(वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) छत्तीसगढ़ मं न्याय व्यवस्था ल आधुनिक तकनीक के संग जोड़के अउ जियादा पारदर्शी, प्रभावी अउ समयबद्ध बनाय के दिशा मं एक महत्वपूर्ण कदम उठाय गे हवय। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा के मार्गदर्शन अउ निर्देशन मं राज्यभर के न्यायिक अधिकारी मन बर डिजिटल न्यायिक प्लेटफॉर्म ऊपर व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करे गे।
ए राज्यव्यापी प्रशिक्षण के मुख्य उद्देश्य न्यायिक अधिकारी मन ल आधुनिक डिजिटल न्याय प्रणाली के बेहतर उपयोग, तकनीकी दक्षता अउ नवीन आपराधिक कानून मन के अनुरूप न्यायिक प्रक्रिया ल मजबूत बनाना रहिस। बदलत समय मं डिजिटल तकनीक के बढ़त उपयोग ल देखते अब न्यायपालिका घलो तेजी ले डिजिटल माध्यम अपनावत हवय, ताकि आम नागरिक मन ल जल्दी अउ पारदर्शी न्याय मिल सके।
राज्यभर के न्यायिक अधिकारी मन के रही सहभागिता
ए प्रशिक्षण कार्यक्रम मं छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिला एवं सत्र न्यायालय, तहसील न्यायालय, परिवार न्यायालय अउ प्रतिनियुक्ति मं कार्यरत न्यायिक अधिकारी मन भाग लिहिन।
कार्यक्रम के माध्यम ले सबो अधिकारी मन ल डिजिटल न्याय प्रणाली के संचालन संबंधी व्यवहारिक जानकारी देय गीस। विशेषज्ञ मन ह अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग, तकनीकी प्रक्रिया अउ न्यायिक कामकाज मं ओकर महत्व ल विस्तार ले समझाइन।
न्यायपालिका के मुताबिक, जब न्यायिक अधिकारी तकनीकी रूप ले दक्ष होही, त अदालत के कामकाज अउ व्यवस्थित, तेज अउ पारदर्शी बनही।

डिजिटल तकनीक ले बदलत हवय न्याय के तरीका
पहिली जहां कई प्रक्रिया कागजी दस्तावेज ऊपर निर्भर रहिस, ओहीच अब धीरे-धीरे डिजिटल माध्यम अपनाय जा रहिस। ए बदलाव ले न्यायिक प्रक्रिया मं समय के बचत होवत हवय अउ दस्तावेज के सुरक्षित रखरखाव घलो आसान बनत हवय।
प्रशिक्षण मं अधिकारी मन ल बताय गे कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के सही उपयोग ले केस के प्रगति ऊपर लगातार नजर रखे जा सकथे। जानकारी के आदान-प्रदान तेज होथे अउ अलग-अलग विभाग मन के बीच समन्वय घलो बेहतर हो जाथे।
न्याय श्रुति (Nyaya Shruti) के उपयोग ऊपर विशेष जोर
प्रशिक्षण कार्यक्रम मं न्याय श्रुति (Nyaya Shruti) प्लेटफॉर्म के उपयोग ऊपर विशेष ध्यान देय गीस।
अधिकारी मन ल बताय गे कि ए डिजिटल व्यवस्था न्यायिक प्रक्रिया ल सुव्यवस्थित बनाय मं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकथे। दस्तावेज प्रबंधन, रिकॉर्ड संधारण अउ न्यायालयीन कार्यवाही ल डिजिटल रूप मं सुरक्षित रखे बर ए प्रणाली उपयोगी साबित होवत हवय।
विशेषज्ञ मन ह ए प्लेटफॉर्म के व्यवहारिक उपयोग के बारे मं घलो जानकारी साझा करिन।
ई-साक्ष्य ले साक्ष्य प्रबंधन होही अउ मजबूत
डिजिटल न्याय व्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्सा ई-साक्ष्य (eSakshya) प्लेटफॉर्म के बारे मं घलो अधिकारी मन ल विस्तार ले जानकारी दीस।
डिजिटल साक्ष्य के बढ़त उपयोग ल देखते ए प्लेटफॉर्म जांच एजेंसी अउ न्यायालय के बीच बेहतर समन्वय बनाय मं मदद करथे। इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज, वीडियो, फोटो अउ दूसर डिजिटल साक्ष्य ल सुरक्षित रखे अउ न्यायिक प्रक्रिया मं उपयोग करे बर ए व्यवस्था कारगर माने जावत हवय।
ई-समन अउ ई-चालान ले बढ़ही गति
प्रशिक्षण मं ई-समन (eSummons) अउ ई-चालान (eChallan) प्रणाली के संचालन ऊपर घलो विस्तार ले जानकारी दीस।
ई-समन के माध्यम ले संबंधित पक्षकार मन तक समन जल्दी पहुंचाय जा सकथे, जेन ले समय के बचत होथे अउ अनावश्यक देरी कम होथे।
वहीं ई-चालान व्यवस्था ले पुलिस, परिवहन विभाग अउ न्यायालय के बीच डिजिटल समन्वय मजबूत होथे, जेन ले प्रक्रिया अधिक पारदर्शी अउ व्यवस्थित बनथे।
CCTNS अउ ICJS के महत्व ल समझाइन विशेषज्ञ मन
कार्यशाला मं क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) अउ इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) के संचालन के बारे मं घलो न्यायिक अधिकारी मन ल प्रशिक्षण देय गीस।
विशेषज्ञ मन बताइन कि CCTNS ले अपराध संबंधी जानकारी डिजिटल रूप मं उपलब्ध रहिथे, जबकि ICJS पुलिस, न्यायालय, जेल, अभियोजन अउ फॉरेंसिक विभाग मन के बीच जानकारी के आदान-प्रदान ल आसान बनाथे।
ए व्यवस्था ले अलग-अलग विभाग मन के बीच बेहतर तालमेल बने रहिथे अउ न्यायिक प्रक्रिया मं अनावश्यक विलंब कम होथे।
नवा आपराधिक कानून मन के अनुरूप होवत हवय प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम के एक महत्वपूर्ण पहलू ए घलो रहिस कि न्यायिक अधिकारी मन ल लागू होय नवा आपराधिक कानून मन के अनुरूप डिजिटल न्याय प्रणाली के उपयोग सिखाय गीस।
बदलत कानूनी व्यवस्था मं तकनीक के महत्व लगातार बढ़त जावत हवय। ए कारण ले अधिकारी मन ल व्यवहारिक प्रशिक्षण देके नवा कानून मन के प्रभावी क्रियान्वयन बर तैयार करे जावत हवय।
पारदर्शी अउ समयबद्ध न्याय के दिशा मं महत्वपूर्ण पहल
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के ए पहल के उद्देश्य सिरिफ तकनीकी जानकारी देना नइ, बल्कि पूरा न्यायिक व्यवस्था ल अउ जियादा पारदर्शी, जवाबदेह अउ समयबद्ध बनाना हवय।
डिजिटल माध्यम अपनाय ले लंबित मामला मन के सुनवाई मं तेजी आ सकथे। दस्तावेज के खोज, रिकॉर्ड प्रबंधन अउ न्यायिक प्रक्रिया मं लगत समय घलो कम हो सकथे।
ए बदलाव के सीधा लाभ आम नागरिक मन ल मिलही, जेन मन ल न्याय बर बरसों इंतजार करे के जरूरत कम पड़ सकथे।

डिजिटल न्याय व्यवस्था ले जनता के भरोसा होही अउ मजबूत
आज के डिजिटल दौर मं लगभग हर सरकारी सेवा ऑनलाइन होवत जावत हवय। अइसने मं न्यायपालिका के घलो आधुनिक तकनीक अपनाय जनता बर राहत के खबर आय।
राज्यभर मं आयोजित ए प्रशिक्षण कार्यक्रम ए बात के संकेत देथे कि छत्तीसगढ़ न्यायपालिका समय के संग कदम मिलाके न्याय व्यवस्था ल अधिक आधुनिक, प्रभावी अउ भरोसेमंद बनाय बर लगातार प्रयासरत हवय।
विशेषज्ञ मन के मते, जब न्यायिक अधिकारी आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म मं दक्ष होही, त आम नागरिक मन ल न्याय प्रक्रिया अउ सरल, तेज अउ पारदर्शी रूप मं उपलब्ध हो सकही। ए पहल डिजिटल इंडिया के संकल्प ल मजबूत करत न्याय व्यवस्था ल भविष्य के जरूरत अनुसार तैयार करे के दिशा मं एक महत्वपूर्ण कदम माने जा सकथे।
