जांजगीर-चांपा।(वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)
जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र में नकली मंगलसूत्र को असली सोना बताकर एक ज्वेलरी कारोबारी से 40 हजार रुपये की ठगी करने वाले दो शातिर आरोपियों को पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी की पूरी राशि 40 हजार रुपये नगद तथा वारदात में इस्तेमाल की गई बलेनो कार भी जब्त कर ली है। त्वरित कार्रवाई के चलते पुलिस ने न केवल आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया, बल्कि ठगी की रकम भी बरामद कर ली।
आर्थिक परेशानी का बहाना बनाकर रची ठगी की साजिश
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, चांपा निवासी हिमांशु सोनी वर्तमान में पामगढ़ में ‘केसर लाल एंड संस’ नाम से ज्वेलरी दुकान का संचालन करते हैं। 26 जून की शाम उनकी दुकान पर सफेद रंग की बलेनो कार से दो व्यक्ति पहुंचे। दोनों ने खुद को आर्थिक तंगी से जूझ रहा बताते हुए मदद की गुहार लगाई और अपने पास मौजूद एक मंगलसूत्र को गिरवी रखकर 50 हजार रुपये देने की मांग की।
दुकानदार को विश्वास दिलाने के लिए आरोपियों ने स्वयं को सोने का वास्तविक मालिक बताया। जब हिमांशु सोनी ने मंगलसूत्र की खरीद संबंधी रसीद मांगी, तब एक आरोपी ने अपना नाम अमित तिवारी बताते हुए एक कथित बिल भी दिखाया। दस्तावेज और बातचीत के आधार पर दुकानदार को भरोसा हो गया कि मंगलसूत्र असली सोने का है।
हालांकि, सौदेबाजी के बाद व्यापारी ने उन्हें 40 हजार रुपये नगद दे दिए। पैसे लेकर दोनों आरोपी वहां से तुरंत रवाना हो गए।
जांच में खुला ठगी का राज
आरोपियों के दुकान से जाने के बाद जब हिमांशु सोनी ने मंगलसूत्र की बारीकी से जांच की तो उन्हें संदेह हुआ। आगे परीक्षण करने पर पता चला कि जिसे सोने का मंगलसूत्र समझकर गिरवी रखा गया था, वह वास्तव में बेनटेक्स (नकली धातु) का बना हुआ था।
खुद के साथ हुई ठगी का अहसास होते ही व्यापारी ने बिना समय गंवाए पामगढ़ थाना पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल जांच शुरू कर दी।
कुछ ही घंटों में सक्रिय हुई पुलिस, साइबर सेल की मदद से मिली सफलता
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में तत्काल विशेष टीम का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी अकलतरा प्रदीप सोरी के नेतृत्व में पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान साइबर सेल की तकनीकी सहायता ली गई। आरोपियों की गतिविधियों और वाहन की जानकारी जुटाने के बाद पुलिस टीम ने बलौदा बाजार में दबिश दी। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई के चलते दोनों आरोपी घटना के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिए गए।
दोनों आरोपियों ने पूछताछ में कबूला अपराध
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन सोनी (22 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 9, बलौदा बाजार तथा अमित सोनी (42 वर्ष), निवासी वैष्णव कॉलोनी, बलौदा बाजार के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने ज्वेलरी कारोबारी के साथ ठगी करने की बात स्वीकार कर ली। उनके कब्जे से ठगी की पूरी 40 हजार रुपये की नकद राशि बरामद की गई। साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की बलेनो कार (CG 04 QY 6279) भी जब्त कर ली गई।
BNS की धारा 318(4) के तहत कार्रवाई
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
व्यापारियों के लिए सीख
यह घटना ज्वेलरी व्यापारियों और गिरवी कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी एक बड़ी सीख है। केवल बिल या दस्तावेज देखकर किसी भी कीमती धातु पर भरोसा करना जोखिम भरा साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी आभूषण को गिरवी रखने या खरीदने से पहले उसकी वैज्ञानिक जांच अथवा शुद्धता की पुष्टि करना बेहद जरूरी है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना
स्थानीय व्यापारियों ने इस मामले में पामगढ़ पुलिस की तेज कार्रवाई की सराहना की है। शिकायत दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी और ठगी की पूरी रकम बरामद होना पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच का परिणाम माना जा रहा है। इससे आम नागरिकों और व्यापारियों में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
- पामगढ़ में नकली मंगलसूत्र को असली सोना बताकर 40 हजार रुपये की ठगी।
- ज्वेलरी कारोबारी हिमांशु सोनी बने ठगी का शिकार।
- नकली बिल दिखाकर आरोपियों ने जीता व्यापारी का भरोसा।
- शिकायत के कुछ ही घंटों में पुलिस ने दोनों आरोपियों को बलौदा बाजार से गिरफ्तार किया।
- ठगी की पूरी 40 हजार रुपये की राशि और वारदात में प्रयुक्त बलेनो कार बरामद।
- दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
