कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। सावन के पवित्र महीना के शुरुआत होवत ही देशभर के शिवालय मन म भगवान भोलेनाथ के जयकारा गूंजे लगथे। सावन के पहिली सोमवारी म सुबह ले ही शिव मंदिर मन म भक्त मन के भीड़ देखे ला मिलिस। कोनो भक्त दूध ले भगवान शिव के अभिषेक करिस, तो कोनो पवित्र गंगाजल चढ़ाके अपन मनोकामना पूरा होए के कामना करिस। चारों ओर हर-हर महादेव अउ बोल बम के जयघोष ले पूरा माहौल भक्तिमय नजर आइस।
एही कड़ी म छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला के जमनीपाली, कुसमुंडा अउ दीपका क्षेत्र के शिवभक्त मन सावन के पहिली दिन अपन बरसों पुराना परंपरा ला निभावत झारखंड के देवघर पहुंचिन। भक्त मन बिहार के सुल्तानगंज ले पवित्र गंगाजल भरके देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम म पहुंचिन अउ विधि-विधान के साथ भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक करिन।
शिवभक्त मन के ये धार्मिक यात्रा म श्रद्धा, आस्था अउ समर्पण के भाव साफ नजर आइस। गंगाजल लेके बाबा बैद्यनाथ के दरबार तक पहुंचे के बाद भक्त मन भगवान शिव के पूजा-अर्चना करिन अउ परिवार, समाज अउ देश के सुख-शांति बर प्रार्थना करिन।
25 साल ले लगातार निभावत हें शिव आराधना के परंपरा
जमनीपाली, कुसमुंडा अउ दीपका क्षेत्र के शिवभक्त मन के ये यात्रा सिरिफ एक साल या दू साल के परंपरा नइ हे, बल्कि पिछले करीब 25 साल ले लगातार चले आवत हे। शिवशंकर समिति से जुड़े भक्त मन हर साल सावन के महीना म सुल्तानगंज पहुंचथें। वहां पवित्र गंगा नदी ले जल भरके देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम तक पहुंचथें अउ भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग म गंगाजल अर्पित करके जलाभिषेक करथें।
25 साल ले लगातार चलत ये परंपरा अब क्षेत्र के शिवभक्त मन के आस्था के एक मजबूत पहचान बन गे हे। पीढ़ी दर पीढ़ी भक्त मन भगवान शिव के प्रति अपन श्रद्धा ला कायम रखत ये धार्मिक यात्रा म शामिल होवत हें।
शिवभक्त मन बर सुल्तानगंज ले गंगाजल भरके देवघर पहुंचना सिरिफ एक यात्रा नइ, बल्कि भगवान शिव के प्रति अपन भक्ति अउ समर्पण ला प्रकट करे के एक माध्यम हे। लंबा सफर, रास्ता के कठिनाई अउ यात्रा के थकान के बाद भी भक्त मन के उत्साह म कोनो कमी नइ दिखथे। बाबा बैद्यनाथ के दरबार पहुंचते ही भक्त मन हर-हर महादेव अउ बोल बम के जयकारा लगाके अपन आस्था के भाव प्रकट करथें।
सुल्तानगंज ले गंगाजल अउ देवघर म बाबा बैद्यनाथ के जलाभिषेक
धार्मिक मान्यता के मुताबिक सुल्तानगंज के गंगाजल ले बाबा बैद्यनाथ धाम म भगवान शिव के जलाभिषेक करे के विशेष महत्व हे। कांवड़िया अउ शिवभक्त मन सुल्तानगंज ले गंगाजल भरके अपन यात्रा शुरू करथें अउ देवघर पहुंचके बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग म जल अर्पित करथें।
ए यात्रा के दौरान भक्त मन भगवान शिव के नाम के जाप करत आगे बढ़थें। रास्ता म बोल बम के जयकारा, भक्ति गीत अउ शिव नाम के गूंज सुनई देथे। सावन के महीना म देवघर पहुंचने वाले भक्त मन बर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन अउ जलाभिषेक सबसे बड़ा आध्यात्मिक अनुभव माने जाथे।
कोरबा के शिवभक्त मन भी हर साल एही भावना के साथ अपन यात्रा पूरा करथें। सावन के पहिली सोमवारी म बाबा बैद्यनाथ के जलाभिषेक करके भक्त मन अपन बरसों पुरानी परंपरा ला आगे बढ़ाइन।
प्रेम अग्रवाल अउ साथी मन के पहल ले शुरू होइस धार्मिक सिलसिला
शिवशंकर समिति के ए धार्मिक यात्रा ला लगातार 25 साल तक जारी रखे म समिति से जुड़े कई वरिष्ठ शिवभक्त मन के महत्वपूर्ण योगदान रहिस। जानकारी के मुताबिक प्रेम अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, हीरालाल साहु अउ लक्ष्मीनारायण साहु के सार्थक पहल अउ सहयोग ले क्षेत्र के शिवभक्त मन ला हर साल देवघर पहुंचके बाबा बैद्यनाथ अउ बाबा वासुकीनाथ के दर्शन अउ जलाभिषेक करे के अवसर मिलत आथे।
समिति के सदस्य मन के मुताबिक भगवान शिव के प्रति श्रद्धा अउ आपसी सहयोग ही ए यात्रा के सबसे बड़े आधार हे। समय के साथ समिति से जुड़े भक्त मन के संख्या बढ़त गे, लेकिन भगवान शिव के आराधना अउ सावन म देवघर पहुंचके जल चढ़ाए के परंपरा आज भी ओइसने कायम हे।
ए यात्रा म शामिल होए वाले भक्त मन बर देवघर जाना एक धार्मिक अनुभव के साथ-साथ आपसी एकता अउ भाईचारा के अवसर भी बनथे। यात्रा के दौरान एक-दूसर के सहयोग करना, साथ म पूजा करना अउ भगवान शिव के भक्ति म डूबे रहना भक्त मन के बीच अपनापन के भावना ला अउ मजबूत करथे।
शिवशंकर समिति के कई सदस्य यात्रा म शामिल
ए धार्मिक यात्रा म शिवशंकर समिति से जुड़े अनेक शिवभक्त मन के महत्वपूर्ण सहभागिता रहिस। समिति म प्रेम कुमार अग्रवाल, श्रीमती सत्यभामा देवी, द्वारिका शर्मा, बैजनाथ अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, माया अग्रवाल, सुरेश कुमार अग्रवाल, राजेंद्र सिंह ठाकुर, लक्ष्मीनारायण साहु, हीरालाल साहु, बन्नु साहु, धुरपाल सिंह कंवर, रमेश अग्रवाल, विशेष अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, घनश्याम साहु, हृदय यादव, पुरान सिंह कंवर, आनंद साहु, रविकांत साहु, भरत साहु, दीपक साहु, टीकाराम, राजीव साहु, संतोष साहु, लोकेश साहु, चुलेश्वर राठौर, सुंदर सिंह, मुकेश साहु, बहरन साहु, बजरंग अग्रवाल, विजय साहु, लाखन साहु, शिव श्रीवास, योगेश साहु, शैलेंद्र चंद्रा, थानेश्वर कंवर, कमेलश साहु, प्रेमकुमार, परमेश्वर साहु, लखन सिंह कंवर, बैजनाथ सिंह, छत्तर सिंह कंवर, हेतराम साहु, जहान सिंह, निर्मल सिंह, परमेश्वर सिंह, फिरन साहु अउ गेंदराम साहु सहित कई शिवभक्त शामिल हें।
सभी भक्त मन भगवान शिव के भक्ति म डूबे रहिके बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचिन अउ पूजा-अर्चना करके अपन धार्मिक यात्रा ला पूरा करिन।
कोरबा ले देवघर तक आस्था के मजबूत रिश्ता
कोरबा जिला के जमनीपाली, कुसमुंडा अउ दीपका क्षेत्र के शिवभक्त मन बर बाबा बैद्यनाथ धाम के यात्रा अब एक खास धार्मिक परंपरा बन चुके हे। 25 साल ले लगातार चलत ए यात्रा ये बताथे कि भगवान शिव के प्रति भक्त मन के आस्था समय के साथ अउ गहरा होत गे हे।
सावन के महीना म देशभर म भगवान शिव के मंदिर मन म विशेष पूजा-अर्चना होथे, लेकिन देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम के अपन अलग धार्मिक महत्व हे। एही कारण हर साल लाखों श्रद्धालु देश के अलग-अलग हिस्सा ले देवघर पहुंचथें अउ भगवान शिव के दर्शन करके जलाभिषेक करथें।
कोरबा के शिवभक्त मन भी अपन पुराना परंपरा ला निभावत ए धार्मिक यात्रा म शामिल होके भक्ति अउ आस्था के मिसाल पेश करत हें। सुल्तानगंज ले पवित्र गंगाजल लाके बाबा बैद्यनाथ के जलाभिषेक करना उनके बर सिरिफ एक धार्मिक अनुष्ठान नइ, बल्कि भगवान भोलेनाथ के प्रति गहरा समर्पण हे।
सावन के ए पवित्र महीना म कोरबा के शिवभक्त मन के देवघर यात्रा एक बार फेर ये संदेश देथे कि आस्था के राह म दूरी अउ कठिनाई के कोनो महत्व नइ रह जाथे। जब मन म भगवान शिव के प्रति सच्ची श्रद्धा होथे, त भक्त मन लंबा सफर तय करके भी अपन आराध्य के दरबार पहुंच जाथें।
25 साल ले जारी ए धार्मिक परंपरा आज भी शिवभक्त मन ला एकजुट करथे। आने वाले साल म भी ये परंपरा अउ मजबूत होवय अउ नवा पीढ़ी के भक्त मन भगवान शिव के भक्ति, सेवा अउ समर्पण के ए सिलसिला ला आगे बढ़ावय, एही कामना के साथ शिवभक्त मन बाबा बैद्यनाथ के दरबार म अपन माथा टेकत हें।
