बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने स्वामी आत्मानंद महारानी लक्ष्मीबाई कन्या विद्यालय और गुजराती समाज भवन में आयोजित कार्यक्रमों में शिक्षा, नवाचार, नशामुक्ति, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। पढ़ें पूरी खबर।
बिलासपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) विधायक अमर अग्रवाल ने रविवार को शहर में आयोजित विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हुए विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और नागरिकों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि एक शिक्षित, जागरूक और नशामुक्त समाज ही विकसित भारत की मजबूत नींव बन सकता है। उन्होंने छात्राओं को जीवन में अनुशासन, संस्कार और निरंतर मेहनत को सफलता का मूल मंत्र बताया, वहीं समाज के सभी वर्गों से नवाचार को अपनाने और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
छात्राओं को दिया आत्मविश्वास और सफलता का मंत्र
दयालबंद स्थित स्वामी आत्मानंद महारानी लक्ष्मीबाई कन्या विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विधायक अमर अग्रवाल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसके पीछे परिवार के संस्कार, माता-पिता का सहयोग और गुरुजनों का मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए कठिन परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच आवश्यक है। यदि विद्यार्थी अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें और निरंतर सीखने की भावना बनाए रखें तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती।
उन्होंने छात्राओं से कहा कि आज का समय अवसरों का दौर है, जहां बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। शिक्षा ही वह माध्यम है, जो आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और सम्मानजनक भविष्य का मार्ग प्रशस्त करती है।
बेटियों की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर दिया जोर
अपने संबोधन में अमर अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं और बेटियों के सशक्तिकरण के लिए सरकार अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। शिक्षा, कौशल विकास, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। आज महिलाएं प्रशासन, विज्ञान, शिक्षा, चिकित्सा, खेल, रक्षा, राजनीति और उद्योग सहित लगभग हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। यह बदलते भारत की नई तस्वीर है।
उन्होंने छात्राओं से अपने सपनों को सीमित न रखने और बड़े लक्ष्य निर्धारित करने की अपील करते हुए कहा कि आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास से हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।
शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी
विधायक ने कहा कि केवल डिग्री प्राप्त करना ही शिक्षा का उद्देश्य नहीं होना चाहिए। वास्तविक शिक्षा वही है, जो व्यक्ति को जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दे। विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और अनुशासन का विकास होना उतना ही आवश्यक है जितना कि शैक्षणिक उत्कृष्टता।
उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण पाठशाला है। यहां प्राप्त संस्कार ही जीवनभर व्यक्ति का मार्गदर्शन करते हैं।
नागरिक अभिनंदन समारोह में समाज के विकास पर रखे विचार
इसके बाद अमर अग्रवाल गुजराती समाज भवन में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। यहां उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी प्रदेश और देश का विकास केवल आर्थिक प्रगति से नहीं होता, बल्कि सामाजिक जागरूकता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार और स्वस्थ सामाजिक वातावरण से होता है।
उन्होंने कहा कि यदि समाज शिक्षा को प्राथमिकता देगा, नई सोच को अपनाएगा और युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करेगा, तो विकास की गति स्वतः तेज होगी।
नवाचार से बदलेगा भविष्य
अमर अग्रवाल ने कहा कि बदलते समय के साथ तकनीक और नवाचार को अपनाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। नई पीढ़ी को केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित न रहकर विज्ञान, तकनीक, स्टार्टअप, शोध और डिजिटल नवाचार जैसे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है। ऐसे में युवाओं को नए विचारों के साथ आगे बढ़ने और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता विकसित करनी होगी। यही नवाचार भविष्य के भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
नशामुक्त समाज बनाने का किया आह्वान
कार्यक्रम के दौरान विधायक ने नशामुक्ति को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज का भविष्य प्रभावित करता है। युवाओं को नशे से दूर रखते हुए खेल, शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने समाज के सभी वर्गों, सामाजिक संगठनों, अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की कि वे युवाओं को सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराएं, ताकि वे अपनी ऊर्जा रचनात्मक कार्यों में लगा सकें।
उनका कहना था कि जब समाज शिक्षित होगा, जागरूक होगा और नशामुक्त होगा, तभी वास्तविक सामाजिक परिवर्तन संभव हो सकेगा।
राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम
अमर अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है। ऐसे में युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा देश की सबसे बड़ी पूंजी है। यदि युवाओं को सही दिशा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर मिलें, तो भारत वैश्विक स्तर पर नई पहचान स्थापित कर सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों और नागरिकों से समाजहित के कार्यों में भागीदारी बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, सामाजिक समरसता और जनहित के अभियानों से जुड़ने की अपील की।
सामाजिक सहभागिता से बनेगा सशक्त भारत
कार्यक्रम के अंत में विधायक ने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। समाज के सभी वर्ग यदि शिक्षा, सामाजिक सद्भाव, नवाचार और नशामुक्ति जैसे विषयों पर मिलकर कार्य करें, तो एक सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकता है।
उन्होंने उपस्थित नागरिकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और समाज के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए सभी से सकारात्मक सोच के साथ समाज और देश की प्रगति में योगदान देने का आग्रह किया।
