छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील ने मंत्रालय में हाई लेवल बैठक लेकर सभी विभागों की समीक्षा की। ई-ऑफिस, लोक सेवा गारंटी, डिजिटल गवर्नेंस और पीएम सूर्य घर योजना सहित कई योजनाओं पर दिए अहम निर्देश।
रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य के मुख्य सचिव विकासशील ने सभी विभागों के सचिवों के साथ विभिन्न योजनाओं और विभागीय कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक का मुख्य फोकस था—डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करना, सरकारी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध कराना और आम नागरिकों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाना।
बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि अब प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि तकनीक आधारित, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित प्रणाली के अनुरूप आगे बढ़ाना होगा। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपनी सेवाओं और योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाएं, ताकि लोगों को सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
योजनाओं की प्रगति की हुई विस्तृत समीक्षा
बैठक के दौरान राज्य सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म की समीक्षा की गई। इनमें प्रमुख रूप से—
- ई-ऑफिस प्रणाली
- आधार आधारित उपस्थिति व्यवस्था
- लोक सेवा गारंटी अधिनियम
- सूचना का अधिकार (RTI)
- सेवा सेतु
- ई-प्रगति
- पीएम प्रगति पोर्टल
- डी-रेगुलेशन
- ई-गजट
- सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान
- नियद नेल्लानार योजना
- ग्रामीण विकास योजनाएं
- पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना
जैसी योजनाओं की प्रगति, क्रियान्वयन और लंबित कार्यों की स्थिति पर विभागवार चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से प्रत्येक योजना की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों और सामने आ रही चुनौतियों की जानकारी भी ली।
डिजिटल गवर्नेंस को लेकर दिए स्पष्ट निर्देश
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि डिजिटल तकनीक केवल सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि बेहतर प्रशासन का आधार बन चुकी है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि जहां भी संभव हो, सेवाओं को ऑनलाइन किया जाए और नागरिकों को घर बैठे आवेदन, प्रमाण पत्र, अनुमतियां तथा अन्य सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि विभागीय प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए ताकि आम लोगों को अनावश्यक कागजी कार्रवाई और कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल सके।
विशेष रूप से ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी उपयोग पर जोर देते हुए कहा गया कि फाइलों के निपटारे में अनावश्यक देरी समाप्त होनी चाहिए और सभी विभाग समयबद्ध तरीके से कार्य करें।
लोक सेवा गारंटी को और प्रभावी बनाने पर जोर
बैठक में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली सेवाओं की भी समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं और लंबित मामलों की नियमित निगरानी की जाए।
उन्होंने कहा कि नागरिकों का सरकारी व्यवस्था पर विश्वास तभी मजबूत होगा जब सेवाएं समय पर और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हों।
ई-ऑफिस से बढ़ेगी कार्यक्षमता
राज्य सरकार पिछले कुछ वर्षों से ई-ऑफिस प्रणाली को मजबूत करने पर लगातार काम कर रही है। बैठक में इस व्यवस्था की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया।
ई-ऑफिस के माध्यम से सरकारी फाइलों का डिजिटल संचालन, ऑनलाइन अनुमोदन और रिकॉर्ड प्रबंधन आसान होता है। इससे—
- निर्णय प्रक्रिया तेज होती है,
- पारदर्शिता बढ़ती है,
- कागज की खपत कम होती है,
- और प्रशासनिक जवाबदेही मजबूत होती है।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों से इस प्रणाली का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आधार आधारित उपस्थिति और जवाबदेही
बैठक में आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली की भी समीक्षा की गई।
इस व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति को अधिक पारदर्शी बनाना और कार्य संस्कृति को मजबूत करना है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि सभी विभाग निर्धारित मानकों के अनुसार इस व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करें।
ग्रामीण विकास योजनाओं पर भी रहा विशेष फोकस
समीक्षा बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
विशेष रूप से ग्रामीण विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, सेवा वितरण और राज्य सरकार की प्राथमिक योजनाओं की प्रगति पर विभागों से रिपोर्ट ली गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही प्रशासन की सबसे बड़ी सफलता होगी।
पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा
बैठक में केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पात्र हितग्राहियों तक योजना की जानकारी प्रभावी तरीके से पहुंचाई जाए और आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, ताकि अधिक से अधिक परिवार इस योजना का लाभ उठा सकें।
नागरिकों को मिलेगा सीधा लाभ
यदि बैठक में दिए गए निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन होता है, तो इसका सबसे बड़ा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा।
सरकारी सेवाओं के ऑनलाइन होने से—
- आवेदन प्रक्रिया सरल होगी,
- समय की बचत होगी,
- कार्यालयों के चक्कर कम लगेंगे,
- पारदर्शिता बढ़ेगी,
- और शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल गवर्नेंस केवल तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि प्रशासनिक संस्कृति में व्यापक बदलाव का माध्यम है।
सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
प्रशासनिक विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रकार की समीक्षा बैठकें केवल विभागीय औपचारिकता नहीं होतीं, बल्कि इनसे सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट होती हैं।
जब विभागों की नियमित समीक्षा होती है और समयबद्ध लक्ष्य तय किए जाते हैं, तो योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आती है और जवाबदेही भी बढ़ती है।
मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मुख्य सचिव विकासशील की यह उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक छत्तीसगढ़ में डिजिटल प्रशासन और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि भविष्य का प्रशासन तकनीक आधारित, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित होगा।
ई-ऑफिस, लोक सेवा गारंटी, सेवा सेतु, पीएम प्रगति, ग्रामीण विकास योजनाएं और पीएम सूर्य घर जैसी योजनाओं की नियमित समीक्षा से यह संकेत भी मिलता है कि सरकार केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन और परिणामों पर भी बराबर नजर रख रही है।
यदि विभाग समयबद्ध तरीके से इन निर्देशों का पालन करते हैं, तो आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के नागरिकों को अधिक तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक सरकारी सेवाएं मिलने की उम्मीद की जा सकती है।
