सावन महीना म हरिद्वार ले कांवर यात्रा करके लहुटत दिल्ली के गर्भवती महिला ला मुजफ्फरनगर म प्रसव पीरा उठिस। यूपी पुलिस के फुर्ती अउ डॉक्टर मन के समय रहते इलाज ले सुरक्षित जुड़वा बेटा के जनम होइस। पढ़व पूरा खबर छत्तीसगढ़ी म।
मुजफ्फरनगर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। सावन के पवित्र महीना म भगवान भोलेनाथ के भक्ति चारों मुड़ा बगराय हवय। लाखों श्रद्धालु हरिद्वार ले गंगाजल भरके अपन-अपन गांव अउ शहर बर कांवर यात्रा करत हवंय। एही बीच उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर ले एक अइसने घटना सामने आइस, जेनला सुनके लोगन भगवान शिव के असीम कृपा कहत हवंय। ए घटना सिरिफ आस्था के नई, बल्कि मानवता, पुलिस के ततकाल मदद अउ डॉक्टर मन के सेवा भावना के घलो सुंदर उदाहरण बन गे हवय।
दिल्ली म रहइय्या एक गर्भवती महिला कांवरिया हरिद्वार ले गंगाजल भरके अपन यात्रा पूरा करत लहुटत रहिस। यात्रा के बीच अचानक ओकर तबियत बिगड़ गे अउ प्रसव पीरा सुरू होगे। हालत गंभीर होत देखे के बाद मुजफ्फरनगर पुलिस बिना देरी करे मदद बर पहुंचिस अउ महिला ला जिला अस्पताल पहुंचाय गीस, जिहां सुरक्षित डिलीवरी कराके महिला जुड़वा बेटा ला जनम दिस।
हरिद्वार ले लहुटत बखत सुरू होइस प्रसव पीरा
जानकारी के मुताबिक दिल्ली निवासी नेहा, जेन ह गर्भावस्था के आखिरी महीना म रहिस, सावन महीना म भगवान शिव के प्रति गहिर श्रद्धा रखत हरिद्वार ले कांवर यात्रा करत रहिस। वो अपन संगवारी कांवरिया मन संग गंगाजल लेके लहुटत रहिस।
जब यात्रा मुजफ्फरनगर जिला के सीमा म पहुंचिस, तभे अचानक नेहा ला तेज प्रसव पीरा सुरू होगे। यात्रा मार्ग म मौजूद श्रद्धालु मन घबरा गेन, फेर तऊन बखत पुलिस अउ स्थानीय लोग मन ततकाल मदद बर आगे आइन।
मुजफ्फरनगर पुलिस बनिस मसीहा
घटना के जानकारी मिलतेच मुजफ्फरनगर पुलिस फुर्ती देखाइस। पुलिस अधिकारी मन तुरंत एंबुलेंस बुलवाइन अउ महिला ला सुरक्षित जिला अस्पताल पहुंचाय गीस।
पुलिस अधीक्षक (नगर) अमृत जैन अउ सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के. मिश्रा के मार्गदर्शन म पूरी टीम तेजी ले काम करिस। समय रहते अस्पताल पहुंचाय जाय के कारण डॉक्टर मन बिना देर करे इलाज सुरू कर दीन।
यही ततकाल कार्रवाई के चलते महिला अउ ओकर गर्भ म पलत दूनों बच्चा सुरक्षित बच गेन।
डॉक्टर मन के मेहनत ले सुरक्षित जनम लिहिन जुड़वा बेटा
जिला अस्पताल म डॉक्टर मन के विशेष टीम तुरंत सक्रिय होगे। विशेषज्ञ डॉक्टर मन महिला के हालत ला देखतेच जरूरी उपचार सुरू करिन।
कुछ समय बाद महिला सुरक्षित रूप ले जुड़वा बेटा ला जनम दिस। डॉक्टर मन बताइन कि समय म अस्पताल पहुंच जाय के कारण किसी किसिम के गंभीर खतरा नई होइस। अभी महिला अउ दूनों नवजात पूरी तरह स्वस्थ हवंय अउ डॉक्टर मन के निगरानी म रखे गे हवंय।
एसएसपी पहुंचिन अस्पताल, जानिन जच्चा-बच्चा के हाल
घटना के जानकारी मिलतेच मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार घलो जिला अस्पताल पहुंचिन। ओमन डॉक्टर मन ले इलाज के जानकारी लिन अउ जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य के बारे म पूछताछ करिन।
एसएसपी ह अस्पताल म मौजूद परिवार के सदस्य अउ कांवरिया मन ले भेंट करके भरोसा दिलाइन कि सावन यात्रा के दौरान श्रद्धालु मन के सुरक्षा अउ सुविधा बर पुलिस पूरी जिम्मेदारी संग काम करत हवय।
जुड़वा बेटा के रखे गीस धार्मिक नाम
सावन महीना अउ कांवर यात्रा के बीच जुड़वा बेटा के जनम ला लोगन भगवान भोलेनाथ के विशेष कृपा मानत हवंय।
एही कारण अस्पताल म मौजूद पुलिस अधिकारी अउ प्रशासनिक अधिकारी मन के सहमति ले दूनों नवजात के नाम गणेश अउ कार्तिकेय रखे गीस।
ये दूनों नाम भगवान शिव अउ माता पार्वती के सुपुत्र भगवान गणेश अउ भगवान कार्तिकेय के नाम ले प्रेरित हवंय। नामकरण के बाद अस्पताल म मौजूद लोगन खुशी जताइन अउ परिवार ला बधाई दीन।
सोशल मीडिया म वायरल होवत हवय वीडियो
घटना के बाद अस्पताल के वीडियो सोशल मीडिया म तेजी ले वायरल होवत हवय। वीडियो म पुलिस अधिकारी, डॉक्टर, परिवार के सदस्य अउ कांवरिया मन के खुशी साफ देखे जा सकत हवय।
सोशल मीडिया म हजारों लोग ए घटना ला भगवान शिव के आशीर्वाद बतावत हवंय।
एक यूजर लिखिस—
“महिला के साहस ला सलाम, भगवान भोलेनाथ दूनों बच्चा अउ मां ऊपर अइसनेच कृपा बनाए रखंय।”
दूसर यूजर ह लिखिस—
“उत्तर प्रदेश पुलिस के ए काम सचमुच सराहना के योग्य हवय। समय म मदद करके दूनों जिनगी बचा लीस।”
सावन अउ कांवर यात्रा के धार्मिक महत्व
सनातन धर्म म सावन महीना भगवान शिव ला समर्पित सबसे पवित्र महीना माने जाथे। ए महीना म लाखों श्रद्धालु हरिद्वार, गंगोत्री समेत कई तीर्थ स्थल ले गंगाजल भरके अपन क्षेत्र के शिव मंदिर म जलाभिषेक करथें।
मान्यता हवय कि सच्चे मन ले सावन म भगवान शिव के पूजा-अर्चना करे ले मनोकामना पूरा होथे।
ए साल घलो देशभर म भारी संख्या म श्रद्धालु कांवर यात्रा म शामिल होवत हवंय। एही यात्रा के दौरान घटी ए घटना श्रद्धा, सेवा अउ मानवता के सुंदर संदेश देथे।
मानवता अउ सेवा के मिसाल बनिस घटना
मुजफ्फरनगर म घटी ए घटना सिरिफ एक धार्मिक खबर नइये, बल्कि समय म मदद, प्रशासन के तत्परता अउ डॉक्टर मन के सेवा भावना के घलो शानदार उदाहरण हवय।
अगर पुलिस अउ मेडिकल टीम समय म मदद नई करितिस, त परिस्थिति गंभीर हो सकत रहिस। फेर सबो विभाग के मिलजुल के प्रयास ले मां अउ दूनों नवजात सुरक्षित हवंय।
सावन के ए पावन महीना म ए घटना आज लाखों श्रद्धालु बर आस्था, भरोसा अउ इंसानियत के प्रेरणा बन गे हवय।
