बिलासपुर के सीपत क्षेत्र के देवरी मुक्तिधाम में आधी रात कथित तांत्रिक क्रिया का मामला सामने आया। मौके से हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा सहित तीन लोगों की तस्वीरें, पूजा सामग्री और अन्य वस्तुएं मिलीं। पुलिस जांच में जेल में बंद आरोपियों की जमानत से जुड़ा कथित एंगल सामने आया।
बिलासपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र स्थित ग्राम देवरी के मुक्तिधाम में शनिवार देर रात हुई एक संदिग्ध घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। ग्रामीणों ने श्मशान घाट में चार युवकों को कथित रूप से तांत्रिक क्रिया करते हुए देखा। जब ग्रामीणों ने उन्हें घेरने की कोशिश की तो चारों मौके से भागने लगे। ग्रामीणों ने पीछा कर एक युवक को पकड़ लिया, जबकि अन्य तीन अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने इस मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है। पुलिस के अनुसार घटनास्थल से हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की तस्वीर, दो अन्य युवकों के फोटो, पूजा सामग्री, मरी हुई मछली, नींबू, नारियल, सिंदूर और अन्य सामान बरामद हुआ है।
देर रात संदिग्ध गतिविधि देख ग्रामीणों को हुआ शक
जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात देवरी गांव के कुछ ग्रामीणों ने मुक्तिधाम की ओर असामान्य गतिविधियां देखीं। रात के सन्नाटे में श्मशान घाट से पूजा-पाठ जैसी आवाजें और हलचल दिखाई देने पर ग्रामीणों को संदेह हुआ। पहले उन्होंने दूर से स्थिति पर नजर रखी और जब गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो कई ग्रामीण एक साथ श्मशान घाट पहुंचे।
ग्रामीणों को अचानक अपनी ओर आते देख वहां मौजूद चार युवक घबरा गए और भागने लगे। ग्रामीणों ने उनका पीछा किया और एक युवक को पकड़ लिया। इस दौरान मौके पर रखी सामग्री देखकर ग्रामीण भी हैरान रह गए।
पूजा सामग्री के साथ मिलीं तस्वीरें

ग्रामीणों के अनुसार घटनास्थल पर कई ऐसी वस्तुएं मिलीं, जिन्हें कथित रूप से तांत्रिक क्रिया में इस्तेमाल किया जाता है। इनमें—
- हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की तस्वीर
- दो अन्य युवकों के फोटो
- मरी हुई मछली
- नींबू
- नारियल
- सिंदूर
- अन्य पूजा सामग्री
इन वस्तुओं की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। पुलिस ने सभी सामान को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस जांच में सामने आया जमानत से जुड़ा कथित एंगल
सीपत पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में एक अलग ही कहानी सामने आई है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए युवक की पहचान ऋषिकेश के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने बताया कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से एक कथित तांत्रिक के संपर्क में आया था।
बताया गया कि उस कथित तांत्रिक ने दावा किया था कि यदि श्मशान घाट में विशेष तांत्रिक क्रिया की जाए तो जेल में बंद एक रिश्तेदार को अदालत से जमानत मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
पुलिस के मुताबिक युवक के रिश्तेदार प्रियांशु का नाम चाकूबाजी के एक मामले में सामने आया था। हालांकि वह जेल से बाहर आ चुका है, लेकिन उसके अन्य साथियों की जमानत याचिका हाईकोर्ट में विचाराधीन बताई जा रही है। कथित तांत्रिक ने यह विश्वास दिलाया कि चीफ जस्टिस की तस्वीर रखकर विशेष पूजा करने से अदालत में सकारात्मक परिणाम मिल सकता है।
इसी कथित विश्वास के चलते चार युवक देर रात श्मशान घाट पहुंचे थे।
ग्रामीणों ने पकड़े गए युवक की कर दी पिटाई
घटना के दौरान पकड़े गए युवक की ग्रामीणों ने कथित रूप से पिटाई भी कर दी। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस अब फरार तीन अन्य युवकों की तलाश कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की हर पहलू से जांच की जा रही है और सभी संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी।
अंधविश्वास और सोशल मीडिया के प्रभाव की भी होगी जांच
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित तांत्रिक कौन है और उसने सोशल मीडिया के माध्यम से युवकों से किस प्रकार संपर्क किया। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं यह किसी संगठित ठगी या अंधविश्वास फैलाने वाले गिरोह का मामला तो नहीं है।
यदि जांच में ऐसे किसी नेटवर्क की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं के तहत अलग से कार्रवाई की जा सकती है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि आज भी समाज के कुछ हिस्सों में कानूनी प्रक्रिया से अधिक तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास पर भरोसा करने की प्रवृत्ति देखने को मिलती है। सोशल मीडिया के माध्यम से स्वयंभू तांत्रिक और चमत्कार का दावा करने वाले लोग भोले-भाले लोगों को आसानी से अपने प्रभाव में ले लेते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अदालतों के निर्णय पूरी तरह कानून, उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया पर आधारित होते हैं। किसी भी प्रकार की तांत्रिक क्रिया या अंधविश्वास का न्यायिक प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं होता।
पुलिस ने लोगों से की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र या चमत्कार के झांसे में न आएं। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार के दावे कर आर्थिक लाभ लेने या भ्रम फैलाने की कोशिश करता है तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।
जांच जारी, कई सवालों के जवाब बाकी
फिलहाल यह मामला पूरे बिलासपुर जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर किस आधार पर युवकों ने यह विश्वास किया कि कथित तांत्रिक क्रिया से अदालत में लंबित जमानत याचिका प्रभावित हो सकती है। वहीं पुलिस अब सोशल मीडिया कनेक्शन, कथित तांत्रिक की पहचान और फरार युवकों की तलाश में जुटी हुई है।
जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे केवल अंधविश्वास था या कोई अन्य उद्देश्य भी छिपा हुआ था।
