मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली के वर्ल्ड लीडर्स फोरम में छत्तीसगढ़ की नई आर्थिक दिशा, निवेश की संभावनाओं, स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन एनर्जी और रोजगार सृजन के विजन को दुनिया के सामने रखा। जानिए राज्य की अर्थव्यवस्था, विकास दर और निवेश योजनाओं की पूरी जानकारी।
नई दिल्ली (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) में आयोजित प्रतिष्ठित वर्ल्ड लीडर्स फोरम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की बदलती आर्थिक तस्वीर और भविष्य की विकास रणनीति को वैश्विक मंच पर मजबूती से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य अब केवल खनिज आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ग्रीन एनर्जी, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और आधुनिक उद्योगों के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल युवाओं को नौकरी उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसा सक्षम बनाना है कि वे स्वयं उद्यम स्थापित करें और दूसरों को भी रोजगार देने वाले बनें। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा, जब राज्य का युवा नवाचार, उद्यमिता और आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ेगा।
रोजगार मांगने वाला नहीं, रोजगार देने वाला युवा तैयार करने की दिशा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्तमान समय में आर्थिक विकास का मॉडल तेजी से बदल रहा है। ऐसे में केवल पारंपरिक रोजगार पर निर्भर रहने के बजाय युवाओं को स्टार्टअप, इनोवेशन और उद्योग स्थापना के लिए प्रेरित करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसी नीतियों पर काम कर रही है, जिनसे युवा उद्यमियों को पूंजी, प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके। इससे न केवल नए उद्योग स्थापित होंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री के अनुसार, यदि युवा स्वयं रोजगार सृजित करने की दिशा में आगे बढ़ते हैं तो इसका सीधा लाभ प्रदेश की अर्थव्यवस्था, ग्रामीण विकास और सामाजिक प्रगति को मिलेगा।
निवेशकों के लिए उभरता हुआ पसंदीदा राज्य बन रहा छत्तीसगढ़

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद और संभावनाओं से भरा राज्य बनकर उभर रहा है। राज्य में उद्योगों के लिए बेहतर आधारभूत ढांचा, ऊर्जा उपलब्धता, प्राकृतिक संसाधन, बेहतर सड़क और रेल नेटवर्क तथा उद्योग हितैषी नीतियां निवेशकों का विश्वास बढ़ा रही हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार ने निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने, अनुमति प्रणाली को पारदर्शी बनाने और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इससे देश और विदेश के निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।
स्टार्टअप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था ज्ञान, तकनीक और नवाचार पर आधारित होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन आधारित उद्योगों को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने कहा कि नई तकनीकों के माध्यम से कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रशासन और उद्योगों में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। सरकार चाहती है कि छत्तीसगढ़ के युवा इन क्षेत्रों में नई कंपनियां स्थापित करें और राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाएं।
ग्रीन एनर्जी बनेगी भविष्य की नई ताकत
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में ग्रीन एनर्जी को भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को ध्यान में रखते हुए राज्य स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ग्रीन एनर्जी आधारित उद्योग न केवल निवेश आकर्षित करेंगे, बल्कि हजारों नए रोजगार भी उपलब्ध कराएंगे। इससे आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य भी पूरा होगा।
आर्थिक विकास के आंकड़ों ने बढ़ाया भरोसा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन के दौरान राज्य की आर्थिक प्रगति के आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था लगभग 6.31 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य की विकास दर 11.57 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो यह दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ तेज आर्थिक विकास की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि केवल सरकारी योजनाओं का परिणाम नहीं है, बल्कि किसानों, श्रमिकों, उद्योगों, उद्यमियों और प्रदेश के युवाओं के सामूहिक प्रयासों का भी परिणाम है।
वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ की नई पहचान

वर्ल्ड लीडर्स फोरम जैसे अंतरराष्ट्रीय महत्व के मंच पर मुख्यमंत्री द्वारा राज्य की विकास यात्रा और निवेश संभावनाओं को प्रस्तुत करना छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विभिन्न देशों के नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, वैश्विक निवेशक और कई अंतरराष्ट्रीय नेता भी उपस्थित रहे। ऐसे मंच पर राज्य की संभावनाओं को सामने रखने से भविष्य में निवेश और औद्योगिक सहयोग के नए रास्ते खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निवेश, तकनीक और स्थानीय प्रतिभा का बेहतर समन्वय किया गया तो छत्तीसगढ़ देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले राज्यों में शामिल हो सकता है।
युवाओं के लिए नए अवसरों का दौर
राज्य सरकार की नई आर्थिक रणनीति का सबसे बड़ा केंद्र युवा हैं। सरकार कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा, स्टार्टअप संस्कृति और तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दे रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उद्योग, शिक्षा संस्थान और स्टार्टअप इकोसिस्टम एक साथ काम करें तो प्रदेश में रोजगार के अवसर कई गुना बढ़ सकते हैं। इससे पलायन में कमी आएगी और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
वर्ल्ड लीडर्स फोरम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संबोधन केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की नई आर्थिक सोच और भविष्य के विकास मॉडल का स्पष्ट संकेत भी था। सरकार अब ऐसे राज्य का निर्माण करना चाहती है जहां युवा केवल नौकरी की तलाश न करें, बल्कि स्वयं उद्योग स्थापित कर दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करें।
यदि स्टार्टअप, ग्रीन एनर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक उद्योगों पर इसी तरह निरंतर काम होता रहा, तो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश की नई आर्थिक शक्ति के रूप में उभर सकता है।
