सारंगढ़ (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) । परिवार मं एक स्वस्थ पीढ़ी के नींव तबे मजबूत होथे, जब घर के महतारी, नवजात लइका अउ परिवार के सदस्य मन स्वास्थ्य अउ पोषण के सही जानकारी रखथें। एही सोच ला आधार बनाके सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला प्रशासन अउ महिला एवं बाल विकास विभाग ह जिले भर के आंगनबाड़ी केंद्र मन मं “सास-बहू सम्मेलन” के आयोजन शुरू करे हवय। ए अभियान के मुख्य उद्देश्य परिवार के भीतर संवाद बढ़ाना, गर्भवती अउ धात्री महतारी मन के देखभाल के प्रति जागरूकता लाना अउ कुपोषण मुक्त समाज के दिशा मं जनभागीदारी बढ़ाना आय।
जिला कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के निर्देशानुसार चलत ए पहल मं गर्भवती महतारी, धात्री माता, ओकर सास अउ परिवार के अन्य सदस्य मन ला एके मंच मं बइठाके स्वास्थ्य, पोषण अउ शिशु देखभाल से जुड़े महत्वपूर्ण विषय मन ऊपर जानकारी दी जात हवय।
परिवार के सहयोग लेच स्वस्थ समाज के निर्माण संभव
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी मन के कहना हवय कि गर्भावस्था अउ शिशु जन्म के बाद महतारी के सबसे अधिक जरूरत परिवार के सहयोग के होथे। खासकर ग्रामीण इलाका मं सास परिवार के महत्वपूर्ण सदस्य होथे, जेन घर के निर्णय मन मं अहम भूमिका निभाथे।
एही कारण विभाग ह सम्मेलन के माध्यम ले सास अउ बहू के बीच सकारात्मक संवाद बढ़ाय के प्रयास करत हवय, ताकि परिवार मं एक-दूसर के समझ, सहयोग अउ विश्वास बढ़े।
सम्मेलन मं समझाइस जावत हवय कि स्वस्थ महतारी लेच स्वस्थ लइका जन्म लेथे अउ स्वस्थ लइका लेच समाज के मजबूत भविष्य तय होथे।
गर्भवती महतारी मन ला दी जात हवय जरूरी स्वास्थ्य जानकारी
सम्मेलन के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अउ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मन गर्भवती महिलामन ला गर्भावस्था के दौरान जरूरी सावधानी बर विस्तार ले जानकारी देवत हवंय।
ए मं मुख्य रूप ले बताय जावत हवय—
- समय-समय मं स्वास्थ्य जांच कराय।
- आयरन अउ फोलिक एसिड के गोली नियमित खाय।
- संतुलित अउ पौष्टिक भोजन लेय।
- पर्याप्त आराम करय।
- डॉक्टर के सलाह अनुसार प्रसव पूर्व जांच करवाय।
- संस्थागत प्रसव ला प्राथमिकता देवय।
अधिकारी मन बताथें कि ए छोटे-छोटे कदम महतारी अउ गर्भस्थ शिशु दुनों के स्वास्थ्य बर बेहद जरूरी हवंय।

पहिली 1000 दिन के महत्व ऊपर विशेष जोर
सम्मेलन के दौरान सबसे अधिक जोर बच्चा के जीवन के पहिली 1000 दिन ऊपर दे जावत हवय।
विशेषज्ञ मन के मुताबिक गर्भधारण ले लेके बच्चा के दू साल पूरा होय तक के समय ओकर शारीरिक, मानसिक अउ बौद्धिक विकास बर सबसे महत्वपूर्ण माने जाथे।
ए अवधि मं सही पोषण, समय पर टीकाकरण, नियमित स्वास्थ्य जांच अउ परिवार के देखभाल ले बच्चा के भविष्य मजबूत होथे।
अधिकारी मन परिवार ला समझावत हवंय कि ए समय मं लापरवाही करे ले कुपोषण, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता अउ कई प्रकार के स्वास्थ्य समस्या हो सकत हवय।
एनीमिया रोकथाम अउ संतुलित पोषण ऊपर घलो जागरूकता
महिला एवं बाल विकास विभाग के टीम गर्भवती अउ धात्री महतारी मन मं बढ़त एनीमिया के समस्या ऊपर घलो विशेष जानकारी देवत हवय।
सम्मेलन मं बताय जावत हवय कि हरी पत्तेदार साग, दाल, चना, गुड़, मूंगफली, मौसमी फल, दूध अउ प्रोटीन युक्त भोजन नियमित खाय ले शरीर ला जरूरी पोषण मिलथे।
संगे-संग स्वच्छ पानी पिये, साफ-सफाई रखे अउ संतुलित खानपान अपनाय के सलाह घलो दी जावत हवय।
समय पर टीकाकरण के महत्व समझाय जात हवय
सम्मेलन मं परिवार मन ला ए बात घलो समझाय जावत हवय कि नवजात शिशु के समय पर टीकाकरण बेहद जरूरी आय।
टीका लगाय ले कई गंभीर बीमारी ले बचाव संभव होथे। एखर बर माता-पिता संग-संग परिवार के बड़े सदस्य मन ला घलो टीकाकरण के तारीख याद रखे अउ समय पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे के अपील करे जावत हवय।
स्तनपान बर दी जात हवय सही सलाह
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मन नवजात शिशु के जन्म के तुरंत बाद स्तनपान शुरू करे अउ पहिली छह महीना तक सिरिफ माँ के दूध देवय के सलाह देत हवंय।
विशेषज्ञ मन बताथें कि माँ के दूध ले शिशु ला जरूरी पोषण, रोग प्रतिरोधक क्षमता अउ बेहतर विकास मिलथे।
ए विषय मं परिवार के अन्य सदस्य, खासकर सास के सहयोग ला घलो बहुत महत्वपूर्ण बताय जावत हवय।
रिश्ता मजबूत करे बर काउंसलिंग
ए सम्मेलन के खास बात ए आय कि ए सिरिफ स्वास्थ्य कार्यक्रम नइये, बल्कि परिवारिक संबंध मजबूत करे के पहल घलो आय।
सम्मेलन मं सास अउ बहू के बीच होवत छोटे-छोटे मतभेद ला बातचीत के माध्यम ले दूर करे बर काउंसलिंग दी जावत हवय।
अधिकारी मन समझावत हवंय कि परिवार मं अपनापन, सम्मान अउ सहयोग रहिही त महतारी अउ लइका दुनों स्वस्थ रहिहीं।
कुपोषण मुक्त समाज बनाय के दिशा मं बड़ा कदम
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार ए अभियान के अंतिम उद्देश्य सिरिफ जानकारी देना नइये, बल्कि पूरा समाज ला कुपोषण मुक्त बनाय आय।
आंगनबाड़ी केंद्र मन मं पोस्टर, समूह चर्चा, प्रश्नोत्तरी अउ जागरूकता गतिविधि के माध्यम ले परिवार मन ला स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करे जावत हवय।
अधिकारी मन के कहना हवय कि जब पूरा परिवार एकजुट होके गर्भवती महतारी अउ नवजात के देखभाल करही, त निश्चित रूप ले मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर अउ कुपोषण मं कमी आही।
कलेक्टर के निर्देश मं चलत हवय अभियान
जिला कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन मं चलत ए अभियान के तहत जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र मन मं चरणबद्ध तरीका ले सम्मेलन आयोजित करे जावत हवय।
विभाग के अधिकारी मन उम्मीद जताइन कि ए कार्यक्रम ले हजारों परिवार सीधे लाभान्वित होहीं अउ स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता मं बढ़ोतरी होही।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला मं आयोजित सास-बहू सम्मेलन सिरिफ एक सरकारी कार्यक्रम नइये, बल्कि परिवार, समाज अउ आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य बर एक सकारात्मक पहल आय। गर्भवती महतारी, धात्री माता, सास अउ परिवार के सदस्य मन ला एक मंच मं जोड़के स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण अउ आपसी सहयोग के संदेश देना ए अभियान के सबसे बड़ी खासियत आय।
अगर ए तरह के जागरूकता अभियान लगातार चलत रही, त निश्चित रूप ले कुपोषण कम होही, मातृ अउ शिशु स्वास्थ्य मं सुधार आही अउ एक स्वस्थ, जागरूक अउ मजबूत समाज के निर्माण मं महत्वपूर्ण योगदान मिलही।
