कोरबा के बांगो बांध म जलस्तर 358.03 मीटर पहुंच गे हवय। बांध 90.30 फीसदी भरिस, तीनों हाइडल यूनिट फुल लोड म चलत हवंय अउ हसदेव नदी म 9 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जा रहिस।
कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। बरसात के बीच कोरबा जिला स्थित बांगो बांध म पानी के आवक लगातार बढ़त के चलते बांध के जलस्तर म भी बढ़ोतरी देखे जा रहिस। वर्तमान म बांगो बांध के जलस्तर 358.03 मीटर तक पहुंच गे हवय अउ बांध अपन कुल जलभराव क्षमता के करीब 90.30 फीसदी तक भर चुके हवय। बढ़त जलस्तर के बीच फिलहाल बांध के मुख्य गेट खोले के नौबत टल गे हवय।
बांध म पानी के बढ़त आवक ला देखते हुए तीनों हाइडल यूनिट ला फुल लोड पर चलाय जा रहिस। ए व्यवस्था के तहत पानी के उपयोग बिजली उत्पादन म करे जा रहिस अउ हसदेव नदी म करीब 9 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जा रहिस। बांध प्रबंधन के ए कदम ले जलस्तर ला नियंत्रित रखे के कोशिश करे जा रहिस।
बरसात के मौसम म बांध अउ नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखे जाथे। बांगो बांध के जलस्तर म होवत बढ़ोतरी के बीच प्रबंधन भी स्थिति के निगरानी करत हवय।
358.03 मीटर पहुंचिस बांगो बांध के जलस्तर
मिले जानकारी के मुताबिक बांगो बांध के जलस्तर अब 358.03 मीटर तक पहुंच गे हवय। बांध करीब 90.30 फीसदी भरिस। बरसात के सीजन म लगातार पानी के आवक के चलते जलस्तर म धीरे-धीरे बढ़ोतरी होवत हवय।
बांध म पानी के मात्रा बढ़े के मतलब ये हवय कि बरसात के पानी के बड़ी मात्रा बांध म जमा होवत हवय। अइसन स्थिति म बांध प्रबंधन के सामने जलस्तर ला सुरक्षित दायरा म बनाए रखे के जिम्मेदारी रहिथे।
एही वजह ले बांध के जलस्तर, पानी के आवक अउ निकासी पर लगातार नजर रखे जाथे। फिलहाल मिले जानकारी के अनुसार बांध के गेट खोले के जरूरत नइ पड़िस।
तीनों हाइडल यूनिट फुल लोड पर
बांगो बांध म पानी के बढ़त स्तर के बीच तीनों हाइडल यूनिट ला फुल लोड पर चलाय जा रहिस। हाइडल यूनिट के माध्यम ले पानी के उपयोग बिजली उत्पादन बर करे जाथे।
पानी के बढ़त आवक के बीच हाइडल यूनिट मन ला पूरी क्षमता म चलाए जाने से एक ओर बिजली उत्पादन म मदद मिलथे, वहीं बांध के जलस्तर ला नियंत्रित रखे के दिशा म घलो ये व्यवस्था महत्वपूर्ण होथे।
फिलहाल तीनों यूनिट के फुल लोड म संचालन के चलते बांध ले पानी के निकासी जारी हवय।
हसदेव नदी म छोड़े जा रहिस 9 हजार क्यूसेक पानी
बांगो बांध ले वर्तमान म करीब 9 हजार क्यूसेक पानी हसदेव नदी म छोड़े जा रहिस। पानी के ये निकासी हाइडल यूनिट के संचालन के माध्यम ले होवत हवय।
हसदेव नदी छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण नदी मन म से एक आय अउ कोरबा सहित आसपास के क्षेत्र के प्राकृतिक, कृषि अउ जल संसाधन व्यवस्था म एकर महत्वपूर्ण भूमिका हवय। बांगो बांध घलो हसदेव नदी तंत्र के संग गहिराई ले जुड़ल हवय।
बरसात म नदी म पानी के मात्रा बढ़े के कारण बांध ले छोड़े जावत पानी पर नजर रखना जरूरी होथे। पानी के निकासी के स्थिति म नदी किनारे रहइया लोगन ला घलो सावधानी बरते के जरूरत रहिथे।
फिलहाल गेट खोले के नौबत टलिस
बांगो बांध के जलस्तर 90 फीसदी ले ऊपर पहुंच गे हवय। अइसन स्थिति म बांध के मुख्य गेट खोले के चर्चा स्वाभाविक रूप ले होथे, फेर वर्तमान स्थिति म हाइडल यूनिट मन ला फुल लोड पर चलाय के बाद पानी के निकासी करे जा रहिस, एखर चलते गेट खोले के नौबत फिलहाल टल गे हवय।
बांध प्रबंधन बर जलस्तर ला नियंत्रित रखना सबसे जरूरी हवय। पानी के आवक अउ निकासी के बीच संतुलन बनाए रखे के कोशिश करे जाथे। अगर पानी के आवक अउ जलस्तर म आगे घलो बढ़ोतरी होथे, त परिस्थिति के अनुसार आगे के फैसला लिए जा सकथे।
फिलहाल बांध के स्थिति पर नजर रखे जा रहिस।
बरसात म बांध के जलस्तर पर लगातार निगरानी
बरसात के मौसम म नदी अउ बांध के जलस्तर म तेजी ले बदलाव आ सकथे। कभी तेज बारिश के चलते पानी के आवक अचानक बढ़ जाथे, त कभी बारिश थम जाए ले आवक कम हो जाथे। एही कारण बांध प्रबंधन ला हर समय जलस्तर के निगरानी करना पड़थे।
बांगो बांध म भी पानी के आवक, बांध के मौजूदा जलस्तर अउ पानी के निकासी के स्थिति ला ध्यान म रखके संचालन करे जा रहिस। तीनों हाइडल यूनिट के फुल लोड पर संचालन अउ हसदेव नदी म पानी छोड़े जाने के बीच बांध के जलस्तर पर लगातार नजर रखे जावत हवय।
आसपास के इलाका के लोगन बर जरूरी सावधानी
हसदेव नदी म पानी छोड़े जावत हवय, ए स्थिति म नदी के आसपास रहइया लोगन ला सावधानी बरते के जरूरत हवय। नदी के जलस्तर म अचानक बदलाव आ सकथे, खासकर बरसात के मौसम म।
नदी किनारे बिना जरूरत जाए, तेज बहाव वाले हिस्सा म उतरना या पानी के नजदीक जोखिम उठाना सुरक्षित नइ होथे। स्थानीय प्रशासन या संबंधित विभाग के तरफ ले अगर कऊनो चेतावनी या सूचना जारी करे जाथे, त ओकर पालन करना जरूरी हवय।
फिलहाल बांगो बांध के गेट नइ खोले गे हवंय अउ हाइडल यूनिट के माध्यम ले पानी के निकासी जारी हवय।
बांध 90.30 फीसदी भरना बताथे बरसात के असर
बांगो बांध के 90.30 फीसदी भर जाना ये बताथे कि बरसात के सीजन म जलस्रोत मन म पानी के आवक बढ़े हवय। किसान मन बर पर्याप्त पानी के उपलब्धता खेती-किसानी के नजर ले महत्वपूर्ण होथे। फेर बांध के जलस्तर बहुत अधिक बढ़े के स्थिति म पानी के सुरक्षित निकासी घलो उतनेच जरूरी होथे।
एही संतुलन ला बनाए रखे बर बांध प्रबंधन पानी के आवक अउ निकासी पर लगातार निगरानी रखथे।
अभी बांगो बांध के जलस्तर 358.03 मीटर बताय जा रहिस। तीनों हाइडल यूनिट फुल लोड म चलत हवंय अउ हसदेव नदी म 9 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जा रहिस। ए व्यवस्था के चलते फिलहाल बांध के गेट खोले के जरूरत नइ पड़िस।
बरसात के आगे के स्थिति अउ पानी के आवक के आधार पर बांध के जलस्तर म बदलाव हो सकथे। ए कारण आने वाला समय म बांगो बांध के जलस्तर अउ हसदेव नदी म पानी के प्रवाह पर नजर बने रहिही।
