जांजगीर-चांपा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। बदलत समय के संग अपराध के तरीका भी लगातार बदलत जावत हे। आज के दौर म जहां इंटरनेट अउ सोशल मीडिया ह हमर रोजमर्रा के जिंदगी के जरूरी हिस्सा बन गे हे, वहीं साइबर ठगी जइसन अपराध भी तेजी ले बढ़त देखे ला मिलत हे। एखर अलावा सड़क दुर्घटना, यातायात नियम के अनदेखी अउ नशा के बढ़त प्रभाव भी समाज बर बड़ी चुनौती बने हुए हे।
इही बात ला ध्यान म रखत जांजगीर-चांपा पुलिस ह सामुदायिक पुलिसिंग अभियान के तहत जिला भर म व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाइस। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन म चलाय गे ए अभियान के तहत पुलिस टीम मन अलग-अलग स्कूल म पहुंचके छात्र-छात्रा मन ले सीधा संवाद करिन अउ उनला साइबर सुरक्षा, यातायात नियम, सड़क सुरक्षा अउ नशामुक्त जीवन के महत्व के बारे म विस्तार ले जानकारी देइन।
पुलिस के ए पहल के मुख्य उद्देश्य विद्यार्थी मन ला बदलत समय के अपराध मन के प्रति जागरूक करना अउ उनला खुद के साथ-साथ अपन परिवार अउ समाज ला भी सुरक्षित रखे बर तैयार करना हे।
स्कूल-स्कूल पहुंचिस पुलिस के टीम, विद्यार्थियों संग करिन सीधा संवाद
सामुदायिक पुलिसिंग अभियान के तहत थाना पामगढ़, जांजगीर, मुलमुला, बिर्रा, सारागांव, नवागढ़, चांपा, बलौदा, शिवरीनारायण अउ बम्हनीडीह थाना के पुलिस टीम मन अलग-अलग स्कूल म पहुंचिन। एखर संग यातायात पुलिस के टीम भी अभियान म शामिल रहिस।
पुलिस अधिकारी मन स्कूल म विद्यार्थियों संग बातचीत करके उनकर समस्या अउ सवाल मन ला सुने। ए दौरान पुलिस अधिकारी मन कहिन कि आज के समय म जागरूकता ही अपराध ले बचाव के सबसे मजबूत हथियार हे। अगर विद्यार्थी मन खुद जागरूक रहिहीं त वो अपन परिवार के सदस्य मन ला भी साइबर ठगी अउ दूसर अपराध ले बचाए म मदद कर सकथें।
पुलिस टीम मन विद्यार्थियों ला समझाइस कि साइबर अपराधी लगातार ठगी के नवा-नवा तरीका अपनावत हें। कभी बैंक अधिकारी बनके फोन करथें, तो कभी केवाईसी अपडेट, इनाम, नौकरी या लॉटरी के नाम म लिंक भेजके लोगन ले ठगी करे के कोशिश करथें। ऐसे म बिना जांच-पड़ताल करे कोनो अनजान व्यक्ति के बात म भरोसा करना भारी पड़ सकथे।
ओटीपी अउ बैंक के गोपनीय जानकारी कभू नइ देवव
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारी मन साइबर ठगी ले बचे बर जरूरी सावधानी के बारे म जानकारी देइन। विद्यार्थियों ला साफ-साफ बताय गिस कि कोनो भी व्यक्ति के कहने पर अपन ओटीपी, बैंक खाता के जानकारी, एटीएम कार्ड के नंबर, पासवर्ड या कोनो भी गोपनीय वित्तीय जानकारी दूसर मन संग साझा नइ करना चाही।
पुलिस ह समझाइस कि बैंक या कोनो सरकारी संस्था के अधिकारी बनके फोन करे वाला व्यक्ति अगर गोपनीय जानकारी मांगथे, त तुरंत सतर्क हो जाना चाही। अनजान नंबर ले आए फोन, मैसेज या लिंक के जांच करे बिना ओकर ऊपर क्लिक नइ करना चाही।
सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग ऊपर भी पुलिस टीम ह विद्यार्थियों ला जागरूक करिस। अधिकारी मन कहिन कि सोशल मीडिया म अपन निजी जानकारी, फोटो या लोकेशन साझा करत समय सावधानी रखे के जरूरत हे। अनजान व्यक्ति के फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करना या संदिग्ध लिंक खोलना भी नुकसानदायक हो सकथे।
पुलिस ह विद्यार्थियों ला ये भी समझाइस कि अगर कोनो व्यक्ति साइबर ठगी के शिकार हो जाथे या ओकर संग ऑनलाइन धोखाधड़ी होथे, त डरके चुप बैठे के बजाय तुरंत पुलिस ला जानकारी देना चाही। समय रहते सूचना मिले ले ठगी के रकम के संबंध म कार्रवाई करे के संभावना बढ़ जाथे।
यातायात नियम के पालन बर विद्यार्थियों ला करिन जागरूक
साइबर सुरक्षा के साथ-साथ पुलिस के ए अभियान म सड़क सुरक्षा ऊपर भी विशेष जोर देय गिस। पुलिस अधिकारी मन विद्यार्थियों ला बताइन कि सड़क म छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसा के कारण बन सकथे।
पुलिस टीम मन हेलमेट अउ सीट बेल्ट के अनिवार्य रूप ले उपयोग करे के अपील करिन। दुपहिया वाहन चलावत समय हेलमेट पहिरे अउ कार म सफर करत समय सीट बेल्ट लगाना अपन सुरक्षा बर जरूरी हे।
एखर अलावा वाहन चलावत समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल नइ करे, निर्धारित गति सीमा के पालन करे अउ यातायात नियम मन के पालन करे बर भी विद्यार्थियों ला प्रेरित करे गिस।
पुलिस अधिकारी मन कहिन कि सड़क सुरक्षा के नियम सिरिफ चालान या पुलिस के डर ले पालन करे के चीज नइ हे। नियम मन हमर खुद के जीवन अउ दूसर मन के जीवन के सुरक्षा बर बनाय गे हें। अगर हर नागरिक जिम्मेदारी के साथ यातायात नियम के पालन करही त सड़क दुर्घटना म कमी लाय जा सकथे।
विद्यार्थियों ला सड़क पार करत समय सावधानी बरते, चलते समय मोबाइल म ध्यान नइ लगाए अउ वाहन मन के आवाजाही ऊपर नजर रखे जइसन जरूरी बात मन के बारे म भी जानकारी दी गिस।
नशा ले दूर रहे के पुलिस ह दी समझाइस
जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस टीम मन नशामुक्त समाज के जरूरत ऊपर भी जोर देइन। विद्यार्थियों ला नशा के शारीरिक, मानसिक अउ सामाजिक नुकसान के बारे म विस्तार ले जानकारी देय गिस।
पुलिस अधिकारी मन कहिन कि नशा सिरिफ नशा करे वाला व्यक्ति के स्वास्थ्य ला नुकसान नइ पहुंचाय, बल्कि पूरा परिवार के ऊपर एखर गंभीर असर पड़थे। नशा के कारण परिवार म आर्थिक परेशानी, तनाव अउ सामाजिक समस्या पैदा हो सकथे।
युवा मन ला नशा ले दूर रहिके खेलकूद, पढ़ाई अउ सकारात्मक गतिविधि म अपन समय लगाए बर प्रेरित करे गिस। पुलिस ह विद्यार्थियों ले अपील करिस कि वो खुद नशा ले दूर रहंय अउ अपन दोस्त, साथी अउ आसपास के युवा मन ला भी नशा के नुकसान के बारे म जागरूक करंय।
पुलिस अधिकारी मन कहिन कि युवा पीढ़ी देश के भविष्य हे। अगर युवा स्वस्थ अउ नशामुक्त रहिहीं, त समाज के विकास अउ देश के भविष्य दूनों मजबूत होही।
संदिग्ध गतिविधि दिखे त पुलिस ला तुरंत देवव सूचना
जागरूकता कार्यक्रम म विद्यार्थियों ला ये भी बताय गिस कि अगर उनला आसपास कोनो संदिग्ध गतिविधि नजर आवत हे, नशा के अवैध कारोबार के जानकारी मिलथे या कोनो साइबर अपराध होवत देखथें, त बिना डर के पुलिस ला सूचना देवव।
पुलिस ह कहिस कि अपराध के खिलाफ लड़ाई म आम नागरिक के सहयोग बहुत जरूरी हे। कई बार आसपास के लोगन ला अपराध के बारे म जानकारी रहिथे, लेकिन डर या संकोच के कारण वो पुलिस ला सूचना नइ दे पाथें। ऐसे म पुलिस ह विद्यार्थियों अउ आम नागरिक मन ला भरोसा दिलाइस कि सही समय म दी गे सूचना ले अपराध रोकथाम म मदद मिल सकथे।
सामुदायिक पुलिसिंग ले पुलिस अउ जनता के बीच बढ़त हे भरोसा
जांजगीर-चांपा पुलिस के ए अभियान ला सामुदायिक पुलिसिंग के दिशा म एक महत्वपूर्ण पहल माने जा सकथे। पुलिस अउ आम जनता के बीच भरोसा मजबूत करना, खासकर युवा पीढ़ी के मन म पुलिस के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, ए तरह के अभियान के महत्वपूर्ण हिस्सा हे।
स्कूल म पुलिस अधिकारी मन के पहुंचके विद्यार्थियों संग बातचीत करना ए बात ला भी दर्शाथे कि पुलिस के काम सिरिफ अपराधी मन के खिलाफ कार्रवाई करना नइ, बल्कि अपराध होए ले पहिली ही समाज ला जागरूक करना अउ रोकथाम करना भी हे।
ए तरह के कार्यक्रम म विद्यार्थी मन सीधे पुलिस अधिकारी मन ले सवाल पूछ सकथें अउ अपन मन के जिज्ञासा ला दूर कर सकथें। एखर ले पुलिस अउ विद्यार्थियों के बीच संवाद के एक सकारात्मक माहौल तैयार होथे।
