कोरबा मं छत्तीसगढ़ प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) संघ ह आउटसोर्सिंग, वेतन विसंगति अऊ शासन के निर्देश लागू नई करे के विरोध मं प्रदर्शन करिस। रैली निकालके मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर ला ज्ञापन सौंपे गीस। जानव पूरा मामला
कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) । छत्तीसगढ़ प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) संघ के आह्वान पर मंगलवार के दिन कोरबा मं स्वास्थ्य विभाग के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी मन ह अपन लंबित मांग मन ला लेके जोरदार प्रदर्शन करिन। आउटसोर्सिंग व्यवस्था, वेतन विसंगति अऊ शासन के पूर्व निर्देश मन के पालन नई होवत के विरोध मं अधिकारी मन ह रैली निकालिन अऊ जिला कलेक्ट्रेट पहुंचके मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम कलेक्टर के माध्यम ले ज्ञापन सौंपिन।
प्रदर्शन मं शामिल सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी मन के कहना रहिस कि राज्य स्वास्थ्य समिति, स्वास्थ्य मंत्री अऊ भारत सरकार के स्पष्ट दिशा-निर्देश होय के बावजूद कई महत्वपूर्ण निर्णय मन के सही ढंग ले पालन नई करे जात हे। एखर सीधा असर हजारों संविदा स्वास्थ्य कर्मी मन के सेवा शर्त, वेतन अऊ भविष्य ऊपर पड़त हवय।
संघ ह शासन ले मांग करे हवय कि लंबे समय ले लंबित मुद्दा मन के जल्द समाधान करे जावय अऊ स्वास्थ्य अधिकारी मन संग होवत भेदभाव ला खत्म करे जावय।
रैली निकालके जताइन अपन विरोध
मंगलवार बिहान कोरबा शहर मं बड़ी संख्या मं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी मन एकजुट होके शांतिपूर्ण रैली निकालिन। रैली के दौरान अधिकारी मन अपन मांग मन के समर्थन मं नारा लगावत शासन के ध्यान आकर्षित करे के प्रयास करिन।
रैली शहर के प्रमुख मार्ग ले गुजरत कलेक्ट्रेट पहुंचिस, जिहां संघ के प्रतिनिधि मंडल ह प्रशासनिक अधिकारी मन ला मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपिस। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहिस अऊ अधिकारी मन अपन मांग ला लोकतांत्रिक तरीका ले सरकार तक पहुंचाइन।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गीस ज्ञापन
संघ के प्रतिनिधि मन ह कलेक्टर कार्यालय पहुंचके प्रशासन के माध्यम ले मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपिन। ज्ञापन मं कई महत्वपूर्ण मांग अऊ शिकायत मन के उल्लेख करे गे हवय।
संघ के मुताबिक, राज्य स्वास्थ्य समिति के शासी निकाय मं जेन फैसला लेय गे रहिस, ओकर सही ढंग ले पालन नई होवत हे। एखर संग-संग स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश अऊ भारत सरकार के दिशा-निर्देश मन घलो पूरी तरह लागू नई करे गइन।
अधिकारी मन के कहना हे कि अगर समय रहते ए मामला मं सुधार नई करे गीस, त प्रदेश भर के स्वास्थ्य अधिकारी मन के बीच असंतोष अउ बढ़ सकथे।
वेतन विसंगति बने बड़े मुद्दा
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ के सबसे प्रमुख मांग वेतन विसंगति ला दूर करे के आय।
संघ के प्रतिनिधि मन के आरोप हवय कि वेतनमान संबंधी जऊन प्रस्ताव शासन ला भेजे जाना रहिस, ओला मूल निर्देश के अनुरूप नई भेजे गीस। ओकर बदला मं अलग प्रस्ताव भेजे गे, जेनकर कारण वेतन संबंधी मामला अउ उलझ गे।
संघ के मुताबिक, ए फैसला ले संविदा अऊ नियमित स्वास्थ्य कर्मचारी मन के बीच असमानता पैदा होवत हे। समान जिम्मेदारी निभाय के बावजूद वेतन अऊ सेवा सुविधा मं अंतर होय ले कर्मचारी मन मं भारी नाराजगी देखे जात हे।
आउटसोर्सिंग व्यवस्था ऊपर उठाइन सवाल
प्रदर्शन के दौरान संघ ह स्वास्थ्य विभाग मं बढ़त आउटसोर्सिंग व्यवस्था ऊपर घलो गंभीर सवाल उठाइस।
अधिकारी मन के कहना हे कि स्वास्थ्य सेवा जइसने संवेदनशील क्षेत्र मं आउटसोर्सिंग ला बढ़ावा देय ले कर्मचारी मन के नौकरी के सुरक्षा प्रभावित हो सकथे। एखर असर स्वास्थ्य सेवा के गुणवत्ता ऊपर घलो पड़ सकथे।
संघ के अनुसार, सरकार ला नियमित अऊ प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी मन के सेवा शर्त मजबूत करे ऊपर ध्यान देना चाही, ताकि ग्रामीण अऊ शहरी इलाका के मरीज मन ला बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सकय।
भारत सरकार के दिशा-निर्देश लागू करे के मांग
ज्ञापन मं संघ ह ए बात ऊपर जोर दे हवय कि भारत सरकार द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी मन बर जारी दिशा-निर्देश अऊ सेवा संबंधी नीति के पूर्ण पालन सुनिश्चित करे जावय।
संघ के कहना हे कि केंद्र सरकार के कई निर्देश प्रदेश स्तर मं पूरी तरह लागू नई होवत हवंय, जेनकर असर सीधे कर्मचारी मन के सेवा शर्त अऊ कार्यप्रणाली ऊपर पड़त हे।
अधिकारी मन चाहथें कि केंद्र अऊ राज्य सरकार के निर्णय मन के समान रूप ले पालन होवय।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा मं निभावत हवंय महत्वपूर्ण भूमिका
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी मन प्रदेश के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर अऊ प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा मं महत्वपूर्ण भूमिका निभाथें। ग्रामीण अंचल मं प्राथमिक इलाज, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, गैर-संचारी बीमारी के जांच अऊ स्वास्थ्य जागरूकता जइसने कई जिम्मेदारी ओमन निभावत हवंय।
संघ के कहना हे कि कोरोना महामारी के समय घलो सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी मन अग्रिम पंक्ति मं रहिके जनता के सेवा करिन। अइसने स्थिति मं सेवा शर्त अऊ वेतन संबंधी समस्या के जल्द समाधान होना जरूरी हे।
सरकार ले जल्द समाधान के मांग
संघ के पदाधिकारी मन ह सरकार ले मांग करे हवंय कि वेतन विसंगति दूर करे, आउटसोर्सिंग संबंधी नीति ऊपर पुनर्विचार करे अऊ राज्य स्वास्थ्य समिति के मूल निर्णय मन ला बिना बदलाव लागू करे जावय।
ओमन कहिन कि कर्मचारी मन केवल अपन अधिकार अऊ सम्मानजनक सेवा शर्त के मांग करत हवंय। सरकार समय रहते सकारात्मक पहल करही, त स्वास्थ्य व्यवस्था मं काम करत हजारों अधिकारी मन ला राहत मिल सकही।
शांतिपूर्ण आंदोलन, समाधान के आस
प्रदर्शन के आखिर मं संघ के प्रतिनिधि मन कहिन कि ओमन लोकतांत्रिक तरीका ले अपन बात सरकार तक पहुंचावत हवंय। संगठन के उम्मीद हे कि शासन ज्ञापन मं उठाए गे मांग मन ऊपर गंभीरता ले विचार करही अऊ जल्द उचित फैसला लेही।
संघ ह ए घलो स्पष्ट करिस कि स्वास्थ्य सेवा के जिम्मेदारी ला ध्यान मं रखत आंदोलन ला शांतिपूर्ण ढंग ले आयोजित करे गे रहिस। अब कर्मचारी मन के नजर शासन के आगामी फैसला ऊपर टिकी हवय।
अगर मांग मन के निराकरण समय मं होथे, त एखर फायदा केवल कर्मचारी मन ला नई, बल्कि प्रदेश के स्वास्थ्य व्यवस्था अऊ आम जनता ला घलो मिलही।
