रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चलाए जा रहे “नशामुक्त छत्तीसगढ़” अभियान के तहत रायपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र में पुलिस ने अंतर्राज्यीय स्तर पर संचालित हो रही गांजा तस्करी के नेटवर्क पर प्रहार करते हुए एक महिला तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला के कब्जे से 16.434 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 8 लाख 21 हजार 700 रुपये बताई जा रही है।
पुलिस की इस कार्रवाई को राज्य में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। लगातार बढ़ती निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर की जा रही कार्रवाई से नशा तस्करों में हड़कंप की स्थिति है।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 6 जून को टिकरापारा थाना पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि रावणभाठा मैदान स्थित भाठागांव बस स्टैंड के पास एक महिला संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रही है और अवैध गांजा बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश कर रही है।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर रणनीतिक ढंग से घेराबंदी की और संदिग्ध महिला की गतिविधियों पर नजर रखी। पर्याप्त पुष्टि होने के बाद महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में हुई तलाशी
कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में आरोपी महिला की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके पास रखे बैग और सामान की जांच में बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
पुलिस ने मौके से 16.434 किलोग्राम गांजा जब्त किया। जब्त किए गए मादक पदार्थ की कीमत लगभग 8.21 लाख रुपये आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया।
उत्तर प्रदेश की रहने वाली है आरोपी
पूछताछ के दौरान महिला ने अपना नाम पूजा देवी सोनकर (40 वर्ष) बताया। वह ग्राम चकरा, थाना राजगढ़, जिला गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) की निवासी है।
प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि वह यह गांजा ओडिशा से लेकर उत्तर प्रदेश जा रही थी। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इसके पीछे एक बड़ा अंतर्राज्यीय नेटवर्क सक्रिय हो सकता है, जो ओडिशा से गांजा की सप्लाई कर विभिन्न राज्यों में इसकी तस्करी करता है।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा गांजा की आपूर्ति और वितरण का पूरा तंत्र किस प्रकार संचालित किया जा रहा था।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की धारा 20(बी) के तहत अपराध दर्ज किया है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी के संपर्क में कौन-कौन लोग थे तथा गांजा की खेप किसे सौंपी जानी थी।
नशे के कारोबार पर लगातार सख्ती
रायपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। राजधानी में विशेष रूप से बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सार्वजनिक स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और समाज को सुरक्षित रखने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नागरिकों से सहयोग की अपील
रायपुर पुलिस ने आम नागरिकों से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है। यदि किसी व्यक्ति को अपने आसपास नशे के अवैध कारोबार, गांजा तस्करी या अन्य मादक पदार्थों की बिक्री की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तत्काल डायल-112, नजदीकी पुलिस थाना अथवा सिटीजन कॉप ऐप के माध्यम से दी जा सकती है।
पुलिस ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि समाज और पुलिस की साझी भागीदारी से ही नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
बढ़ती सतर्कता से तस्करों पर शिकंजा
छत्तीसगढ़ में चल रहे “नशामुक्त छत्तीसगढ़” अभियान के तहत हाल के महीनों में कई बड़ी कार्रवाइयां सामने आई हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियों की सक्रियता के कारण अंतर्राज्यीय नशा तस्करों के नेटवर्क पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। रायपुर में हुई यह कार्रवाई इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिसने यह संदेश दिया है कि नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
