कोरबा जिले के ग्राम कोरबी के छुईहापारा में कथित गौवध की सूचना के बाद पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया। बजरंग दल की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए कथित मांस जब्त किया गया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही बरामद मांस की वास्तविक पुष्टि होगी।
कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। जिले के हरदीबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोरबी के छुईहापारा में कथित गौवध और कथित गौमांस बरामद होने की सूचना के बाद रविवार को पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता सक्रिय हुए और उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस को देते हुए विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की। शिकायत मिलने के बाद हरदीबाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित मकान में तलाशी अभियान चलाया।
पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान कुछ मांस बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि बरामद मांस के गौमांस होने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसकी वास्तविक पहचान केवल वैज्ञानिक परीक्षण और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
सूचना मिलते ही सक्रिय हुए बजरंग दल के कार्यकर्ता
जानकारी के अनुसार बजरंग दल कोरबा को ग्रामीण क्षेत्र से कथित गौवध की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही संगठन के पदाधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दीपका इकाई के कार्यकर्ताओं को भी अवगत कराया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने स्वयं कोई कार्रवाई करने के बजाय पुलिस प्रशासन को सूचना देकर मौके पर जांच की मांग की।
संगठन का कहना है कि किसी भी संवेदनशील मामले में कानून व्यवस्था बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है और इसलिए उन्होंने पूरी प्रक्रिया पुलिस के माध्यम से कराई। इसके बाद हरदीबाजार थाना पुलिस की टीम शिकायतकर्ताओं के साथ बताए गए स्थान पर पहुंची और जांच शुरू की।
तलाशी के दौरान मांस बरामद होने का दावा
बजरंग दल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार तलाशी के दौरान संबंधित घर से लगभग 15 से 20 किलोग्राम कच्चा तथा 20 से 25 किलोग्राम पका हुआ कथित मांस बरामद किया गया।
हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम वैज्ञानिक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में यह कहना उचित नहीं होगा कि बरामद सामग्री गौमांस ही है। जांच एजेंसियां अब जब्त किए गए नमूनों को परीक्षण के लिए भेजने की तैयारी कर रही हैं ताकि उनकी वास्तविक प्रकृति का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए हरदीबाजार थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी दी है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।
जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद सामग्री कहां से लाई गई, उसका उद्देश्य क्या था और क्या इस पूरे मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं। यदि जांच के दौरान किसी प्रकार के आपराधिक साक्ष्य सामने आते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फरार बताए जा रहे लोगों की तलाश
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि मामले से जुड़े कुछ युवक मौके से अनुपस्थित मिले। पुलिस अब उनकी तलाश में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि सभी संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ के बाद ही पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकेगी।
पुलिस आसपास के लोगों से भी जानकारी एकत्र कर रही है ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा सके।
वैज्ञानिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी सच्चाई
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के मामलों में केवल प्रथम दृष्टया मिले मांस के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होता। मांस की वास्तविक पहचान केवल फॉरेंसिक एवं पशु चिकित्सा प्रयोगशाला की रिपोर्ट के माध्यम से ही संभव होती है।
इसी कारण पुलिस भी फिलहाल किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरामद सामग्री किस पशु की थी और क्या वास्तव में गौवध से संबंधित कोई अपराध हुआ है।
कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील
घटना की सूचना सामने आने के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच चर्चा का माहौल रहा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी या अफवाहों पर विश्वास न करें तथा सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के कोई भ्रामक सामग्री साझा न करें।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बजरंग दल ने की निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
बजरंग दल के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन ने पूरे मामले में संवैधानिक प्रक्रिया का पालन किया है। कार्यकर्ताओं ने स्वयं कोई

कानून हाथ में नहीं लिया, बल्कि पुलिस को सूचना देकर जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
संगठन ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जांच पूरी होने तक निष्कर्ष निकालना उचित नहीं
यह मामला फिलहाल जांच के अधीन है। बरामद मांस की वास्तविक पहचान, उसकी उत्पत्ति, कथित गौवध के आरोपों की पुष्टि तथा अन्य सभी तथ्यों का खुलासा पुलिस विवेचना और वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही हो सकेगा।
ऐसी परिस्थितियों में किसी भी व्यक्ति या पक्ष को दोषी मान लेना उचित नहीं होगा। अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही सामने आएगा।
