रायगढ़, (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया ) जिले में लंबित मामलों के फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत धरमजयगढ़ पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। करीब 49 लाख 50 हजार रुपये की चिटफंड धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे फ्लोरा मैक्स कंपनी के दो प्रमुख अधिकारियों श्याम सिंह राजपूत और बलराम बंजारा उर्फ बल्लू को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
यह मामला केवल आर्थिक धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि उन गरीब और मेहनतकश महिलाओं के विश्वास से भी जुड़ा है, जिन्हें आत्मनिर्भर बनाने और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर आर्थिक जाल में फंसा दिया गया था।
स्व-रोजगार और बैंक लोन के नाम पर रचा गया ठगी का पूरा खेल
जानकारी के अनुसार, ग्राम चैनपुर निवासी बाल कुमारी राठिया ने 05 दिसंबर 2024 को थाना धरमजयगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि फ्लोरा मैक्स कंपनी के संचालकों ने ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को स्व-रोजगार, अधिक मुनाफा और स्थायी आय का लालच देकर अपने व्यवसाय से जोड़ा।
कंपनी के प्रतिनिधियों ने आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के समूह बनवाए और उन्हें बैंक से ऋण दिलाने की प्रक्रिया पूरी कराई। महिलाओं के नाम पर दुकानें भी खुलवाई गईं, लेकिन व्यवसाय और उससे होने वाली आय पर पूरी तरह कंपनी के संचालकों ने कब्जा कर लिया।
महिलाओं से यह वादा किया गया था कि उन्हें हर महीने 2,700 रुपये की निश्चित आय दी जाएगी, लेकिन कुछ समय बाद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया। परिणामस्वरूप महिलाएं बैंक ऋण की किस्तें चुकाने में असमर्थ हो गईं और उन पर आर्थिक संकट गहरा गया।
चार गांवों की 165 महिलाओं को बनाया गया शिकार
पुलिस जांच में सामने आया कि फ्लोरा मैक्स कंपनी के संचालकों और अधिकारियों ने धरमजयगढ़ क्षेत्र के चैनपुर, सिथरा, जबगा और जमाबीरा गांवों की कुल 165 महिलाओं को अपने झांसे में लेकर उनसे लगभग 49.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की।
जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आई, उनमें कंपनी के डायरेक्टर अखिलेश सिंह, राजू सिंह, गुड़िया देवी राजपूत के साथ-साथ कंपनी के अधिकारी बलराम बंजारा उर्फ बल्लू और श्याम सिंह राजपूत सहित अन्य सहयोगियों के नाम शामिल हैं।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
शिकायत के आधार पर थाना धरमजयगढ़ में अपराध क्रमांक 283/2024 दर्ज किया गया। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318(4), 336 एवं 3(5) के अलावा छत्तीसगढ़ निक्षेपकों का संरक्षण अधिनियम तथा ईनामी चिट एवं धन परिचालन स्कीम (प्रतिबंध) अधिनियम, 1978 की संबंधित धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध कर विस्तृत विवेचना शुरू की गई।
ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत मिली सफलता
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान धरमजयगढ़ पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिरों से मिली सूचना और लगातार निगरानी के आधार पर फरार चल रहे दोनों आरोपियों का पता लगाया।
पुलिस टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए श्याम सिंह राजपूत एवं बलराम बंजारा उर्फ बल्लू को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण महिलाओं के लिए सीख
यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि अधिक मुनाफा, आसान रोजगार या बिना जोखिम के आय का दावा करने वाली कंपनियों से जुड़ने से पहले उनकी वैधानिक स्थिति और विश्वसनीयता की पूरी जांच करना बेहद आवश्यक है। विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को ऐसे प्रलोभनों से सावधान रहने की जरूरत है।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई संस्था या कंपनी निवेश, रोजगार या बैंक लोन के नाम पर अवास्तविक लाभ का लालच देती है तो उसकी जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस अथवा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते ऐसी धोखाधड़ी पर रोक लगाई जा सके।
जिले में चलाया जा रहा ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ लगातार फरार अपराधियों की गिरफ्तारी में प्रभावी साबित हो रहा है। पुलिस का कहना है कि आम जनता के साथ आर्थिक अपराध करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
