कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) । छत्तीसगढ़ मं मानसून के रफ्तार अभी सुस्त जरूर हे, फेर खेती-किसानी ला ध्यान मं रखत सिंचई व्यवस्था मजबूत बनाय बर जल संसाधन विभाग सक्रिय होगे हे। खरीफ सीजन मं किसान मन ला समय पर पानी मिलय, एला सुनिश्चित करे बर बांगो बांध ले दूनों मुख्य नहर मं लगातार पानी छोड़े जात हे। ए काम बर बांगो हाइडल पावर प्लांट के दू यूनिट पिछले करीब 30 घंटा ले लगातार संचालित होवत हें, जेन ले 80 मेगावाट बिजली के उत्पादन घलो होवत हे।
सिंचई बर लगातार पानी छोड़े जाय के चलते जुलाई महिना मं पहली बेर बांगो बांध के जलस्तर मं गिरावट दर्ज करे गे हे। हालांकि विभाग के अधिकारी मन के कहना हे कि बांध मं अभी घलो पर्याप्त पानी संग्रहित हे अउ किसान मन ला सिंचई बर पानी के कऊनो दिक्कत नइ होही।
पहिलीच बेर जुलाई मं घटिस जलस्तर
बुधवार बिहान बांगो बांध के जलस्तर 352.74 मीटर दर्ज करे गे, जबकि एक दिन पहिली ए 352.78 मीटर रहिस। मतलब 24 घंटा मं जलस्तर मं 4 सेंटीमीटर के कमी आय हे।
अभी बांध मं 1,807.02 मिलियन घन मीटर पानी संग्रहित हे, जऊन ओकर कुल जल भंडारण क्षमता के 62.43 प्रतिशत आय। विभाग के मुताबिक पिछले डेढ़ महीना मं बांध मं करीब 253.48 मिलियन घन मीटर पानी के आवक होइस, फेर अभी बरसात थम जाय के कारण नवा पानी के आवक लगभग बंद होगे हे।
दूनों मुख्य नहर मं 5 हजार ले जियादा क्यूसेक पानी छोड़े जात हे
खरीफ खेती के जरूरत ला देखते हुए बांगो बांध ले दूनों मुख्य नहर मं अभी कुल 5,064.57 क्यूसेक पानी छोड़े जात हे।
एमा—
- दाहिनी तट नहर मं 2,729.07 क्यूसेक
- बांयी तट नहर मं 2,335.50 क्यूसेक पानी प्रवाहित होवत हे।
ए नहर मन के माध्यम ले जांजगीर-चांपा, सक्ती अउ रायगढ़ जिला के हजारों किसान मन के खेत तक सिंचई के पानी पहुंचत हे। ए पानी ले धान सहित दूसर खरीफ फसल मन ला समय पर सिंचई मिलही, जेन ले उत्पादन बढ़े के उम्मीद जताय जात हे।
सिंचई संग बिजली उत्पादन घलो जारी
बांगो हाइडल पावर प्लांट के कुल उत्पादन क्षमता 120 मेगावाट आय, फेर वर्तमान मं तीन मं ले दू यूनिटच चलत हें।
ए दू यूनिट के माध्यम ले अभी 80 मेगावाट बिजली बनत हे। मतलब सिंचई बर पानी छोड़े जाय के संग-संग राज्य ला बिजली उत्पादन के फायदा घलो मिलत हे।
विभाग के मुताबिक जरूरत अनुसार नहर मं पानी के मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाय जात हे। दूनों नहर के अधिकतम क्षमता 4,200-4,200 क्यूसेक आय। जरूरत पड़ही त पूरा क्षमता ले पानी छोड़े जाही।
पिछला साल ले जियादा पानी, किसान मन ला नइ होही चिंता
जल संसाधन विभाग के अधिकारी मन बताइन कि ए साल बांगो बांध के जलस्तर पिछले साल के तुलना मं करीब तीन मीटर जियादा हे।
एखर मतलब साफ हे कि बरसात कम होय के बावजूद सिंचई बर पर्याप्त पानी उपलब्ध हे। किसान मन ला पानी के कमी के डर नइ रखना चाही।
नहर मं पानी छोड़े जाय के कारण अभी तक दर्री बैराज के गेट खोले के जरूरत घलो नइ परे हे।
किसान के जरूरत अनुसार बढ़त हे पानी के मात्रा
हसदेव दर्री बैराज के एसडीओ पी.के. टोप्पो बताइन कि किसान मन के मांग के हिसाब ले बिहान अउ सांझ नहर मं पानी के मात्रा बढ़ाय जात हे।
ओमन कहिन कि बांध के जलस्तर ऊपर लगातार नजर रखे जात हे। अगर खेती बर जरूरत बढ़ही त नहर मं पूरा क्षमता ले पानी छोड़े जाही।
कम बरसात बने हे चिंता के विषय
इही बीच कोरबा जिला मं मानसून के चाल अभी घलो कमजोर बने हे। आषाढ़ महिना के आधा समय बीत जाय के बाद घलो लगातार तीन दिन ले जिला मं एको बूंद दर्ज बरसात नइ होय।
मानसून सीजन मं अब तक जिला मं 277.5 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज करे गे हे, जबकि पिछले दस बछर के औसत 351.7 मिलीमीटर रहिस।
मतलब ए साल अभी तक जिला मं 21.1 प्रतिशत कम बारिश होइस। हालांकि मंगलवार के दिन कुछ इलाका मं हल्की बूंदाबांदी जरूर दर्ज करे गे रहिस।
खरीफ बोआई ऊपर दिखत हे असर
बरसात कम होय के असर खेती ऊपर साफ दिखाई देत हे। जिला मं खरीफ फसल के कुल रकबा 1 लाख 37 हजार 490 हेक्टेयर आय, फेर अब तक करीब 40 प्रतिशत क्षेत्र मं ही बोआई पूरा हो पाए हे।
कृषि विभाग के उप संचालक डी.पी.एस. कंवर बताइन कि किसान मन धीरे-धीरे धान के संग दलहन अउ तिलहन फसल के बुवाई घलो करत हें।
ओमन उम्मीद जताइन कि अगर आने वाले दिन मं अच्छी बरसात होही, त बोआई के काम तेजी पकड़ही अउ किसान मन ला बेहतर उत्पादन मिले के संभावना बढ़ जाही।
सिंचई व्यवस्था ले किसान मन ला राहत
मानसून कमजोर जरूर हे, फेर बांगो बांध मं पर्याप्त पानी अउ समय रहते नहर मं पानी छोड़े जाय के फैसला ले किसान मन ला राहत मिलिस हे। विभाग के दावा हे कि अगर मौसम मं सुधार होथे त खेती के काम अउ तेज होही, अउ सिंचई व्यवस्था के चलते पानी के कमी के स्थिति पैदा नइ होही।
राज्य के कृषि आधारित अर्थव्यवस्था बर ए व्यवस्था काफी महत्वपूर्ण माने जात हे, काबर समय पर सिंचई मिलना धान उत्पादन अउ किसान के आय दूनों बर जरूरी आय।
