रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ शासन ने आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह को पूरे प्रदेश में गरिमापूर्ण, भव्य और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत वातावरण में आयोजित करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी जिलों के कलेक्टरों, संभागीय अधिकारियों और विभागीय प्रमुखों को समारोह की तैयारियों की नियमित समीक्षा करने तथा कार्यक्रमों का सफल संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस कई मायनों में विशेष माना जा रहा है। स्वतंत्रता के राष्ट्रीय पर्व के साथ-साथ राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पूरे प्रदेश में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शासन ने निर्देश दिया है कि सभी शासकीय समारोहों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि नागरिकों में राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकता की भावना को और अधिक मजबूत किया जा सके।
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष: ऐतिहासिक अवसर को मिलेगा विशेष महत्व
इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक अवसर भी पूरे प्रदेश में विशेष रूप से मनाया जाएगा।
शासन के निर्देशों के अनुसार सभी शासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और जिला स्तरीय समारोहों में सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जाएगा। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराना और स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों से जोड़ना है।
‘वंदे मातरम्’ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। आज भी यह राष्ट्रभक्ति, त्याग और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक माना जाता है।
प्रदेशभर में होंगे भव्य ध्वजारोहण समारोह
शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों, विकासखंडों, नगर निकायों, पंचायतों तथा शासकीय कार्यालयों में स्वतंत्रता दिवस पर निर्धारित समय पर ध्वजारोहण किया जाएगा।
ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी जाएगी और राष्ट्रगान का सामूहिक गायन होगा। इसके पश्चात स्वतंत्रता दिवस परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा विभिन्न विभागों की झांकियां भी आयोजित की जाएंगी।
जिला प्रशासनों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रमों का आयोजन पूरी गरिमा और राष्ट्रीय सम्मान के अनुरूप किया जाए।

परेड में शामिल होंगी सुरक्षा बलों की विभिन्न टुकड़ियां
स्वतंत्रता दिवस समारोह की एक प्रमुख आकर्षण परेड होगी, जिसमें देश और प्रदेश की विभिन्न सुरक्षा एवं अनुशासित बलों की टुकड़ियां भाग लेंगी।
शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार परेड में—
- सीमा सुरक्षा बल (BSF)
- केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF)
- केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF)
- भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP)
- सशस्त्र सीमा बल (SSB)
- छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष एवं महिला)
- नगर सेना
- राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC)
- बैंड प्लाटून
की टुकड़ियां हिस्सा लेंगी।
इनके अतिरिक्त स्थानीय प्रशासन आवश्यकता के अनुसार अन्य सुरक्षा बलों और स्कूली बैंड दलों को भी शामिल कर सकता है।
मुख्यमंत्री प्रदेशवासियों के नाम देंगे संदेश
राज्य स्तरीय मुख्य समारोह के दौरान मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता के नाम अपना संदेश देंगे।
मुख्यमंत्री अपने संबोधन में राज्य की विकास यात्रा, शासन की प्रमुख उपलब्धियों, आगामी योजनाओं तथा प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार की प्राथमिकताओं की जानकारी साझा करेंगे। साथ ही स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को स्मरण करते हुए युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान भी किया जाएगा।
कलेक्टरों और विभागीय अधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश
राज्य शासन ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों की नियमित समीक्षा करें और प्रत्येक कार्यक्रम समयबद्ध एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।
विभागीय अधिकारियों को भी अपने-अपने कार्यालयों में स्वच्छता, परिसर की सजावट, राष्ट्रीय ध्वज संहिता का पालन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही कार्यक्रम स्थलों पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पेयजल, चिकित्सा सहायता तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा बढ़ावा
स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों का उत्सव भी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को देश के स्वतंत्रता संग्राम, संविधान और राष्ट्रीय कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने का प्रभावी माध्यम बनते हैं। इस वर्ष ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का अवसर इन आयोजनों को और अधिक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी बना देगा।
स्कूलों और महाविद्यालयों में भी होंगे विशेष कार्यक्रम
प्रदेशभर के स्कूलों, महाविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में भी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, देशभक्ति गीत, भाषण प्रतियोगिताएं, निबंध लेखन, चित्रकला और राष्ट्रभक्ति विषयक गतिविधियों का आयोजन किए जाने की संभावना है।
शिक्षकों और विद्यार्थियों को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान, संविधान के मूल्यों और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान से संबंधित जानकारी देने पर विशेष बल दिया जाएगा।
आयोजन का उद्देश्य केवल उत्सव नहीं, जनभागीदारी भी
शासन का उद्देश्य केवल औपचारिक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं है, बल्कि स्वतंत्रता दिवस को जनभागीदारी का उत्सव बनाना भी है।
प्रशासन चाहता है कि नागरिक, सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं, युवा, महिलाएं और विद्यार्थी बड़ी संख्या में इन कार्यक्रमों में शामिल होकर राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दें।
स्वतंत्रता दिवस: राष्ट्र के प्रति कर्तव्य निभाने का संकल्प
हर वर्ष की तरह इस बार भी स्वतंत्रता दिवस देश के वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद करने का अवसर होगा। यह दिन केवल इतिहास को स्मरण करने का नहीं, बल्कि संविधान के प्रति अपनी निष्ठा, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान का संकल्प लेने का भी है।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देश इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं, ताकि पूरे प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस का आयोजन अनुशासन, गरिमा और राष्ट्रीय गौरव के साथ संपन्न हो सके।
