रायपुर(वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ म नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवार मन ला राहत अउ पुनर्वास देय के दिशा म राज्य सरकार ह एक अउ महत्वपूर्ण कदम उठाय हे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संवेदनशील पहल अउ नक्सली हिंसा के पीड़ित परिवार मन ला जल्दी आर्थिक सहायता पहुंचाय के प्रतिबद्धता के तहत बीजापुर जिला म पीड़ित परिवार मन बर कुल 1 करोड़ रुपए के आर्थिक सहायता स्वीकृत करे गे हे।
राज्य सरकार के ए पहल के तहत नक्सली हिंसा म मारे गे आम नागरिक मन के परिवार ला आर्थिक संबल देय के कोशिश करे गे हे। जिला के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन म जिला प्रशासन ह छत्तीसगढ़ नक्सलवाद पुनर्वास नीति के प्रावधान मन के तहत सहायता राशि स्वीकृत करे हे।
बीजापुर जिला म नक्सली हिंसा के चलते अपन परिवार के सदस्य ला खो चुके परिवार मन बर सरकार के तरफ ले देय गे ए आर्थिक मदद सिरिफ एक राशि नइ, बल्कि कठिन समय म परिवार के साथ खड़े रहे के एक प्रयास के रूप म देखे जा सकथे। नक्सली हिंसा म अपन कमाऊ सदस्य या परिवार के महत्वपूर्ण सदस्य ला खोना परिवार बर बेहद पीड़ादायक अनुभव होथे। अइसने परिस्थिति म आर्थिक संकट के सामना करना भी परिवार मन बर बड़ी चुनौती बन जाथे। एही बात ला ध्यान म रखत राज्य सरकार ह पुनर्वास नीति के तहत सहायता उपलब्ध कराय हे।
11 पीड़ित परिवार मन ला 55 लाख रुपए के आर्थिक सहायता
बीजापुर कलेक्टर श्री विश्वदीप ह नक्सली हिंसा म आम नागरिक मन के मृत्यु से जुड़े 11 प्रकरण म लाभार्थी परिवार मन बर कुल 55 लाख रुपए के सहायता राशि स्वीकृत करे हे। मतलब प्रत्येक लाभार्थी ला औसतन 5 लाख रुपए के आर्थिक सहायता मिलही।
ए सहायता राशि के उद्देश्य पीड़ित परिवार मन ला तत्काल आर्थिक संबल देना अउ उनकर पुनर्वास म मदद करना हे। नक्सली हिंसा के कारण परिवार के सदस्य के मृत्यु होए के बाद कई परिवार मन के सामने रोजी-रोटी, बच्चों के पढ़ई अउ परिवार के भविष्य ला लेके कई तरह के चिंता खड़ा हो जाथे।
सरकार के तरफ ले स्वीकृत ए आर्थिक सहायता अइसने परिवार मन बर कुछ हद तक राहत के आधार बन सकथे। सहायता राशि के माध्यम ले परिवार अपन जरूरी जरूरत मन ला पूरा कर सकहीं अउ भविष्य के बर भी कुछ आर्थिक सुरक्षा तैयार कर सकहीं।
जिला प्रशासन के तरफ ले ए सहायता राशि ला नीति के प्रावधान के मुताबिक पात्र लाभार्थी मन तक पहुंचाय के प्रक्रिया करे जा रही हे।
डीबीटी के माध्यम ले सीधे बैंक खाता म पहुंचही पैसा
पीड़ित परिवार मन ला स्वीकृत आर्थिक सहायता राशि के भुगतान म पारदर्शिता अउ सुविधा ला ध्यान म रखे गे हे। सहायता राशि के 50 प्रतिशत हिस्सा लाभार्थी के आधार से जुड़े बचत बैंक खाता म डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के माध्यम ले सीधे जमा करे जाही।
एकर ले लाभार्थी परिवार मन ला सरकारी दफ्तर के चक्कर काटे के जरूरत कम होही अउ सहायता राशि सीधे उनकर बैंक खाता तक पहुंचही।
स्वीकृत सहायता राशि के बाकी 50 प्रतिशत हिस्सा किसी राष्ट्रीयकृत अथवा अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक म तीन साल के सावधि जमा यानी एफडी के रूप म रखे जाही। ए व्यवस्था के पीछे उद्देश्य पीड़ित परिवार मन ला तत्काल आर्थिक सहायता के संग-संग भविष्य बर भी आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना हे।
तीन साल के लॉक-इन अवधि के दौरान सावधि जमा म मिलत तिमाही ब्याज लाभार्थी के बैंक खाता म सीधे जमा करे जाही। सावधि जमा के अवधि पूरा होए के बाद मूलधन के राशि भी सीधे लाभार्थी के खाता म जमा कराय जाही।
ए व्यवस्था के चलते पीड़ित परिवार मन ला सहायता राशि के एक हिस्सा तत्काल जरूरत मन बर उपयोग करे के सुविधा मिलही, जबकि बाकी राशि भविष्य के आर्थिक जरूरत बर सुरक्षित रहही।
3 परिवार मन ला सरकारी नौकरी के बदला 45 लाख रुपए
छत्तीसगढ़ नक्सलवाद पुनर्वास नीति म नक्सली हिंसा म मारे गे आम नागरिक मन के आश्रित परिवार मन बर सरकारी नौकरी या ओकर बदला आर्थिक सहायता देय के प्रावधान रखे गे हे।
ए नीति के तहत अगर किसी पीड़ित परिवार के पात्र सदस्य ला शासकीय सेवा देय संभव नइ हो पाथे, त अइसने स्थिति म परिवार ला सरकारी नौकरी के बदला आर्थिक सहायता देय के प्रावधान हे।
एही प्रावधान के तहत बीजापुर जिला म 3 प्रकरण म मृतक मन के परिजन मन ला सरकारी नौकरी के बदला आर्थिक सहायता देय के फैसला करे गे हे। ए तीनों परिवार मन ला प्रति परिवार 15 लाख रुपए के हिसाब ले कुल 45 लाख रुपए के आर्थिक सहायता स्वीकृत करे गे हे।
ए सहायता उन परिवार मन बर महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बन सकथे, जेन मन नक्सली हिंसा म अपन परिवार के सदस्य ला खोय हवंय अउ जेनकर आश्रित मन ला शासकीय सेवा देय संभव नइ हो पाइस।
सरकार के ए फैसला ले पीड़ित परिवार मन ला अपन भविष्य ला दोबारा व्यवस्थित करे म मदद मिल सकथे। खासकर परिवार के कमाऊ सदस्य के मृत्यु के बाद आर्थिक रूप ले कमजोर होए परिवार मन बर ए सहायता एक महत्वपूर्ण संबल साबित हो सकथे।
नक्सली हिंसा पीड़ित परिवार मन के पुनर्वास ऊपर सरकार के जोर
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र मन म लंबे समय ले हिंसा के चलते आम नागरिक मन के जीवन ऊपर गंभीर असर पड़े हे। कई परिवार मन अपन परिजन ला खोय हवंय, त कई परिवार मन ला विस्थापन अउ आर्थिक संकट के सामना करना पड़े हे।
नक्सली हिंसा के खिलाफ सुरक्षा अभियान के संग-संग प्रभावित परिवार मन के पुनर्वास अउ उनकर जीवन ला सामान्य पटरी म लाय के कोशिश भी जरूरी हे। सरकार के पुनर्वास नीति ए दिशा म एक महत्वपूर्ण व्यवस्था के रूप म काम करत हे।
बीजापुर म स्वीकृत सहायता राशि ला एही व्यापक नीति के हिस्सा के रूप म देखे जा सकथे। सरकार के कोशिश हे कि हिंसा से प्रभावित परिवार मन ला आर्थिक मदद के संग सम्मानजनक जीवन जीए बर जरूरी आधार मिल सके।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संवेदनशील पहल
राज्य सरकार के तरफ ले जारी जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ह नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवार मन के प्रति संवेदनशीलता दिखावत उनकर राहत अउ पुनर्वास ला प्राथमिकता देय ऊपर जोर दे हवंय।
नक्सली हिंसा म अपन परिवार के सदस्य ला खो चुके लोगन बर आर्थिक सहायता सिरिफ सरकारी योजना के हिस्सा नइ, बल्कि संकट के समय म सरकार के तरफ ले परिवार के साथ खड़े रहे के संदेश भी देथे।
एही सोच के तहत बीजापुर जिला म पात्र परिवार मन ला सहायता उपलब्ध कराय गे हे। राज्य सरकार के ए पहल ले पीड़ित परिवार मन ला अपन जीवन ला फेर से व्यवस्थित करे म मदद मिल सकथे।
सहायता राशि से परिवार मन ला मिलही आर्थिक सुरक्षा
पीड़ित परिवार मन ला 55 लाख रुपए के सहायता अउ तीन परिवार मन ला सरकारी नौकरी के बदला 45 लाख रुपए के आर्थिक मदद मिलाय के बाद कुल 1 करोड़ रुपए के सहायता राशि स्वीकृत करे गे हे।
ए राशि के एक हिस्सा सीधे डीबीटी के माध्यम ले लाभार्थी मन के खाता म पहुंचही, जबकि बाकी राशि सावधि जमा के रूप म सुरक्षित रखे जाही। ए व्यवस्था ले तत्काल जरूरत अउ भविष्य के आर्थिक सुरक्षा, दूनों ला ध्यान म रखे गे हे।
सरकार के तरफ ले सहायता देय के ए तरीका परिवार मन ला आर्थिक रूप ले मजबूत बनाए म मददगार हो सकथे। पीड़ित परिवार मन अपन बच्चों के पढ़ई, रोजमर्रा के जरूरत अउ भविष्य के योजना बर ए सहायता राशि के उपयोग कर सकहीं।
पीड़ित परिवार मन के साथ खड़े रहे के संदेश
बीजापुर जइसने नक्सल प्रभावित जिला म हिंसा के चलते प्रभावित परिवार मन ला राहत अउ पुनर्वास देय राज्य सरकार के प्राथमिकता म शामिल हे। आर्थिक सहायता के ए फैसला ले सरकार ह साफ संदेश देय के कोशिश करे हे कि हिंसा म अपन परिजन ला खो चुके परिवार मन अकेला नइ हवंय।
राज्य सरकार के ए संवेदनशील पहल ले पीड़ित परिवार मन ला आर्थिक सुरक्षा के संग सम्मानजनक पुनर्वास के आधार मिलत हे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व म राज्य सरकार अउ जिला प्रशासन के तरफ ले करे गे ए पहल नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवार मन के जीवन ला दोबारा सामान्य दिशा म लाय के कोशिश के रूप म देखे जा सकथे।
फिलहाल बीजापुर जिला म 11 लाभार्थी मन बर 55 लाख रुपए के सहायता राशि अउ 3 परिवार मन बर सरकारी नौकरी के बदला 45 लाख रुपए के सहायता स्वीकृत करे गे हे। ए तरह नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवार मन बर कुल 1 करोड़ रुपए के आर्थिक सहायता उपलब्ध कराय गे हे। राज्य सरकार के ए कदम ले पीड़ित परिवार मन ला आर्थिक संबल मिलही अउ पुनर्वास के प्रक्रिया ला भी मजबूती मिलही।
