छत्तीसगढ़ कांग्रेस म प्रदेश अध्यक्ष बदलई के चर्चा तेज होगे हे। दीपक बैज के कार्यकाल पूरा होए के बाद AICC नई नेतृत्व के तलाश म जुटे हे। जानव का युवा नेता ला मिल सकथे PCC के जिम्मेदारी। पढ़व पूरा खबर छत्तीसगढ़ी म।
रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) । छत्तीसगढ़ के राजनीति म फेर एक बार संगठनात्मक बदलाव के चर्चा तेज होगे हे। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज के तीन बछर के कार्यकाल 9 जुलाई के पूरा होगे हे। एखर बाद कांग्रेस संगठन के भीतर नई नेतृत्व के तलाश अऊ राजनीतिक मंथन तेज होगे हे। राजधानी रायपुर ले दिल्ली तक पार्टी के भीतर लगातार बैठक, चर्चा अऊ राय-मशविरा चलत हे। अब सबले बड़े सवाल ए हे कि कांग्रेस आलाकमान दीपक बैज ऊपर फेर भरोसा जताही, या फेर संगठन के कमान काकरो नए अऊ युवा नेता के हाथ म सौंपे जाही।
प्रदेश के राजनीतिक गलियारा म ए चर्चा जोरों म हे कि आने वाला फैसला सिरिफ प्रदेश अध्यक्ष बदलई तक सीमित नई रहिही, बल्कि ए फैसला कांग्रेस के 2028 विधानसभा चुनाव के तैयारी के दिशा घलो तय कर सकथे।
दीपक बैज के कार्यकाल पूरा, अब नजर आलाकमान के फैसला ऊपर
दीपक बैज जुलाई 2023 म छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बने रहिन। ओमन के नेतृत्व म पार्टी लोकसभा चुनाव, संगठनात्मक गतिविधि अऊ विपक्ष के भूमिका निभाइस। अब तीन साल के कार्यकाल पूरा होए के बाद संगठन म फेर बदलाव के संभावना बन गे हे।
पार्टी के भीतर कई नेता मन मानथें कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति म कांग्रेस ला नई ऊर्जा अऊ नई रणनीति के जरूरत हे। ए कारण ले संगठन म फेरबदल के चर्चा लगातार बढ़त जावत हे।
हालांकि, अभी तक कांग्रेस आलाकमान के तरफ ले कोनो आधिकारिक घोषणा नई होइस, फेर संगठन के भीतर संभावित बदलाव ला लेके कार्यकर्ता मन म उत्सुकता जरूर देखे जा सकत हे।
AICC के नजर अब युवा नेतृत्व ऊपर
पार्टी के भरोसेमंद सूत्र मन के मुताबिक, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ए बार छत्तीसगढ़ संगठन म नई जान फूंकना चाहत हे। एखर बर ऐसे नेता के तलाश चलत हे, जेन युवा होय, संगठन म सक्रिय होय अऊ कार्यकर्ता मन ला एकजुट रख सके।
कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के मानना हे कि बदलत राजनीतिक माहौल म संगठन ला मजबूत करे बर युवा नेतृत्व के भूमिका बहुते अहम हो सकथे। ए कारण ले पार्टी अब ऐसे चेहरा ऊपर विचार करत हे, जेन जमीन ले जुड़ाय होय अऊ जनता के बीच मजबूत पकड़ रखत होय।
जिला स्तर के प्रयोग अब प्रदेश म हो सकथे लागू
दरअसल, कांग्रेस ए संगठनात्मक बदलाव के शुरुआत बीते साल 25 नवंबर लेच कर दीस रहिस। ओ बखत प्रदेश के 41 जिला कांग्रेस कमेटी म ले करीब 25 जिला अध्यक्ष के जिम्मेदारी नए अऊ युवा नेता मन ला सौंपे गे रहिस।
पार्टी के भीतर ए बदलाव ला सकारात्मक मानें गीस। कई जिला म संगठन के गतिविधि म तेजी आइस अऊ युवा कार्यकर्ता मन के भागीदारी बढ़िस। अब ए माने जा रहल हे कि एही मॉडल ला प्रदेश स्तर म घलो अपनाय जा सकथे।
अगर अइसने होथे, त छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेतृत्व म नई पीढ़ी के एंट्री हो सकथे, जेन आने वाला चुनाव बर संगठन ला मजबूत आधार दे सकही।
2028 विधानसभा चुनाव के तैयारी अभी ले
राजनीतिक विश्लेषक मन के माने म कांग्रेस अब अगला विधानसभा चुनाव के तैयारी समय रहते शुरू करना चाहत हे। 2028 चुनाव अभी दूर जरूर हे, फेर मजबूत संगठन खड़ा करे बर समय लगथे। ए कारण ले पार्टी नेतृत्व अभी ले संगठन म फेरबदल करके कार्यकर्ता मन ला सक्रिय करे के कोशिश म जुटे हे।
अगर समय रहते नया नेतृत्व तय हो जाथे, त ओकर पास संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान अऊ बूथ स्तर तक कार्यकर्ता मन ला तैयार करे बर पर्याप्त समय रहिही।
का दीपक बैज ला फेर मिल सकथे जिम्मेदारी?
राजनीतिक चर्चा के बीच ए सवाल घलो उठत हे कि का कांग्रेस आलाकमान दीपक बैज ऊपर फेर भरोसा जताही? पार्टी के भीतर कई नेता मन मानथें कि बैज आदिवासी समाज के मजबूत चेहरा आयं अऊ प्रदेश के अलग-अलग इलाका म संगठन ला मजबूत करे के कोशिश करिन।
दूसर तरफ, कुछ नेता मन के माने म अब संगठन ला नई दिशा अऊ नई सोच देय बर युवा नेतृत्व के जरूरत हे। एही कारण ले पार्टी के भीतर अलग-अलग राय सामने आथें।
अंतिम फैसला कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के हाथ म हे, अऊ सबके नजर अब दिल्ली ले आही फैसला ऊपर टिके हे।
कार्यकर्ता मन म उत्सुकता, राजनीतिक हलचल तेज
प्रदेश कांग्रेस के भीतर चलत चर्चा के चलते कार्यकर्ता मन घलो नई नेतृत्व के घोषणा के इंतजार करत हें। जिला ले राजधानी तक संगठनात्मक बैठका अऊ राजनीतिक बातचीत के दौर लगातार जारी हे।
कई नेता मन के माने म प्रदेश अध्यक्ष के फैसला आने के बाद संगठन म नई नियुक्ति, विस्तार अऊ जिम्मेदारी के प्रक्रिया घलो तेज हो सकथे।
आने वाला फैसला तय कर सकथे कांग्रेस के नई दिशा
छत्तीसगढ़ कांग्रेस बर आने वाला कुछ दिन काफी महत्वपूर्ण माने जा रहल हे। चाहे आलाकमान दीपक बैज ऊपर फेर भरोसा जतावय, चाहे कोनो नया चेहरा सामने लावय, ए फैसला संगठन के भविष्य अऊ आगामी चुनावी रणनीति ऊपर सीधा असर डालही।
फिलहाल पार्टी के भीतर चर्चा, कयास अऊ मंथन के दौर जारी हे। अब देखे के बात ए रहिही कि कांग्रेस हाईकमान संगठन के अनुभव ला प्राथमिकता देथे या फेर युवा नेतृत्व के माध्यम ले प्रदेश म नई शुरुआत करे के फैसला लेथे।
