बनाए हुए है। नदी के बढ़ते जलस्तर और मौसम की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए नगर सैनिकों की तैनाती भी की गई है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक नदी का जलस्तर सामान्य नहीं हो जाता और पुल से पानी का बहाव पूरी तरह बंद नहीं हो जाता, तब तक मार्ग पर आवाजाही शुरू नहीं की जाएगी।
यात्रियों से अपील, जोखिम लेकर पुल पार न करें
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और बंद किए गए मार्ग पर आवागमन करने से बचें। बारिश के मौसम में नदी-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है, जिससे खतरा बढ़ जाता है।
प्रशासन ने लोगों से कहा है कि वे किसी भी स्थिति में तेज बहाव वाले पानी को पार करने का प्रयास न करें। अक्सर लोग जल्दबाजी में उफनती नदी या पुल को पार करने की कोशिश करते हैं, जिससे हादसे की संभावना बढ़ जाती है।
विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
बारिश के मौसम में बढ़ जाती है नदी-पुलों पर खतरे की स्थिति
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग सहित कई जिलों में मानसून के दौरान नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है। पहाड़ी और वन क्षेत्रों में लगातार बारिश होने से छोटी नदियां भी कुछ ही समय में उफान पर आ जाती हैं।
नारंगी नदी भी बारिश के दौरान कई बार अपना जलस्तर बढ़ा लेती है। नदी पर बने पुल से होकर गुजरने वाला यह मार्ग कोंडागांव और नारायणपुर जिले के बीच आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। ऐसे में मार्ग बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है।
कोंडागांव जिले में बारिश को लेकर प्रशासन अलर्ट
लगातार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। राजस्व, पुलिस और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी लगातार क्षेत्र की स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
ग्रामीण इलाकों में भी नदी-नालों के पास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी होने वाली चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।
बारिश के दौरान सड़क, पुल और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे बिना आवश्यक कार्य के जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ी, वैकल्पिक रास्तों का सहारा
कोंडागांव-नारायणपुर मार्ग बंद होने के कारण इस रास्ते से यात्रा करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कई ग्रामीण और यात्री इस मार्ग का उपयोग दैनिक आवागमन के लिए करते हैं।
हालांकि प्रशासन की ओर से सुरक्षा कारणों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही मौसम में सुधार होगा और नदी का पानी पुल से नीचे उतर जाएगा, स्थिति की समीक्षा के बाद मार्ग खोलने का निर्णय लिया जाएगा।
प्रशासन की अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन और स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
फिलहाल नारंगी नदी का जलस्तर प्रशासन की निगरानी में है और मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे धैर्य रखें और नदी के बहाव को देखते हुए प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
