raipur (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) | देशभर मं प्रतियोगी परीक्षामन ला लेके लगातार उठत सवाल अउ पेपर लीक जइसने घटनामन के बाद केंद्र सरकार ह परीक्षा व्यवस्था मं बड़े बदलाव करे के दिशा मं एक महत्वपूर्ण कदम उठाइस हवय। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के परीक्षा प्रणाली ला जियादा सुरक्षित, पारदर्शी अउ भरोसेमंद बनाए बर केंद्र सरकार ह हाई पावर टास्क फोर्स के गठन करे हवय।
ए फैसला के स्वागत करत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह केंद्र सरकार अउ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताइस हवंय। मुख्यमंत्री के कहना हवय कि सरकार ह देश के लाखों छात्र-छात्रामन के भविष्य ला ध्यान मं रखके ये फैसला ले हवय। अब परीक्षा व्यवस्था मं तकनीकी सुधार होही अउ पेपर लीक जइसने घटनामन ऊपर कड़ा रोक लगाय जाही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कहिन – युवामन के भविष्य सरकार बर सबसे ऊपर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह कहिन कि केंद्र सरकार ह हमेशा युवामन के भविष्य ला प्राथमिकता देत आइस हवय। बीते कुछ समय मं अलग-अलग भर्ती अउ प्रवेश परीक्षामन मं सामने आए पेपर लीक के मामलामन ले छात्रमन के भरोसा कमजोर होवत रहिस। ए बात ला गंभीरता ले लेते हुए केंद्र सरकार ह अब ठोस कदम उठाइस हवय।
मुख्यमंत्री कहिन कि सरकार सिरिफ जांच तक सीमित नइ रहिस, बल्कि पेपर लीक रोकई बर कड़ा कानून बनाय के दिशा मं घलो तेजी ले काम होवत हवय। ए कानून लागू होय के बाद परीक्षा मं गड़बड़ी करे वाले मन ऊपर कड़ी कार्रवाई होही अउ अइसने घटना के दोहराव के संभावना बहुत कम हो जाही।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घोषणा के बाद बनिस टास्क फोर्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ह 26 जुलाई के देश ला जानकारी दे रहिन कि NTA के परीक्षा प्रक्रिया मं व्यापक सुधार लाय बर एक मल्टीडिसिप्लिनरी हाई पावर टास्क फोर्स बनाय गे हवय। ए टास्क फोर्स के मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली ला आधुनिक तकनीक के मदद ले मजबूत बनाना, सुरक्षा बढ़ाना अउ छात्रमन के भरोसा वापस कायम करना हवय।
सरकार के मुताबिक, टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली के हर पहलू के अध्ययन करही अउ सुधार बर ठोस सुझाव देही, ताकि भविष्य मं राष्ट्रीय स्तर के परीक्षामन बिना किसी विवाद के सफलतापूर्वक आयोजित हो सकंय।
देश के नामी विशेषज्ञमन ला दीस जिम्मेदारी
ए हाई पावर टास्क फोर्स के अध्यक्षता देश के प्रसिद्ध टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि करहीं। जानकारी मुताबिक टास्क फोर्स मं अलग-अलग क्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञमन ला शामिल करे गे हवय, जेमां तकनीक, शिक्षा, सुरक्षा, अंतरिक्ष अउ लॉजिस्टिक्स के विशेषज्ञ शामिल हवंय।
टास्क फोर्स के प्रमुख सदस्य मन मं—
- इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ
- इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के पूर्व निदेशक तपन डेका
- IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी
- पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल
- लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा
जइसने अनुभवी नाम शामिल हवंय। ए विशेषज्ञ अपन-अपन क्षेत्र के अनुभव के आधार ऊपर परीक्षा प्रणाली ला मजबूत बनाए बर सुझाव देहीं।
का-का बदलाव हो सकथे?
सरकार के मुताबिक टास्क फोर्स परीक्षा केंद्र ले लेकर प्रश्नपत्र तैयार करे, सुरक्षित परिवहन, डिजिटल मॉनिटरिंग, परीक्षा संचालन अउ रिजल्ट प्रक्रिया तक के पूरा सिस्टम के समीक्षा करही।
विशेषज्ञमन ए बात ऊपर काम करहीं कि किस तरीका ले तकनीक के उपयोग करके पेपर लीक के संभावना ला लगभग खत्म करे जा सकय। डिजिटल सुरक्षा, डेटा प्रोटेक्शन, निगरानी व्यवस्था अउ जवाबदेही ला मजबूत बनाए बर घलो कई सुझाव दे जाए के संभावना हवय।
पेपर लीक ऊपर कड़ा कानून बने के तैयारी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह साफ कहिन कि केंद्र सरकार ह पेपर लीक जइसने अपराध ला गंभीरता ले लेते हवय। सरकार ह अइसने अपराध बर कड़ा कानूनी प्रावधान तैयार करत हवय।
सरकार के मंशा हवय कि जे लोग परीक्षा प्रक्रिया मं गड़बड़ी करहीं, प्रश्नपत्र लीक करहीं या संगठित रूप ले धोखाधड़ी करहीं, ओमन ऊपर सख्त कार्रवाई होय। ए कदम ले भविष्य मं अइसने घटनामन ऊपर प्रभावी रोक लग सके।
छात्रमन के भरोसा वापस लानाय सबसे बड़ा लक्ष्य
बीते कुछ साल मं देशभर के कई प्रतियोगी परीक्षामन मं अनियमितता अउ पेपर लीक के आरोप सामने आए रहिन। ए घटनामन के कारण लाखों मेहनती छात्र-छात्रामन के भविष्य प्रभावित होइस अउ परीक्षा प्रणाली ऊपर सवाल उठिस।
अब केंद्र सरकार चाहत हवय कि छात्रमन फेर ले भरोसा के साथ परीक्षा देवंय। टास्क फोर्स के सिफारिश के आधार ऊपर लागू होए वाला सुधार परीक्षा प्रणाली ला जियादा पारदर्शी, निष्पक्ष अउ सुरक्षित बनाए बर महत्वपूर्ण साबित हो सकथे।
