कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) | छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला मं हाथी मन के आवाजाही एक बार फेर चिंता के कारण बन गे हे। वन मंडल कोरबा अंतर्गत कुदमुरा रेंज अउ करतला रेंज मं हाथी मन के लगातार गतिविधि देखे जात हे। जानकारी अनुसार, 9 हाथी के झुंड करतला रेंज ले केराकछार (पसरखेत क्षेत्र) पहुंच गे हे, जबकि एक दंतैल हाथी धरमजयगढ़ क्षेत्र ले लौटके फेर चचिया के जंगल मं देखे गे हे।
ए स्थिति ला गंभीरता ले लेते वन विभाग ह आसपास के 19 गांव मं मुनादी कराके ग्रामीण मन ला सतर्क कर दीस हे। विभाग के अधिकारी मन लगातार हाथी मन के मूवमेंट ऊपर नजर बनाए हवंय अउ ग्रामीण मन ला जंगल अउ हाथी वाले इलाका ले दूर रहय के सलाह देत हवंय।
दू अलग-अलग दिशा मं हाथी मन के गतिविधि
वन विभाग ले मिले जानकारी मुताबिक, धरमजयगढ़ दिशा ले आवत दंतैल हाथी दू दिन बाद फेर कोरबा वन क्षेत्र मं लौट आए हे। ओकर मौजूदगी चचिया जंगल मं दर्ज करे गे हे।
दूसर तरफ 9 हाथी के झुंड करतला रेंज ले आगे बढ़के पसरखेत के केराकछार पहुंच गे हे। अधिकारी मन के अनुसार, हाथी मन अब एके जगह लंबे समय तक नई रुकत हवंय। लगातार इलाका बदलत रहिथें, एखर से ओमन के अगला ठिकाना के सही अनुमान लगाना कठिन हो जाथे।
19 गांव मं मुनादी, ग्रामीण मन ला दीस चेतावनी
हाथी मन के बढ़त गतिविधि ला देखते वन विभाग ह प्रभावित गांव मन मं मुनादी कराके नागरिक मन ला सतर्क करे हे। विभाग ह ग्रामीण मन ला साफ कहे हे कि बिना जरूरी काम जंगल के भीतर झन जावंय।
चचिया, करतला अउ पसरखेत के आसपास बसे गांव मन के लोगन ला विशेष सावधानी बरते के सलाह दी गे हे, काबर दंतैल हाथी कोनो घलो दिशा मं बढ़ सकथे।
वन अमला लगातार गांव-गांव पहुंचके लोगों ला हाथी दिखे के स्थिति मं अपनाय जाय वाली सावधानी के जानकारी देत हे।
खेती के मौसम ले बढ़ गे जोखिम
अभी खेती-किसानी के काम चरम मं चलत हे। ए समय किसान मन बिहान लेच खेत अउ जंगल किनारे के इलाका मं पहुंच जाथें। कई गांव के खेत जंगल लगे हवंय, जेन ले हाथी मन संग सामना होय के संभावना बढ़ जाथे।
वन विभाग ह किसान मन ले अपील करे हे कि अकेले खेत झन जावंय, समूह मं जावंय अउ हाथी के मौजूदगी के जानकारी मिलतेच सुरक्षित जगह मं लौट आवंय।
दंतैल हाथी ले सबसे जियादा खतरा
वन अधिकारी मन के मुताबिक, झुंड के मुकाबला दंतैल हाथी के व्यवहार कई बेर अधिक आक्रामक हो सकथे। ए कारण ले ओकर गतिविधि ऊपर विशेष नजर रखे जात हे।
चचिया गांव कुदमुरा, करतला अउ पसरखेत रेंज के बीच मं पड़थे। एखर से दंतैल हाथी कोनो घलो समय अलग-अलग दिशा मं बढ़ सकथे। विभाग लगातार ट्रैकिंग करत हे ताकि समय रहते गांव मन ला सूचना दी जा सके।
हाल के घटना ले बढ़िस चिंता
पिछला हफ्ता हाथी मन संग सामना होय के दौरान एक ग्रामीण के मौत हो गे रहिस। ए घटना के बाद ले गांव मन मं डर के माहौल बने हे।
ए घटना ले सीख लेते वन विभाग ह अब निगरानी अउ जनजागरूकता अभियान तेज कर दीस हे। अधिकारी मन के कहना हे कि अगर ग्रामीण सावधानी बरतहीं त मानव-हाथी संघर्ष के संभावना काफी हद तक कम हो सकथे।
वन विभाग करथे लगातार निगरानी
वन विभाग के टीम दिन-रात हाथी मन के मूवमेंट के निगरानी करत हे। ट्रैकिंग टीम हाथी मन के पदचिन्ह, आवाजाही अउ संभावित दिशा ऊपर नजर रखत हे।
जइसेच हाथी मन के दिशा बदलथे, तुरंत आसपास के गांव मन ला सूचना भेजे जात हे। जरूरत पड़तच विभाग के कर्मचारी मौके मं पहुंचके ग्रामीण मन ला सुरक्षित स्थान मं रहय के सलाह देथें।
ग्रामीण मन बर जरूरी सावधानी
वन विभाग ह हाथी प्रभावित इलाका के लोगन बर कुछ महत्वपूर्ण सलाह जारी करे हे—
- जंगल मं अकेले झन जावंय।
- बिहान अउ संझा के समय विशेष सावधानी बरतव।
- हाथी दिखय त ओकर नजदीक जाय या फोटो-वीडियो बनाय के कोशिश झन करव।
- हाथी ला उकसावय या भगाय के प्रयास झन करव।
- लइका मन ला जंगल किनारे खेलाय बर झन भेजव।
- हाथी के जानकारी मिलतेच तत्काल वन विभाग या स्थानीय प्रशासन ला सूचना देवव।
- रात मं जंगल किनारे अनावश्यक आवाजाही ले बचव।
मानव-हाथी संघर्ष रोकना सबके जिम्मेदारी
विशेषज्ञ मन के अनुसार, बरसात अउ खेती के मौसम मं हाथी मन अक्सर भोजन अउ सुरक्षित रास्ता खोजत गांव लगे पहुंच जाथें। ए समय ग्रामीण मन के सतर्कता अउ वन विभाग के समन्वय ले बड़े हादसा रोके जा सकथे।
हाथी संरक्षित वन्यजीव हवंय, एखर से ओमन के सुरक्षा संग-संग मानव जीवन के सुरक्षा घलो जरूरी हे। ए कारण ले प्रशासन लगातार समझाइश अउ निगरानी के काम करत हे।
प्रशासन के अपील
वन विभाग अउ जिला प्रशासन आम नागरिक मन ले अपील करे हवंय कि अफवाह ऊपर भरोसा झन करव। हाथी के गतिविधि संबंधी जानकारी सिरिफ वन विभाग या प्रशासन के आधिकारिक सूचना लेच लेवव।
अगर कोनो गांव मं हाथी दिखय, त तुरंत संबंधित वन अमला या स्थानीय प्रशासन ला जानकारी देवव, ताकि समय रहते जरूरी कार्रवाई करे जा सके।
