नई दिल्ली (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) । केंद्र सरकार म एक महत्वपूर्ण फेरबदल के खबर सामने आए हवय। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय मंत्रिपरिषद ले इस्तीफा देय के बाद अब शिक्षा मंत्रालय के जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ल सौंपे गे हवय। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ह धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा ल तत्काल प्रभाव ले स्वीकार कर लीस। ए बदलाव के बाद प्रल्हाद जोशी अपन मौजूदा मंत्रालय के जिम्मेदारी निभाय के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त प्रभार भी संभालहीं।
राष्ट्रपति भवन ले जारी जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाह के आधार पर धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय मंत्रिपरिषद ले इस्तीफा ल तत्काल प्रभाव ले स्वीकार कर लीस। एकर बाद केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ल शिक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त जिम्मेदारी देय के फैसला करे गे हवय।
प्रल्हाद जोशी फिलहाल केंद्र सरकार म उपभोक्ता मामले, खाद्य तथा सार्वजनिक वितरण मंत्रालय अउ नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के मंत्री के रूप म काम करथें। अब शिक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त प्रभार मिले के बाद उनके जिम्मेदारी अउ बढ़ गे हवय। शिक्षा जइसन महत्वपूर्ण मंत्रालय के कामकाज ल देखना केंद्र सरकार के लिहाज ले भी एक अहम जिम्मेदारी माने जाथे।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा के बाद बड़ा बदलाव
धर्मेंद्र प्रधान केंद्र सरकार म शिक्षा मंत्रालय के जिम्मेदारी संभालत रहिन। उनके कार्यकाल के दौरान देश के शिक्षा व्यवस्था, उच्च शिक्षा, स्कूली शिक्षा अउ परीक्षा प्रणाली ले जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दा राष्ट्रीय स्तर म चर्चा के केंद्र म रहिन। अब उनके इस्तीफा के बाद शिक्षा मंत्रालय के कमान कुछ समय बर प्रल्हाद जोशी के हाथ म रहही।
हालांकि, फिलहाल प्रल्हाद जोशी ल शिक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त प्रभार सौंपे गे हवय। मतलब ये कि वो अपन मौजूदा मंत्रालय मन के जिम्मेदारी के साथ शिक्षा मंत्रालय के कामकाज घलो देखहीं। केंद्र सरकार के ये फैसला ऐसे समय म आए हवय, जब शिक्षा क्षेत्र म लगातार कई बड़े नीतिगत अउ प्रशासनिक मुद्दा ऊपर काम चलत हवय।
शिक्षा मंत्रालय देश के करोड़ों विद्यार्थी, शिक्षक, स्कूल, कॉलेज अउ विश्वविद्यालय ले सीधे जुड़े हवय। ए कारण ले मंत्रालय के कामकाज सुचारू रूप ले चलाना केंद्र सरकार के प्रमुख जिम्मेदारी म शामिल रहिथे। प्रल्हाद जोशी ल अतिरिक्त प्रभार मिले के बाद अब मंत्रालय के जरूरी कामकाज अउ प्रशासनिक प्रक्रिया मन ल आगे बढ़ाय के जिम्मेदारी उनके ऊपर रहही।
कौन हें प्रल्हाद जोशी?
प्रल्हाद जोशी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हें अउ केंद्र सरकार म कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हें। वर्तमान म वो उपभोक्ता मामले, खाद्य तथा सार्वजनिक वितरण अउ नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के मंत्री हें।
अब शिक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त जिम्मेदारी मिले के बाद प्रल्हाद जोशी के भूमिका केंद्र सरकार म अउ महत्वपूर्ण हो गे हवय। शिक्षा मंत्रालय देश के शिक्षा नीति ले लेके स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा अउ अलग-अलग राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक कार्यक्रम मन के संचालन म महत्वपूर्ण भूमिका निभाथे।
उनके सामने अब शिक्षा मंत्रालय के रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज ल देखे के साथ-साथ मंत्रालय ले जुड़े जरूरी फैसला मन ल आगे बढ़ाय के जिम्मेदारी भी रहही। देश के शिक्षा क्षेत्र म विद्यार्थी मन के हित, उच्च शिक्षा संस्थान मन के कामकाज अउ शिक्षा व्यवस्था ल मजबूत करे जइसन मुद्दा हमेशा प्राथमिकता म रहिथे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ह स्वीकारिस इस्तीफा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ह धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय मंत्रिपरिषद ले इस्तीफा ल तत्काल प्रभाव ले स्वीकार कर लीस। संविधान के प्रावधान के तहत केंद्रीय मंत्रिपरिषद म बदलाव के प्रक्रिया म राष्ट्रपति के भूमिका महत्वपूर्ण होथे। प्रधानमंत्री के सलाह के आधार पर राष्ट्रपति ह इस्तीफा स्वीकार करे के बाद शिक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त प्रभार प्रल्हाद जोशी ल देय गे हवय।
ए फैसला के बाद अब केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल म शिक्षा मंत्रालय के कामकाज प्रल्हाद जोशी देखहीं। हालांकि, ये व्यवस्था आगे चलके स्थायी नियुक्ति म बदलही या शिक्षा मंत्रालय के जिम्मेदारी बर कोनो अउ मंत्री के चयन होही, ए संबंध म फिलहाल कोनो जानकारी सामने नइ आए हवय।
शिक्षा मंत्रालय के सामने रहिहीं कई चुनौती
भारत जइसन बड़े देश म शिक्षा मंत्रालय के जिम्मेदारी काफी व्यापक हवय। देशभर के स्कूल शिक्षा व्यवस्था ले लेके उच्च शिक्षा तक करोड़ों विद्यार्थी अउ लाखों शिक्षक सीधे तौर पर मंत्रालय के नीतियन ले जुड़े रहिथें। ए स्थिति म मंत्रालय के कामकाज ल लगातार प्रभावी बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होथे।
वर्तमान समय म शिक्षा क्षेत्र म डिजिटल शिक्षा, नई शिक्षा नीति, उच्च शिक्षा म सुधार, परीक्षा व्यवस्था, विद्यार्थियन बर बेहतर अवसर अउ कौशल विकास जइसन कई महत्वपूर्ण मुद्दा ऊपर काम करे के जरूरत हे। साथ ही देश के अलग-अलग क्षेत्र म शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराना भी एक अहम विषय आय।
प्रल्हाद जोशी ल शिक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलना ए नजरिया ले महत्वपूर्ण हे कि अब वो केंद्र सरकार के शिक्षा संबंधी कामकाज ल भी देखहीं। मंत्रालय के मौजूदा योजनामन अउ नीतिगत काम मन ल आगे बढ़ाय के जिम्मेदारी उनके ऊपर रहही।
केंद्र सरकार म बदलाव के बाद बढ़ी जिम्मेदारी
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा स्वीकार होय के बाद प्रल्हाद जोशी के ऊपर अब एक अउ महत्वपूर्ण मंत्रालय के जिम्मेदारी आ गे हवय। वो पहले ले ही उपभोक्ता मामले, खाद्य तथा सार्वजनिक वितरण अउ नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा जइसन महत्वपूर्ण मंत्रालय संभालथें।
एक तरफ देश म खाद्य सुरक्षा अउ सार्वजनिक वितरण व्यवस्था जइसन विषय हें, तो दूसर तरफ नवीन अउ नवीकरणीय ऊर्जा देश के भविष्य के ऊर्जा जरूरत ले जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्र आय। अब शिक्षा मंत्रालय के जिम्मेदारी जुड़ गे के बाद उनके मंत्रालयन के दायरा अउ व्यापक हो गे हवय।
राजनीतिक अउ प्रशासनिक नजरिया ले देखे जावय, त केंद्र सरकार के ये फैसला महत्वपूर्ण माने जा सकथे। शिक्षा मंत्रालय देश के भविष्य के पीढ़ी तैयार करे म सबसे अहम भूमिका निभाथे। ए मंत्रालय ले जुड़े हर फैसला के सीधा असर विद्यार्थी, शिक्षक अउ शिक्षा संस्थान मन ऊपर पड़थे।
