कोरबा के तरदा गांव मं खेत के कीचड़ मं 3 से 4 फीट के मगरमच्छ दिखे ले हड़कंप मच गे। ग्रामीण मन रस्सी अउ जाल के मदद ले मगरमच्छ ला पकड़के वन विभाग ला सूचना दिस। बारिश के बाद हसदेव नदी के बढ़े जलस्तर ले मगरमच्छ के खेत तक पहुंचने के आशंका जताय गे हे।
कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला मं बारिश के बीच एक अइसन घटना सामने आय हे, जेन हा गांव के लोगन ला हैरान कर दिस। ग्राम तरदा के खेत मं बिहनिया के बेरा किसान मन अपन रोज के काम मं लगे रहिन, तभे एक किसान के नजर खेत के कीचड़ मं बैठे एक मगरमच्छ ऊपर पड़िस। खेत मं मगरमच्छ दिखे के खबर गांव मं फैलत ही लोगन के बीच कौतूहल के संग डर के माहौल बन गे।
बताय जाथे कि ग्राम तरदा के कुछ किसान मन बिहनिया खेत मं काम करे बर गे रहिन। एही बेरा खेत के एक कोती कीचड़ मं कुछ अलग किसिम के हलचल दिखिस। किसान मन नजदीक जाके देखिन त वहां एक मगरमच्छ चुपचाप बैठे रहिस। अचानक खेत मं मगरमच्छ दिखे ले किसान मन घबरा गिन अउ तत्काल गांव के दूसर लोगन ला इसकी जानकारी दिन।
घटना के जानकारी मिलते ही ग्राम तरदा अउ आसपास के गांव ले बड़ी संख्या मं लोगन खेत के तरफ पहुंच गे। हर कोई अपन आंखी ले मगरमच्छ ला देखना चाहत रहिस। कुछ लोग दूर ले खड़े होके स्थिति ला देखत रहिन, त कुछ ग्रामीण मन मगरमच्छ ला सुरक्षित तरीका ले पकड़के वन विभाग ला सूचना दे के कोशिश मं लग गे।
ग्रामीण मन के मुताबिक मगरमच्छ के आकार बहुत बड़े नई रहिस। ओकर लंबाई करीब 3 से 4 फीट के आसपास बताय गे हे। आकार ला देखके ग्रामीण मन अंदाजा लगाइन कि ये मगरमच्छ के बच्चा हो सकथे। हालांकि, खेत के बीचोंबीच मगरमच्छ के मौजूदगी अपने आप मं चिंता के बात रहिस, काबर आसपास के खेत मं किसान मन रोज काम करे बर जाथें अउ गांव के बच्चे घलो आसपास खेलत रहिथें।
ग्रामीण मन स्थिति ला समझत हुए साहस दिखाइन अउ रस्सी अउ जाल के मदद ले मगरमच्छ ला पकड़ लिहिन। पकड़ने के बाद ओकर ला एक सुरक्षित जगह मं बांधके रखे गीस, ताकि वो दोबारा खेत या आबादी के तरफ नई जा सके। एखर बाद वन विभाग ला तत्काल सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही वन विभाग के रेस्क्यू टीम ग्राम तरदा पहुंचिस। टीम के सदस्य मन मौके के जायजा लीन अउ पकड़े गे मगरमच्छ के प्राथमिक परीक्षण करिन। इसके बाद मगरमच्छ ला वन विभाग अपन कब्जा मं ले लिहिस। वन विभाग के टीम के पहुंचने के बाद ग्रामीण मन राहत के सांस लीन।
रेस्क्यू टीम के सदस्य जितेंद्र सारथी के मुताबिक, विभाग ला ग्रामीण मन के माध्यम ले जानकारी मिलिस कि खेत मं एक मगरमच्छ देखे गे हे अउ ग्रामीण मन ओकर ला पकड़के रखे हवंय। मौके मं जांच के बाद अभी तक सिर्फ एक ही मगरमच्छ मिले के बात सामने आय हे। उच्च अधिकारी मन के निर्देश के आधार मं आगे के कार्रवाई करे जावत हे अउ मगरमच्छ ला सुरक्षित स्थान मं शिफ्ट करे के तैयारी हे।
बारिश के बाद नदी के बढ़े जलस्तर ले खेत तक पहुंचने के आशंका
वन विभाग के मुताबिक ग्राम तरदा हसदेव नदी के किनारे बसे गांव आय। बरसात के मौसम मं लगातार पानी गिरई के कारण नदी के जलस्तर बढ़ जाथे। अइसन स्थिति मं नदी मं रहइया मगरमच्छ पानी के तेज बहाव के संग बहकर नदी किनारे के खेत तक पहुंच सकथे।
अधिकारी मन के शुरुआती अनुमान हे कि संभवतः पानी के बहाव के कारण ये मगरमच्छ हसदेव नदी ले निकलके खेत तक पहुंच गे होही। हालांकि, मगरमच्छ नदी ले खेत तक कइसने पहुंचिस, ए बात के पूरा जानकारी जांच के बादे सामने आही।
मगरमच्छ के मिलन के बाद अब वन विभाग क्षेत्र मं सतर्क हो गे हे। विभाग के टीम आसपास के खेत, नदी किनारा अउ संभावित जगह मन मं सर्च करही, ताकि अगर अउ कोनो मगरमच्छ मौजूद होही त ओकर ला घलो सुरक्षित तरीका ले रेस्क्यू किया जा सके।
ग्रामीण मन ला वन विभाग के जरूरी समझाइश
घटना के बाद वन विभाग ह ग्राम तरदा अउ आसपास के ग्रामीण मन ला सावधानी बरते के सलाह दिस हे। विभाग के कहना हे कि बरसात के मौसम मं नदी-नाला के जलस्तर अचानक बढ़ सकथे। एखर संग नदी के आसपास रहइया वन्यजीव घलो पानी के बहाव के कारण आबादी अउ खेत के तरफ आ सकथें।
वन विभाग ह ग्रामीण मन ले अपील करिस कि नदी किनारे अकेल्ला नई जावंय अउ खासकर बच्चा मन ला नदी किनारे या पानी के आसपास बिना निगरानी के नई भेजंय। अगर कोनो जगह मं मगरमच्छ या दूसर वन्यजीव नजर आथे, त ओकर नजदीक जाके फोटो खींचे, छेड़े या पकड़ने के कोशिश बिल्कुल नई करंय।
