नवाडीह चौक में सर्व हिंदू समाज ने कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में आक्रोश प्रदर्शन और पुतला दहन किया। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया तथा कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
नवाडीह (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। क्षेत्र के नवाडीह चौक में शनिवार को सर्व हिंदू समाज के तत्वावधान में कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में शांतिपूर्ण आक्रोश प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान समाज के लोगों ने संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। इस आयोजन में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
प्रदर्शन के दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि हाल ही में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक कार्यक्रम में माता सीता, भगवान श्रीराम, भारतीय सेना, संत प्रेमानंद महाराज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), बजरंग दल एवं भारत माता के संबंध में कथित रूप से अभद्र एवं आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इन टिप्पणियों से करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और समाज में नाराजगी का माहौल बना है।
शांतिपूर्ण ढंग से दर्ज कराया विरोध
आक्रोश प्रदर्शन के दौरान सभी प्रतिभागियों ने अनुशासन और शांति बनाए रखते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। नवाडीह चौक पर एकत्रित लोगों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर विरोध प्रदर्शन किया तथा प्रशासन से दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भारत विविधताओं का देश है, जहां सभी धर्मों, आस्थाओं और विचारों का सम्मान किया जाता है। ऐसे में किसी भी धर्म, देवी-देवता, राष्ट्रीय प्रतीकों, संतों या देश की सुरक्षा से जुड़े संस्थानों के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ किसी की धार्मिक भावनाओं या राष्ट्रीय सम्मान को ठेस पहुंचाना नहीं होना चाहिए।
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की रही सक्रिय भागीदारी
आंदोलन में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल तथा सर्व हिंदू समाज से जुड़े अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि समाज में शांति, सद्भाव और पारस्परिक सम्मान बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसी भी प्रकार की टिप्पणी यदि समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास करती है तो उस पर समय रहते उचित कानूनी कदम उठाया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
राष्ट्रहित और सामाजिक सौहार्द पर दिया गया जोर
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत सदियों पुरानी है और यहां सभी धर्मों एवं परंपराओं का सम्मान किया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून का पालन करें और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है, लेकिन यह विरोध संवैधानिक मर्यादाओं के भीतर रहकर होना चाहिए। समाज के लोगों ने यह भी कहा कि धार्मिक और सामाजिक विषयों पर सार्वजनिक मंचों से दिए जाने वाले वक्तव्यों में संयम और जिम्मेदारी आवश्यक है।
कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि
आक्रोश प्रदर्शन के समापन के बाद उपस्थित सभी लोगों ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
वक्ताओं ने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सेना के जवानों ने कठिन परिस्थितियों में अद्वितीय साहस और वीरता का परिचय देते हुए देश की सीमाओं की रक्षा की थी। उनका बलिदान प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है और देश सदैव उनके योगदान का ऋणी रहेगा।
‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से गूंजा वातावरण

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद उपस्थित लोगों ने “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” तथा अन्य राष्ट्रभक्ति से जुड़े उद्घोष लगाए। कार्यक्रम में शामिल नागरिकों ने देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रहित के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
आयोजकों ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने युवाओं से भी देशहित और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन के दौरान सर्व हिंदू समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की कि कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि इससे समाज में कानून के प्रति विश्वास मजबूत होगा और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
आयोजकों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव उत्पन्न करना नहीं बल्कि शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी भावनाओं और मांगों को प्रशासन तक पहुंचाना है।
शांतिपूर्ण आयोजन के साथ कार्यक्रम का समापन
पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और शांति का वातावरण बना रहा। प्रदर्शन के उपरांत सभी प्रतिभागियों ने आपसी सौहार्द बनाए रखने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संकल्प लिया। इसके साथ ही कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और भारत की एकता एवं अखंडता के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए किया गया।
