भाजपा महिला मोर्चा जिला कोरबा के वर्चुअल बैठक मं ‘सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान-2026’ के रूपरेखा तय। सुरक्षा बल मन के सम्मान, राष्ट्रसेवा के प्रति कृतज्ञता अऊ अभियान ला बूथ स्तर तक पहुंचाय बर बनिस रणनीति।
कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। देश के सीमा मं दिन-रात डटे जवान मन के सम्मान अऊ राष्ट्रसेवा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करे बर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा अब व्यापक जनअभियान के तैयारी मं जुट गे हवय। आगामी ‘सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान-2026’ ला सफल बनाय बर भाजपा महिला मोर्चा जिला कोरबा के वर्चुअल बैठक आयोजित करे गीस, जिहां अभियान के रूपरेखा, संगठन के जिम्मेदारी अऊ बूथ स्तर तक कार्यक्रम पहुंचाय के रणनीति ऊपर विस्तार ले चर्चा होइस।
बैठक मं साफ कहे गीस कि ए अभियान सिरिफ एक संगठनात्मक कार्यक्रम नइ, बल्कि देश के सुरक्षा मं अपन जीवन समर्पित करे वाले जवान मन बर सम्मान, विश्वास अऊ अपनत्व के प्रतीक बनके सामने आही।
जवान मन बर सम्मान के संदेश ले गांव-गांव तक पहुंचही अभियान
भाजपा महिला मोर्चा के पदाधिकारी मन कहिन कि ‘सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान-2026’ के मूल उद्देश्य देश के सुरक्षा बल मन के प्रति समाज के सम्मान भावना ला मजबूत करना हवय।
सीमा मं तैनात सैनिक, अर्धसैनिक बल अऊ देश के आंतरिक सुरक्षा मं लगे जवान मन परिवार ले दूर रहिके कठिन परिस्थिति मं देश सेवा करथें। ए अभियान के माध्यम ले समाज के महिला मन अपन स्नेह अऊ सम्मान के प्रतीक के रूप मं रक्षा-सूत्र बांधके जवान मन के मनोबल ला बढ़ाय के संदेश देहीं।
वर्चुअल बैठक मं अभियान के विस्तृत रूपरेखा ऊपर होइस चर्चा
जिला कोरबा के आयोजित वर्चुअल बैठक मं महिला मोर्चा के पदाधिकारी मन अभियान के हर पहलू ऊपर विस्तार ले विचार-विमर्श करिन।
चर्चा मं ए बात ऊपर विशेष जोर दे गीस कि कार्यक्रम सिरिफ जिला मुख्यालय तक सीमित नइ रहय, बल्कि हर मंडल, शक्ति केंद्र अऊ बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग ले संचालित होय।
बैठक मं संगठन के अलग-अलग जिम्मेदारी तय करे के अलावा कार्यक्रम के समयबद्ध संचालन, जनभागीदारी अऊ समाज के विभिन्न वर्ग मन के सहभागिता बढ़ाय ऊपर घलो मंथन होइस।

हर मंडल अऊ बूथ तक पहुंचाय जाही अभियान
महिला मोर्चा के पदाधिकारी मन संकल्प लेविन कि जिला कोरबा के प्रत्येक मंडल अऊ बूथ मं अभियान के आयोजन सुनिश्चित करे जाही।
एखर बर स्थानीय कार्यकर्ता मन ला जिम्मेदारी सौंपे जाही, ताकि अधिक ले अधिक महिला मन ए अभियान मं जुड़ सकंय।
संगठन के मुताबिक, अभियान के माध्यम ले सुरक्षा बल मन बर सम्मान के भावना ला समाज के हर वर्ग तक पहुंचाय जाही।
देश सेवा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करे के माध्यम बनही अभियान
बैठक मं वक्ता मन कहिन कि सैनिक सिरिफ सीमा के रक्षा नइ करंय, बल्कि देश के हर नागरिक के सुरक्षा के भरोसा बनके खड़े रहिथें।
अइसने मं समाज के जिम्मेदारी बनथे कि ओमन के त्याग अऊ समर्पण ला सम्मान देवय।
‘सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान’ एही भावना के विस्तार हवय, जिहां महिला मन अपन हाथ ले रक्षा-सूत्र बांधके जवान मन के प्रति विश्वास अऊ आत्मीयता व्यक्त करहीं।
महिला शक्ति के सक्रिय भागीदारी ऊपर जोर
बैठक मं महिला मोर्चा के पदाधिकारी मन कहिन कि ए अभियान मं महिला शक्ति के भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रहिही।
महिला मन समाज मं संवेदना, अपनत्व अऊ सामाजिक जागरूकता के मजबूत आधार होथें। एही कारण अभियान के माध्यम ले अधिक ले अधिक महिला मन ला जोड़के राष्ट्रीय एकता अऊ सैनिक सम्मान के संदेश फैलाय जाही।
संगठनात्मक मजबूती के संग सामाजिक संदेश
बैठक मं ए बात घलो कही गीस कि अभियान संगठन के कार्यकर्ता मन बर समाज ले जुड़ाय के अवसर घलो बनही।
कार्यकर्ता मन सुरक्षा बल मन के प्रति सम्मान व्यक्त करे के संग-संग समाज मं राष्ट्रभक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व अऊ राष्ट्रीय एकता के संदेश घलो पहुंचाही।
एकजुटता संग सफल बनाय के संकल्प
बैठक के आखिर मं उपस्थित पदाधिकारी मन एकमत ले संकल्प लेविन कि अभियान ला जिला कोरबा मं ऐतिहासिक रूप ले सफल बनाय जाही।
ओमन कहिन कि ए कार्यक्रम के सफलता संगठन के सक्रियता, कार्यकर्ता मन के मेहनत अऊ समाज के सहयोग ऊपर निर्भर रहिही।
महिला मोर्चा के पदाधिकारी मन विश्वास जताइन कि बड़ी संख्या मं महिला मन ए अभियान मं सहभागी बनही अऊ सैनिक सम्मान के संदेश ला घर-घर तक पहुंचाही।
रक्षा-सूत्र के परंपरा के सामाजिक महत्व
भारतीय संस्कृति मं रक्षा-सूत्र सिरिफ एक धागा नइ, बल्कि विश्वास, सम्मान, सुरक्षा अऊ आत्मीय संबंध के प्रतीक माने जाथे।
ए अभियान एही सांस्कृतिक परंपरा ला देश सेवा मं लगे जवान मन तक पहुंचाय के प्रयास हवय। एखर माध्यम ले समाज अऊ सुरक्षा बल मन के बीच भावनात्मक जुड़ाव अऊ मजबूत हो सकथे।
कोरबा मं आयोजित भाजपा महिला मोर्चा के वर्चुअल बैठक ले साफ संकेत मिलत हवय कि ‘सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान-2026’ ला व्यापक जनभागीदारी के संग सफल बनाय के तैयारी शुरू होगे हवय।
बैठक मं संगठनात्मक रूपरेखा, बूथ स्तर तक अभियान पहुंचाय, महिला शक्ति के भागीदारी अऊ सुरक्षा बल मन बर सम्मान के संदेश ला समाज तक पहुंचाय ऊपर विशेष जोर दे गीस।
यदि ए अभियान व्यापक जनसहभागिता के संग संचालित होथे, त ए सिरिफ एक संगठनात्मक कार्यक्रम नइ, बल्कि देश के सुरक्षा मं समर्पित जवान मन के प्रति समाज के सम्मान अऊ कृतज्ञता व्यक्त करे के सार्थक माध्यम बन सकथे।
