रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र मं विपक्ष के लाए गे अविश्वास प्रस्ताव ऊपर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह जोरदार जवाब देत कहिन कि ये प्रस्ताव भाजपा सरकार के खिलाफ नइ, बल्कि प्रदेश के करीब तीन करोड़ जनता के जनादेश, किसान मन के भरोसा अउ महतारी-बहिनी मन के आशीर्वाद के खिलाफ रहिस। मुख्यमंत्री के मुताबिक, जनता के प्रचंड समर्थन के आगू विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पूरी तरह धराशायी होगे अउ सदन मं ओकर कोनो ठोस आधार दिखाई नइ दिस।
मुख्यमंत्री साय ह विधानसभा मं अपन जवाब के दौरान कहिन कि लोकतंत्र मं अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष के अधिकार आय, फेर एकर आधार तथ्य, प्रमाण अउ जनहित के मुद्दा होना चाही। अगर प्रस्ताव सिरिफ राजनीतिक उद्देश्य ले लाए जाही अउ ओकर पाछू ठोस तर्क नइ होही, त वो ह जनता अउ सदन दूनों के भरोसा हासिल नइ कर सकय।
उनकर कहना रहिस कि विपक्ष ह सरकार ऊपर कई आरोप लगाइस, फेर जब जवाब देय के बेरा आइस त सत्ता पक्ष ह हर सवाल के आंकड़ा, तथ्य अउ सरकारी कामकाज के आधार ऊपर स्पष्ट जवाब दिस। एही कारण ले अविश्वास प्रस्ताव सदन मं टिक नइ सकिस अउ खारिज होगे।
मुख्यमंत्री ह कहिन कि छत्तीसगढ़ के जनता पिछला विधानसभा चुनाव मं भाजपा ऊपर भरोसा जतावत स्पष्ट जनादेश देहे हे। सरकार ओही भरोसा के सम्मान करत सेवा, सुशासन, सुरक्षा अउ विकास के चार मजबूत आधार ऊपर काम करत हे। प्रदेश सरकार के प्राथमिकता सिरिफ योजना बनाना नइ, बल्कि ओकर लाभ गांव-गांव अउ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना आय।
साय ह कहिन कि सरकार किसान मन के आय बढ़ाय, महिला सशक्तिकरण, युवा मन बर रोजगार के अवसर तैयार करे, शिक्षा अउ स्वास्थ्य सुविधा मजबूत करे, आदिवासी इलाका के विकास अउ बुनियादी सुविधा विस्तार जइसने कई महत्वपूर्ण क्षेत्र मं लगातार काम करत हे। सरकार के प्रयास हे कि प्रदेश के हर वर्ग ला विकास के मुख्यधारा ले जोड़े जाए।
मुख्यमंत्री के अनुसार, विपक्ष ह अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम ले सरकार के विकास यात्रा ऊपर सवाल उठाय के कोशिश करिस, फेर सदन मं प्रस्तुत तथ्य मन ले साफ होगे कि सरकार अपन जिम्मेदारी के निर्वहन मं लगातार सक्रिय हे। उनकर कहना रहिस कि जनता के भरोसा सरकार के सबसे बड़े ताकत आय अउ ओही भरोसा ले प्रेरित होके सरकार हर दिन काम करत हे।
साय ह ये घलो कहिन कि लोकतंत्र मं विपक्ष के भूमिका महत्वपूर्ण होथे, काबर मजबूत विपक्ष सरकार ला जवाबदेह बनाथे। फेर विपक्ष के आलोचना रचनात्मक होना चाही। केवल राजनीतिक लाभ खातिर आरोप लगाय ले जनता के समस्या के समाधान नइ होवय। जनता चाहथे कि सत्ता पक्ष अउ विपक्ष दुनों मिलके प्रदेश के विकास बर सकारात्मक भूमिका निभावंय।
मुख्यमंत्री ह विधानसभा मं सरकार के विभिन्न पहल के जिक्र करत कहिन कि राज्य सरकार प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाय, भ्रष्टाचार ऊपर नियंत्रण रखे, सरकारी योजना मन के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करे अउ विकास के गति तेज करे बर लगातार प्रयासरत हे। सरकार के मंशा हे कि शहर ले लेकर दूरस्थ वनांचल तक विकास के समान अवसर पहुंचे।
उनकर कहना रहिस कि किसान मन बर संचालित योजना, महिला मन बर आर्थिक सशक्तिकरण के कार्यक्रम, गरीब परिवार मन बर सामाजिक सुरक्षा योजना, सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य अउ शिक्षा जइसने क्षेत्र मं सरकार लगातार निवेश करत हे। ए सब काम जनता के जीवन स्तर बेहतर बनाय के उद्देश्य ले करे जात हे।
मुख्यमंत्री साय ह साफ शब्द मं कहिन कि विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के असफलता ये साबित कर देथे कि सरकार के कामकाज ऊपर जनता के भरोसा आज घलो मजबूत बने हुए हे। जनता के विश्वास ले बढ़के सरकार बर कोनो सम्मान नइ हो सकय। एही भरोसा सरकार ला अउ बेहतर काम करे के प्रेरणा देथे।
राजनीतिक दृष्टिकोण ले देखे जावय त अविश्वास प्रस्ताव लोकतांत्रिक व्यवस्था के एक संवैधानिक प्रक्रिया आय, जेनकर माध्यम ले विपक्ष सरकार के नीति अउ कार्यशैली ऊपर सवाल उठाथे। फेर प्रस्ताव के सफलता बर सदन के बहुमत के समर्थन जरूरी होथे। विधानसभा मं ए प्रस्ताव पारित नइ हो सकिस, जेनला भाजपा ह जनता के भरोसा के जीत के रूप मं प्रस्तुत करत हे।
मुख्यमंत्री ह अपन संबोधन मं ये भरोसा घलो जताइस कि प्रदेश सरकार भविष्य मं घलो विकास के अभियान ला लगातार आगे बढ़ावत रहिही। उनकर कहना रहिस कि सेवा, सुशासन, सुरक्षा अउ विकास भाजपा सरकार के मूल संकल्प आय अउ सरकार बिना भेदभाव के हर नागरिक तक विकास के लाभ पहुंचाय बर प्रतिबद्ध हे।
साय ह आखिर मं कहिन कि “छत्तीसगढ़ के जनता के भरोसा हमर सबसे बड़े ताकत आय। विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव ले सरकार के दिशा नइ बदलय। जनता जऊन जिम्मेदारी सौंपे हे, ओला पूरा निष्ठा, ईमानदारी अउ समर्पण के संग निभाय जाही।”
विधानसभा मं मुख्यमंत्री के जवाब के बाद राजनीतिक माहौल अउ गरमा गे हे। सत्ता पक्ष एला जनता के विश्वास के जीत बतावत हे, जबकि विपक्ष अपन मुद्दा ऊपर कायम रहे के बात कहत हे। आने वाला समय मं विधानसभा के भीतर विकास, जनकल्याण, किसान, रोजगार अउ कानून व्यवस्था जइसने विषय मन ऊपर सत्ता पक्ष अउ विपक्ष के बीच बहस जारी रहे के संभावना हे।
