मानसून के मौसम म डेंगू, मलेरिया, वायरल, डायरिया अऊ फंगल इंफेक्शन के खतरा बढ़ जाथे। जानव डॉक्टर मन के सलाह, खानपान, साफ-सफाई, मच्छर ले बचाव अऊ परिवार के स्वास्थ्य सुरक्षित रखे के आसान उपाय। पढ़व पूरा हेल्थ रिपोर्ट छत्तीसगढ़ी म।
(वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। बरसात के पहिली बूंद गिरत ही मौसम सुहाना हो जाथे। ठंडी हवा, माटी के सोंधी महक अऊ गरम चाय-पकोड़ा के स्वाद मन ला खुश कर देथे। फेर एही मानसून अपन संग कई किसिम के बीमारी घलो ले आथे। नमी, गंदा पानी, जलभराव अऊ खानपान म लापरवाही के कारण डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर, डायरिया, टायफाइड अऊ फंगल इंफेक्शन जइसने बीमारी तेजी ले फैलथे।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ मन के अनुसार हर साल जुलाई ले सितंबर के बीच अस्पताल म मरीज मन के संख्या 30 ले 40 फीसदी तक बढ़ जाथे। ए साल मौसम विभाग सामान्य ले जियादा बरसात के संभावना जताय हे। एखर सेती अभी ले सावधानी बरतना जरूरी होगे हे ताकि पूरा परिवार स्वस्थ रहि सके।
1. साफ पानी पियव, गंदा पानी बीमारी के सबसे बड़े कारण
बरसात के मौसम म सबसे जियादा बीमारी दूषित पानी ले होथे। टायफाइड, डायरिया, हैजा, हेपेटाइटिस-ए अऊ लेप्टोस्पायरोसिस जइसने बीमारी सीधे गंदा पानी ले फैलथे।
डॉक्टर मन सलाह देवत हें कि सिरिफ उबाले पानी या आरओ के पानी पियव। बाहिर के कटे फल, खुल्ला जूस अऊ बर्फ वाले पेय ले बचव। घर म पानी रखे के बर्तन ला नियमित साफ करव अऊ ढांक के रखव।
अगर तुमन बाढ़ प्रभावित इलाका म रहिथव, त घर म ORS अऊ जिंक के गोली जरूर रखव ताकि जरूरत पड़ते ही उपयोग करे जा सके।
2. बरसात म हल्का अऊ गरम खाना सबसे बढ़िया
नमी के कारण पाचन तंत्र धीमा हो जाथे। ए बखत तले-भुने, बासी अऊ भारी खाना खाय ले गैस, अपच अऊ फूड पॉइजनिंग के खतरा बढ़ जाथे।
विशेषज्ञ मन कहिथें कि ए मौसम म गरम सूप, खिचड़ी, दलिया, दही, उबले सब्जी, अदरक-तुलसी के चाय अऊ ताजा फल खाय लाभदायक होथे। फल खाय के पहिली साफ पानी या हल्का नमक वाले पानी ले धो लेना चाही।
पालक, मेथी, गोभी जइसने पत्तेदार सब्जी, सड़क किनारे के चाट-समोसा, क्रीम वाले व्यंजन अऊ बासी खाना ले बचना बेहतर रहिथे।
हल्दी, जीरा, अजवाइन, लहसुन अऊ काली मिर्च जइसने मसाला शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाय म मदद करथें।
3. मच्छर ले बचाव मचही सबसे बड़े लड़ई
बरसात के पानी जमा होवत ही मच्छर तेजी ले बढ़थे। एखर कारण डेंगू, मलेरिया अऊ चिकनगुनिया के मरीज हर साल बढ़ जाथें।
घर के आसपास कूलर, टायर, गमला अऊ खाली डिब्बा म पानी जमा नई होए देना चाही। हफ्ता म कम से कम एक बार सफाई जरूर करव।
सांझ के बाद पूरा बांह वाले कपड़ा पहनव, मच्छरदानी के उपयोग करव अऊ जरूरत पड़े त मच्छर भगाय के मशीन लगावव।
अगर तेज बुखार, शरीर दर्द, आंखी के पीछे दर्द या कमजोरी महसूस होवय, त खुद दवाई नई खावव। तुरंत डॉक्टर के सलाह लेवव।
4. चमड़ी के बीमारी ले घलो रहव सावधान
बरसात म लगातार गीला कपड़ा पहिरे रहना अऊ शरीर म नमी बने रहना ले फंगल इंफेक्शन, खुजली अऊ दाद-जइसने समस्या बढ़ जाथे।
बरसात म भींजे के बाद तुरंत सूखा कपड़ा पहनव। नहाय के बाद शरीर, खासकर कांख, गरदन, पैर अऊ जांघ के जोड़ ला अच्छी तरह सुखावव।
जूता म एंटी-फंगल पाउडर के उपयोग करव अऊ एके जूता रोज नई पहनव।
अगर चमड़ी म लाल चकत्ता या खुजली दिखे, त खुद ले स्टेरॉयड क्रीम नई लगावव। डॉक्टर ले जांच करवाना जरूरी हे।
5. सर्दी-जुकाम अऊ अस्थमा वाले मरीज मन रखव खास ध्यान
बरसात म नमी बढ़े के कारण घर म फफूंद जल्दी बनथे। एखर असर अस्थमा अऊ एलर्जी वाले मरीज मन ऊपर सबसे जियादा पड़थे।
घर म हवा के आवागमन बने रहना चाही। जरूरत पड़य त कमरा के नमी कम करे बर उपाय करव।
डॉक्टर मन भाप लेवई, तुलसी-अदरक के काढ़ा पीये अऊ भीड़भाड़ वाले जगह म मास्क पहिरे के सलाह देवत हें।
जेन मन अस्थमा के मरीज हें, ओमन अपन इनहेलर हमेशा संग रखव।
6. मानसिक स्वास्थ्य घलो उतनेच जरूरी
लगातार बादर, कम धूप अऊ घर म जियादा समय बिताय के कारण कई झिन मन म सुस्ती, चिड़चिड़ापन अऊ मूड खराब हो सकथे।
विशेषज्ञ मन कहिथें कि रोज कम से कम 20 मिनट योग, व्यायाम या हल्का एक्सरसाइज जरूर करव। धूप निकले त कुछ देर बालकनी या आंगन म बइठव ताकि शरीर ला विटामिन-डी मिल सके।
परिवार अऊ दोस्त मन संग समय बिताय ले मानसिक तनाव घलो कम होथे।
7. लइका अऊ बुजुर्ग मन बर रखव जियादा सावधानी
बरसात के मौसम म सबसे जियादा खतरा छोटे लइका अऊ बुजुर्ग मन ला रहिथे।
लइका मन स्कूल ले आवंय त हाथ-पैर साबुन ले धुवावव। टिफिन म गरम अऊ ताजा खाना देवव। स्कूल बैग म छाता अऊ अतिरिक्त कपड़ा रखव।
बुजुर्ग मन बर बाथरूम म फिसलन ले बचाय बर एंटी-स्किड मैट लगावव। ब्लड प्रेशर, शुगर अऊ दूसर दवाई समय म देवव। जोड़ों के दर्द होवय त गरम पानी ले सिकाई करव।
8. घर ला घलो बनावव मानसून-रेडी
घर के साफ-सफाई बरसात म सबसे जरूरी होथे। किचन अऊ बाथरूम ला हफ्ता म कम से कम दू बार कीटाणुनाशक ले साफ करव।
अनाज अऊ दाल मन ला एयरटाइट डिब्बा म रखव ताकि नमी नई लगे। बिजली के सामान ला सुरक्षित रखव अऊ जरूरत पड़य त प्लास्टिक कवर के उपयोग करव।
घर म हमेशा एक छोट मेडिकल किट तैयार रखव, जेमे थर्मामीटर, ORS, बैंडेज, एंटीसेप्टिक अऊ सामान्य बुखार के दवाई मौजूद रहय।
डॉक्टर मन के तीन सबसे जरूरी सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञ मन के अनुसार अगर बुखार दू दिन ले जियादा रहय, उल्टी-दस्त होवय, शरीर म दाने निकलय या कमजोरी बढ़य, त तुरंत नजदीकी अस्पताल म जांच करवाना चाही।
कोनो घलो एंटीबायोटिक या तेज दवाई डॉक्टर के सलाह बिना नई खावव।
बरसात म प्यास कम लगथे, फेर शरीर ला पानी के जरूरत बने रहिथे। एखर सेती रोजाना ढाई ले तीन लीटर पानी, नारियल पानी, छाछ अऊ तरल पदार्थ जरूर पीवव।
बरसात के मजा लेवव, फेर सावधानी के संग
मानसून खुशी, हरियाली अऊ ठंडक ले आथे, फेर अगर लापरवाही करे जाही त एही मौसम कई गंभीर बीमारी के कारण बन सकथे।
थोकिन सावधानी, साफ-सफाई, संतुलित खानपान अऊ समय म इलाज ले तुमन खुद अऊ अपन परिवार ला सुरक्षित रख सकथव।
अगर लगातार बुखार, डायरिया, उल्टी, तेज कमजोरी या डेंगू-मलेरिया जइसने लक्षण दिखय, त बिना देर करे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र म संपर्क करव। जरूरत पड़य त 108 एम्बुलेंस सेवा के मदद घलो ले सकथव।
बरसात के आनंद जरूर लेवव, फेर अपन स्वास्थ्य ला सबसे पहली प्राथमिकता देवव।
