रायपुर रेलवे स्टेशन के पार्सल परिसर से खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने 500 किलो संदिग्ध पनीर जब्त किया। अमरकंटक एक्सप्रेस से पहुंचे पनीर के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट के बाद होगी सख्त कार्रवाई। पढ़ें पूरी खबर।
रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में खाद्य सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन) की टीम ने बुधवार को रायपुर रेलवे स्टेशन स्थित पार्सल परिसर में छापेमार कार्रवाई करते हुए लगभग 500 किलो संदिग्ध पनीर जब्त किया। पनीर की गुणवत्ता और शुद्धता पर संदेह होने के कारण अधिकारियों ने मौके पर ही उसका नमूना लेकर परीक्षण के लिए राज्य की अधिकृत प्रयोगशाला भेज दिया है।
इस कार्रवाई के बाद रेलवे स्टेशन परिसर में कुछ समय तक हलचल का माहौल बना रहा। विभागीय अधिकारियों ने पूरे स्टॉक को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि यह पनीर किस व्यापारी का है, इसे किस स्थान से भेजा गया था और रायपुर में इसकी आपूर्ति किन लोगों तक की जानी थी।
अमरकंटक एक्सप्रेस से रायपुर पहुंचा था पार्सल
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार संदिग्ध पनीर अमरकंटक एक्सप्रेस के माध्यम से रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंचा था। पार्सल परिसर में रखे इस स्टॉक पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की नजर पड़ी, जिसके बाद निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पनीर की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे स्टॉक को जब्त कर लिया गया।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पार्सल किसके नाम पर बुक किया गया था और इसे बाजार में बेचने की तैयारी थी या किसी अन्य उद्देश्य से मंगाया गया था। विभाग इस पूरे सप्लाई नेटवर्क की भी जांच कर रहा है।
लैब रिपोर्ट के बाद होगी असली-नकली की पुष्टि
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि केवल देखने या सूंघने के आधार पर किसी खाद्य पदार्थ को नकली घोषित नहीं किया जा सकता। इसलिए पनीर के अधिकृत नमूने लेकर उन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
प्रयोगशाला में यह जांच की जाएगी कि—
- पनीर निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं।
- उसमें मिलावट या सिंथेटिक तत्वों का इस्तेमाल किया गया है या नहीं।
- उसमें हानिकारक रसायन, डिटर्जेंट, स्टार्च, वनस्पति वसा या अन्य प्रतिबंधित पदार्थ मौजूद हैं या नहीं।
- वह मानव उपभोग के लिए सुरक्षित है या नहीं।
यदि जांच रिपोर्ट में पनीर खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरता, तो संबंधित व्यापारी, सप्लायर अथवा जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मिलावटी डेयरी उत्पादों पर लगातार कार्रवाई
पिछले कुछ समय से खाद्य एवं औषधि प्रशासन राज्यभर में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चला रहा है। दूध, पनीर, खोवा, घी और अन्य डेयरी उत्पादों की लगातार जांच की जा रही है। त्योहारों और बढ़ती मांग के दौरान मिलावट की आशंका को देखते हुए विभाग ने निगरानी और सैंपलिंग अभियान तेज कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नकली या मिलावटी पनीर का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे उत्पादों में निम्न गुणवत्ता का तेल, सिंथेटिक पदार्थ, स्टार्च या अन्य रसायनों का उपयोग किया जाता है, जिससे पेट संबंधी बीमारियां, फूड पॉइजनिंग और लंबे समय में अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
रेलवे पार्सल के जरिए खाद्य सामग्री की आपूर्ति भी जांच के दायरे में

रेलवे के माध्यम से बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री एक शहर से दूसरे शहर तक भेजी जाती है। ऐसे में रेलवे पार्सल के जरिए आने वाले खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना भी जरूरी हो जाता है।
खाद्य सुरक्षा विभाग अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि—
- पनीर किस डेयरी या निर्माता द्वारा तैयार किया गया था।
- परिवहन के दौरान कोल्ड चेन (Cold Chain) का पालन किया गया था या नहीं।
- पैकेजिंग और लेबलिंग खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुरूप थी या नहीं।
- इस प्रकार के अन्य पार्सल भी हाल के दिनों में रायपुर पहुंचे हैं या नहीं।
यदि जांच में किसी बड़े नेटवर्क या संगठित मिलावट गिरोह की जानकारी सामने आती है, तो जांच का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से की अपील
अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे बिना बिल के डेयरी उत्पाद खरीदने से बचें और केवल विश्वसनीय दुकानों से ही खाद्य सामग्री लें। यदि किसी खाद्य पदार्थ के रंग, स्वाद, गंध या गुणवत्ता को लेकर संदेह हो तो इसकी सूचना तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग को दें।
विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं की सतर्कता भी मिलावट पर रोक लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
रिपोर्ट का इंतजार, उसके बाद होगी अगली कार्रवाई
फिलहाल जब्त किए गए पूरे 500 किलो पनीर को विभाग ने अपने कब्जे में रखा है। अब सभी की नजर प्रयोगशाला की रिपोर्ट पर टिकी हुई है। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि पनीर पूरी तरह सुरक्षित था, गुणवत्ता में कमी थी या उसमें किसी प्रकार की मिलावट की गई थी।
यदि रिपोर्ट प्रतिकूल आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ जुर्माना, लाइसेंस निरस्तीकरण और न्यायालयीन कार्रवाई सहित कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, डेयरी उत्पादों की निगरानी और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट इस पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने लाएगी।
